भारत-रूस के ऐतिहासिक संबंधों की 79वीं वर्षगांठ पर साइकिल रैली का आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत और रूस के बीच के संबंधों का इतिहास बहुत गहरा है। इन दोनों देशों ने कठिन समय में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने के लिए, भारत और रूस के दूतावास नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। यह कार्यक्रम दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का एक अवसर प्रदान करते हैं। हाल ही में, नई दिल्ली में स्थित रूस के दूतावास ने एक साइकिल रैली का आयोजन किया।
इस रैली में रूस के दूतावास के उच्च अधिकारी, दिल्ली और अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भाग लेने वालों ने इसे न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बल्कि भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण बताया।
रूसी दूतावास में मिनिस्टर काउंसलर और डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रोमन बाबुश्किन ने कहा, "यह रैली एक परंपरा का रूप ले चुकी है। हमें उम्मीद है कि अगले साल, जब हम राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ मनाएंगे, तो इस बार और भी अधिक लोग शामिल होंगे।"
रूसी दूतावास के प्रेस सचिव पेट्र सिजोव ने कहा, "इस रैली में मैं और भी ज्यादा लोगों को जोड़ने की इच्छा रखता हूँ। वर्तमान में, हमारे पास भारत के विभिन्न हिस्सों से लगभग 700 प्रतिभागी हैं।"
पूर्वी दिल्ली से आए एक प्रतिभागी ने कहा कि इस रैली का आयोजन बहुत ही उत्कृष्ट ढंग से किया गया है। हमने पिछले साल भी इसमें भाग लिया था। मैं चाहता हूँ कि ऐसे कार्यक्रम होते रहें। मेरा संदेश है कि सभी को सप्ताह में कम से कम एक बार साइकिल चलानी चाहिए। यह सेहत के लिए बहुत लाभकारी है।
एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि "रूसी दूतावास का यह प्रयास बहुत सराहनीय है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और रूस की सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना है। मुझे लगता है कि उन्हें और ऐसे आयोजन करने चाहिए।"