CWG 2026: निरुपमा देवी सेराम 63 किग्रा वेटलिफ्टिंग में DNF, क्लीन एंड जर्क के तीनों प्रयास विफल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय भारोत्तोलक निरुपमा देवी सेराम के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के महिला 63 किलोग्राम वर्ग का मुकाबला 28 जुलाई, मंगलवार को ग्लासगो में बेहद निराशाजनक रहा। क्लीन एंड जर्क राउंड में 123 किलोग्राम के तीनों प्रयास नाकाम रहने के बाद उन्हें 'डिड नॉट फिनिश' (DNF) घोषित कर दिया गया। इस परिणाम के साथ निरुपमा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने में नाकाम रहने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर बन गईं।
स्नैच में आंशिक सफलता, क्लीन एंड जर्क में पूरी तरह विफलता
स्नैच राउंड में निरुपमा ने पहले प्रयास में 93 किलोग्राम उठाने में असफलता का सामना किया, लेकिन दूसरे प्रयास में वही वजन सफलतापूर्वक उठाया। 95 किलोग्राम के तीसरे और अंतिम प्रयास में वह सफल नहीं हो सकीं। इस तरह स्नैच में उनका कुल स्कोर 93 किलोग्राम रहा।
इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में 123 किलोग्राम के सभी तीन प्रयास विफल रहे, जिससे उनका इवेंट DNF के साथ समाप्त हो गया। तीन बार की गोल्ड मेडलिस्ट मीराबाई चानू की मौजूदगी और टीम साथियों के उत्साहवर्धन के बावजूद निरुपमा प्रदर्शन को अंजाम तक नहीं पहुँचा सकीं।
कनाडा की चारोन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड
महिला 63 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की पूर्व ओलंपिक चैंपियन मौड चारोन ने कुल 232 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जो एक गेम्स रिकॉर्ड है। उन्होंने स्नैच में 102 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 130 किलोग्राम — दोनों में गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किए।
इंग्लैंड की सारा डेविस स्मेल ने 95+122 = 217 किलोग्राम के कुल वजन के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। नौरू की फेमिली-क्रिस्टी नोटे ने 100+116 = 216 किलोग्राम उठाकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।
भारत का वेटलिफ्टिंग में अब तक का प्रदर्शन
निरुपमा के DNF से पहले भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के वेटलिफ्टिंग मुकाबलों में कुल 7 पदक जीते थे — 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज।
सोमवार को मीराबाई चानू ने भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था। इसी दिन ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम इवेंट में सिल्वर और बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम इवेंट में ब्रॉन्ज जीता — यह बिंद्यारानी का लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है। पुरुषों के 79 किलोग्राम मुकाबले में वल्लुरी अजय बाबू मलेशिया के मुहम्मद एरी हिदायत से महज 1 किलोग्राम के अंतर से गोल्ड से चूक गए।
आगे भारत की क्या उम्मीदें
वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भारत का अभियान जारी है और शेष इवेंट में पदक तालिका में और सुधार की संभावना बनी हुई है। निरुपमा की इस विफलता के बाद भारतीय दल के प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ की रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है, खासकर क्लीन एंड जर्क में वजन के चयन को लेकर।