सीडब्ल्यूजी 2026 में भारतीय मुक्केबाजों के 7 गोल्ड, पीटी उषा बोलीं — 'यह भारत का सुनहरा दिन'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों और एथलीटों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ग्लासगो में 2 अगस्त 2026 को उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि शब्दों में बयाँ करना उनके लिए संभव नहीं है।
ऐतिहासिक प्रदर्शन: एक दिन में 16 मेडल
शनिवार को भारतीय मुक्केबाजों ने सीडब्ल्यूजी 2026 में 7 गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया — यह इस प्रतियोगिता में देश का अब तक का सबसे बड़ा एकल-दिवसीय स्वर्ण पदक आँकड़ा है। एक ही दिन में कुल 16 मेडल जीते गए, जिनमें से 10 मेडल अकेले मुक्केबाजों ने दिलाए।
यह सीडब्ल्यूजी मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। गौरतलब है कि भारत ने सीमित संख्या में स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हुए भी यह कीर्तिमान स्थापित किया।
पीटी उषा की भावनात्मक प्रतिक्रिया
दिग्गज स्प्रिंटर से प्रशासक बनीं पीटी उषा ने विजेता एथलीटों को पोडियम पर राष्ट्रगान के साथ सम्मानित होते देख अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ, यह भारत के लिए एक सुनहरा दिन है। हर बार जब हमारे मुक्केबाज गोल्ड मेडल जीतते हैं और पोडियम पर राष्ट्रगान बजता है, तो यह मेरे और हमारे देश दोनों के लिए बेहद गर्व का क्षण होता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं शब्दों में पूरी तरह से बयाँ नहीं कर सकती कि मैं कितना गर्व और खुशी महसूस कर रही हूँ।'
मेडल टेबल में उछाल: 10वें से चौथे स्थान पर
कुल 39 मेडल जीतकर भारत मेडल टेबल में 10वें स्थान से उछलकर चौथे स्थान पर पहुँच गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि भारत ने सीमित स्पर्धाओं में भाग लिया था।
उषा ने सरकारी समर्थन की सराहना करते हुए कहा, 'हमारी सरकार और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एथलीटों को प्रेरित करते हैं, उनके लौटने पर बधाई देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उन्हें जो भी समर्थन चाहिए, वह मिले।'
पर्दे के पीछे की टीम का योगदान
आईओए प्रमुख ने यह भी रेखांकित किया कि पोडियम पर दिखने वाली सफलता एक पूरे इकोसिस्टम का परिणाम होती है। उन्होंने कहा, 'हर खिलाड़ी के पीछे एक समर्पित टीम होती है — कोच, डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, मसाज स्पेशलिस्ट और मेंटल ट्रेनर।'
उन्होंने जोड़ा कि सरकार, भारतीय ओलंपिक संघ और विभिन्न खेल संघों के सामूहिक सहयोग से खिलाड़ियों को वह समर्थन मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं। यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की बढ़ती दावेदारी का संकेत देता है।