फीफा विश्व कप से पहले अमेरिकी सीनेटरों की चेतावनी: इबोला खतरा, HHS में 20% कम स्टाफ
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटरों ने 10 जून को स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (HHS) के सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर को एक औपचारिक पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अमेरिका फीफा विश्व कप के दौरान संभावित सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं है। सीनेटर पैटी मरे और टिम केन के नेतृत्व में लिखे इस पत्र में इबोला के बढ़ते प्रकोप, हंतावायरस मामलों में असामान्य वृद्धि और संघीय स्वास्थ्य एजेंसियों में भारी स्टाफ कटौती को गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
सीनेटरों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में हुई कटौती के कारण HHS अब अपनी मूल क्षमता की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम क्षमता पर काम कर रहा है। पत्र में विस्तृत आँकड़े दिए गए हैं — फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) में 3,500, सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) में 3,400 और नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) में 4,600 पूर्णकालिक कर्मचारियों की संख्या घटी है। सीनेटरों ने कहा कि हजारों कर्मचारियों को या तो नौकरी से निकाला गया या पद छोड़ने पर मजबूर किया गया।
नेतृत्व की कमी पर चिंता
पत्र में यह भी उजागर किया गया कि HHS में सीनेट से पुष्टि होने वाले 18 पदों में से केवल 6 पर ही पुष्टि प्राप्त अधिकारी कार्यरत हैं। CDC, FDA और एडमिनिस्ट्रेशन फॉर स्ट्रैटजिक प्रिपेयर्डनेस एंड रिस्पॉन्स के पास स्थायी नेतृत्व नहीं है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका के पास फिलहाल सीनेट से पुष्टि प्राप्त सर्जन जनरल भी नहीं है — एक ऐसी रिक्तता जिसे सीनेटरों ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच विशेष रूप से चिंताजनक बताया।
विश्व कप और स्वास्थ्य जोखिम
सीनेटरों ने पत्र में लिखा, 'जब हमारा देश विश्व कप के लिए दुनियाभर से आने वाले यात्रियों का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है, तो यह बेहद जरूरी है कि हमारे पास सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को संभालने के लिए स्पष्ट और व्यापक योजनाएँ और संचार व्यवस्थाएँ हों।' उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सभी खाली सार्वजनिक स्वास्थ्य पद शीघ्र भरे जाएँ, संक्रमित या जोखिम में आए नागरिकों के इलाज की पारदर्शी योजना बनाई जाए और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जाए।
WHO से अलगाव और इबोला पर असर
सीनेटरों ने राष्ट्रपति ट्रंप के विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से बाहर निकलने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे इबोला से लड़ने के प्रयास गंभीर रूप से कमजोर हुए हैं। उनके अनुसार, इस कदम से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) की भारी कमी हुई, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बाधित हुई और प्रतिक्रिया में देरी के कारण वायरस को फैलने का अवसर मिला। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब इबोला का प्रकोप बढ़ रहा है और हंतावायरस के मामलों में भी असामान्य वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आगे क्या होगा
सीनेटरों ने प्रशासन पर 'विज्ञान-विरोधी एजेंडा' अपनाने और स्थिर नेतृत्व देने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज में रिक्त पदों को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के बीच विशेष रूप से खतरनाक बताया। यह देखना बाकी है कि HHS सचिव कैनेडी जूनियर इस पत्र का क्या जवाब देते हैं और क्या विश्व कप से पहले इन रिक्तियों को भरने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।