केरल खेल मंत्री ओ.जे. जानीश का बड़ा फैसला: राज्य खेल काउंसिल की सभी मान्यता प्राप्त एसोसिएशन का ऑडिट अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
केरल के खेल मंत्री ओ.जे. जानीश ने 3 जुलाई 2026 को केरल राज्य खेल काउंसिल से मान्यता प्राप्त प्रत्येक खेल एसोसिएशन का अनिवार्य ऑडिट कराने का आदेश दिया है। सरकार का स्पष्ट मत है कि खेल क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं पर अब कड़ी लगाम लगाई जाएगी। यह कदम वित्तीय कुप्रबंधन, पारदर्शिता की कमी और फर्जी भागीदारी प्रमाणपत्रों के आरोपों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।
ऑडिट प्रक्रिया और प्रश्नावली
खेल मंत्री ने विभाग से संबद्ध सभी एसोसिएशन को एक विस्तृत प्रश्नावली जारी की है, जिसमें उनके कामकाज के तरीके, वित्तीय लेन-देन, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था की पूरी जानकारी माँगी गई है। हर जवाब के साथ दस्तावेज़ी साक्ष्य संलग्न करना अनिवार्य होगा और नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर जवाब जमा करना होगा।
केरल राज्य खेल काउंसिल को निर्देश दिया गया है कि वह अगले सात दिनों में प्राप्त जवाबों की समीक्षा करे और सरकार को एक समग्र रिपोर्ट सौंपे। जो एसोसिएशन जवाब देने में विफल रहती हैं, जिनके चुनाव या ऑडिट लंबे समय से अटके हैं, या जो किसी विवाद में हैं, उन्हें विशेष जाँच के दायरे में रखा जाएगा।
वर्गीकरण के मानदंड
एसोसिएशन का मूल्यांकन गवर्नेंस मानकों, उपलब्धियों, आधारभूत संरचना, वित्तीय पारदर्शिता और सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। इस वर्गीकरण के ज़रिए यह तय होगा कि किन एसोसिएशन को अधिक स्वायत्तता दी जाए और किन पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
फर्जी प्रमाणपत्र और भर्ती घोटाले की पृष्ठभूमि
यह ऑडिट ऐसे समय में आया है जब कथित तौर पर कुछ एसोसिएशन पर राष्ट्रीय स्तर पर संदिग्ध भागीदारी प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप लगते रहे हैं। आरोपों के अनुसार, इन प्रमाणपत्रों को जाँच के दौरान स्वीकार कर लिया गया, जिससे अयोग्य व्यक्तियों को पीएससी नियुक्तियाँ और पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिल गया, जबकि वास्तविक खिलाड़ी वंचित रह गए। गौरतलब है कि कुछ एसोसिएशन वर्षों से सीमित अधिकारियों के नियंत्रण में 'जागीर' की तरह संचालित होती रही हैं।
इस ऑडिट से खेल कोटे से होने वाली सरकारी भर्तियों और पेशेवर पाठ्यक्रमों में नामांकन की जाँच भी नए सिरे से शुरू होने की उम्मीद है।
केरल खेल काउंसिल अध्यक्ष पद पर नज़र
इन घटनाक्रमों ने एक और अहम मुद्दे को सामने ला दिया है — केरल राज्य खेल काउंसिल के अगले अध्यक्ष की नियुक्ति। यह पद परंपरागत रूप से राजनीतिक दावेदारों और प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के बीच खींचतान का केंद्र रहा है। अब तक इस पद को सुशोभित करने वाले著名 खिलाड़ियों में अंजू बॉबी जॉर्ज, पद्मिनी थॉमस और यू. शराफ अली शामिल हैं, जो प्रशासन में खेल का व्यावहारिक अनुभव लेकर आए।
यह देखना बाकी है कि मंत्री जानीश किसी सम्मानित खेल हस्ती को यह ज़िम्मेदारी सौंपते हैं या राजनीतिक नियुक्ति का रास्ता अपनाते हैं — एक फैसला जो केरल में खेल प्रशासन की दिशा तय करेगा।