10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केएससीए सचिव संतोष मेनन को बीसीसीआई लोकपाल ने हटाया, 9 साल की सीमा पार करने पर अयोग्य घोषित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केएससीए सचिव संतोष मेनन को बीसीसीआई लोकपाल ने हटाया, 9 साल की सीमा पार करने पर अयोग्य घोषित

सारांश

बीसीसीआई लोकपाल जस्टिस अरुण मिश्रा ने केएससीए सचिव संतोष मेनन को 9 साल की अधिकतम प्रशासनिक सीमा पार करने पर 16 दिसंबर 2025 से ही अयोग्य करार दिया और पद रिक्त घोषित कर बीसीसीआई व केएससीए को तत्काल आदेश लागू करने का निर्देश दिया।

मुख्य बातें

बीसीसीआई लोकपाल जस्टिस अरुण मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने संतोष मेनन को केएससीए सचिव पद से अयोग्य घोषित किया।
मेनन ने ऑफिस बेयरर और प्रबंधन समिति सदस्य के रूप में 9 वर्ष की संचयी अवधि 16 दिसंबर 2025 को पूरी कर ली थी।
शिकायत केएससीए के संस्थागत सदस्य डॉल्फिन क्रिकेटर्स ने दर्ज कराई थी।
14 अक्टूबर 2025 के प्रस्ताव को पद संभालने के 9 दिनों के भीतर वापस लेकर नया प्रस्ताव पास करने को लोकपाल ने संदिग्ध करार दिया।
केएससीए सचिव का पद आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित ; बीसीसीआई और केएससीए को तत्काल आदेश लागू करने का निर्देश।

कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) के मानद सचिव संतोष मेनन को 25 जून 2026 को बीसीसीआई लोकपाल के आदेश पर उनके पद से हटा दिया गया। बीसीसीआई लोकपाल जस्टिस अरुण मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने फैसला सुनाया कि मेनन ने प्रशासक के रूप में 9 वर्ष की अधिकतम अनुमत अवधि पूरी कर ली है, जिसके चलते वे 16 दिसंबर 2025 से ही पद पर बने रहने के अयोग्य हो चुके थे।

शिकायत और फैसले की पृष्ठभूमि

यह मामला केएससीए के संस्थागत सदस्य डॉल्फिन क्रिकेटर्स की शिकायत पर शुरू हुआ। लोकपाल ने शिकायत को सही ठहराते हुए कहा कि बीसीसीआई संविधान के नियम 3(बी)(आई) के तहत कोई भी व्यक्ति 9 वर्ष से अधिक समय तक पद पर नहीं रह सकता। मेनन ने 7 दिसंबर 2025 को मानद सचिव का पद संभाला था, जबकि उनकी संचयी प्रशासनिक अवधि — ऑफिस बेयरर और प्रबंधन समिति सदस्य के रूप में बिताए समय को मिलाकर — 16 दिसंबर 2025 को ही 9 साल पूरी कर चुकी थी।

लोकपाल का निर्णय: मुख्य टिप्पणियाँ

जस्टिस अरुण मिश्रा ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा, 'रेस्पोंडेंट नंबर 3, संतोष मेनन, केएससीए के संविधान के नियम 1ए (एचएच) के तहत तय पद पर 9 साल से हैं, इसलिए वह 16.12.2025 से केएससीए के मानद सचिव का पद संभालने के लिए साफ तौर पर अयोग्य हैं। वह गैर-कानूनी तरीके से सचिव का पद हड़प रहे हैं।'

लोकपाल ने यह भी रेखांकित किया कि 23 अगस्त 2025 को बीसीसीआई की ओर से दी गई सलाह को गैर-कानूनी तरीके से नजरअंदाज किया गया, जो बीसीसीआई, केएससीए के नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों तथा लोढ़ा समिति की रिपोर्ट की सही व्याख्या पर आधारित थी।

प्रस्ताव वापसी का विवादास्पद घटनाक्रम

जस्टिस मिश्रा ने फैसले में एक और महत्त्वपूर्ण तथ्य उजागर किया। उन्होंने कहा कि 14 अक्टूबर 2025 का एक पूर्व प्रस्ताव मेनन द्वारा पद संभालने के मात्र 9 दिनों के भीतर जल्दबाजी में वापस ले लिया गया था। ठीक उसी दिन — 16 दिसंबर 2025 — जब उनकी 9 साल की अवधि पूरी हो रही थी, उन्हें अयोग्यता से बचाने के लिए 14 अक्टूबर 2025 के प्रस्ताव के विरुद्ध एक नया प्रस्ताव पास किया गया। लोकपाल ने इसे संस्थाओं के लिए अनुचित आचरण करार दिया।

गौरतलब है कि मेनन ने पिछले वर्ष दिसंबर में हुए चुनाव जीतने वाले वेंकटेश प्रसाद के नेतृत्व वाले गुट के हिस्से के रूप में केएससीए सचिव का पद संभाला था।

आदेश का तत्काल प्रभाव

लोकपाल ने केएससीए सचिव का पद आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित कर दिया है और बीसीसीआई तथा केएससीए दोनों को बिना किसी देरी के इस आदेश को लागू करने का निर्देश दिया है। लोकपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि 5 फरवरी 2025 को केएससीए लोकपाल द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण, केएससीए नियमों के नियम 41 के तहत कोई बाध्यकारी आदेश नहीं है और इस विवाद के निपटारे पर कोई रोक नहीं लगाता।

अब केएससीए को नियमों के अनुसार नए सचिव के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। कर्नाटक क्रिकेट में यह प्रशासनिक उठापटक ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय राज्य क्रिकेट संघों में शासन सुधार और कूलिंग-ऑफ नियमों के पालन पर बीसीसीआई की नजर पहले से कहीं अधिक सख्त हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनके पालन की इच्छाशक्ति भी जरूरी है। बीसीसीआई लोकपाल का यह फैसला एक सकारात्मक मिसाल है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि केएससीए नए सचिव के चुनाव में पारदर्शिता बरतती है या नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संतोष मेनन को केएससीए सचिव पद से क्यों हटाया गया?
बीसीसीआई लोकपाल जस्टिस अरुण मिश्रा के अनुसार, संतोष मेनन ने ऑफिस बेयरर और प्रबंधन समिति सदस्य के रूप में मिलाकर 9 वर्ष की अधिकतम अनुमत प्रशासनिक अवधि 16 दिसंबर 2025 को पूरी कर ली थी। बीसीसीआई संविधान के नियम 3(बी)(आई) के तहत इससे अधिक समय तक पद पर नहीं रहा जा सकता।
बीसीसीआई का कूलिंग-ऑफ नियम क्या है?
बीसीसीआई संविधान के तहत कोई भी व्यक्ति किसी क्रिकेट संघ में ऑफिस बेयरर और प्रबंधन समिति सदस्य के रूप में कुल मिलाकर 9 वर्ष से अधिक समय तक नहीं रह सकता। यह नियम लोढ़ा समिति की सिफारिशों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर आधारित है।
डॉल्फिन क्रिकेटर्स ने शिकायत क्यों की?
केएससीए के संस्थागत सदस्य डॉल्फिन क्रिकेटर्स ने शिकायत दर्ज कराई कि संतोष मेनन 9 साल की सीमा पार कर चुके हैं और उन्हें सचिव पद पर नहीं रहना चाहिए। लोकपाल ने इस शिकायत को सही ठहराया।
केएससीए में अब आगे क्या होगा?
लोकपाल ने सचिव का पद रिक्त घोषित कर दिया है और बीसीसीआई व केएससीए दोनों को तत्काल आदेश लागू करने का निर्देश दिया है। केएससीए को अब नियमों के अनुसार नए सचिव के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
14 अक्टूबर 2025 के प्रस्ताव को वापस लेने पर लोकपाल ने क्या कहा?
लोकपाल ने इसे संदिग्ध करार दिया। उन्होंने कहा कि मेनन के पद संभालने के महज 9 दिनों के भीतर 14 अक्टूबर 2025 का प्रस्ताव वापस लेकर नया प्रस्ताव पास करना — ठीक उसी दिन जब उनकी 9 साल की अवधि पूरी हो रही थी — अयोग्यता से बचाने की कोशिश थी, जो संस्थाओं के लिए उचित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले