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मनप्रीत सिंह का खुलासा: 413 मैचों के रिकॉर्ड के पीछे है साल भर की फिटनेस प्रतिबद्धता

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मनप्रीत सिंह का खुलासा: 413 मैचों के रिकॉर्ड के पीछे है साल भर की फिटनेस प्रतिबद्धता

सारांश

413 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ भारतीय हॉकी के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह का साफ संदेश — फिटनेस सिर्फ तैयारी नहीं, टीम में बने रहने की शर्त है। ब्रेक हो या कैंप, रूटीन और डाइट से कोई समझौता नहीं।

मुख्य बातें

मनप्रीत सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए सर्वाधिक 413 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड रखते हैं।
उन्होंने 2011 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया और मिडफील्डर के रूप में खेलते हैं।
मनप्रीत ने कहा कि फिटनेस साल भर की प्रतिबद्धता है — कॉम्पिटिशन ब्रेक के दौरान भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं।
कोचिंग स्टाफ का स्पष्ट निर्देश: प्रदर्शन और चयन फिटनेस से सीधे जुड़े हैं।
पिछले कुछ वर्षों में खेल की शारीरिक माँग बढ़ने से डाइट और फिटनेस रूटीन और अधिक अहम हो गए हैं।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने 18 जून 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि भारत के लिए सर्वाधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड उनकी अटूट फिटनेस प्रतिबद्धता की देन है। 413 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव रखने वाले मनप्रीत ने कहा कि फिट न रहने पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाए रखना संभव नहीं है।

फिटनेस को लेकर मनप्रीत का स्पष्ट संदेश

मनप्रीत सिंह ने कहा, 'राष्ट्रीय टीम में बने रहने के लिए उम्र या अनुभव की परवाह किए बिना लगातार सुधार की जरूरत होती है। जैसे-जैसे मैचों की संख्या बढ़ेगी, मुझे अपनी फिटनेस भी बढ़ानी होगी क्योंकि अगर मैं फिट नहीं रहा, तो मैं टीम में अपनी जगह नहीं बना पाऊंगा।' उनका यह बयान उन युवा खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट संकेत है जो राष्ट्रीय टीम में जगह पाने की आकांक्षा रखते हैं।

कोचिंग स्टाफ का भी यही रुख

मनप्रीत ने बताया कि कोचिंग स्टाफ की ओर से हमेशा यह संदेश दिया जाता रहा है कि प्रदर्शन और चयन फिटनेस से सीधे जुड़े हैं। उन्होंने कहा, 'कोच की तरफ से यह साफ है कि अगर आपको टीम में बने रहना है, तो आपको फिट रहना होगा। फिटनेस बनाए रखना साल भर की प्रतिबद्धता है। कॉम्पिटिशन से ब्रेक के दौरान भी लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।'

डाइट और रूटीन पर विशेष ध्यान

मनप्रीत ने अपनी दिनचर्या के बारे में बताया, 'जब भी मैं ब्रेक पर होता हूं या कैंप में होता हूं, तो मैं फिट रहने के लिए अपना फिटनेस रूटीन जारी रखता हूं। मैंने अपने डाइट का ध्यान रखा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले कुछ वर्षों में खेल की शारीरिक मांग काफी बढ़ गई है, जिससे फिटनेस पर किसी भी प्रकार का समझौता करना संभव नहीं रह गया है।

मनप्रीत सिंह का भारतीय हॉकी में योगदान

मनप्रीत सिंह ने 2011 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था। मिडफील्डर के रूप में खेलते हुए उन्होंने पिछले एक दशक से अधिक समय में भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर टीम की सफलता में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। गौरतलब है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम की ओर से सर्वाधिक मैच खेलने का यह रिकॉर्ड उनके दीर्घकालिक समर्पण और अनुशासन का प्रमाण है।

आगे की राह

मनप्रीत सिंह की यह सोच भारतीय हॉकी की बदलती संस्कृति को दर्शाती है, जहाँ अनुभव के साथ-साथ शारीरिक तैयारी को बराबर महत्व दिया जाने लगा है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि वे इस रिकॉर्ड को और आगे ले जाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय हॉकी की उस बदलती प्राथमिकता का प्रतिबिंब है जो अनुभव से ऊपर शारीरिक तैयारी को रखती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी ओलंपिक पदक के बाद नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तराशने में जुटी है। दिलचस्प यह है कि 413 मैचों के बाद भी मनप्रीत खुद को 'काम जारी' मानते हैं — यह मानसिकता ही शायद उनके रिकॉर्ड का असली राज़ है। हालाँकि, यह भी देखना होगा कि टीम प्रबंधन युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन कैसे बनाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनप्रीत सिंह के नाम भारतीय हॉकी में कौन-सा रिकॉर्ड है?
मनप्रीत सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम की ओर से सर्वाधिक 413 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड रखते हैं। उन्होंने 2011 में अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था और मिडफील्डर के रूप में टीम के अहम स्तंभ रहे हैं।
मनप्रीत सिंह ने फिटनेस के बारे में क्या कहा?
मनप्रीत ने कहा कि फिटनेस साल भर की प्रतिबद्धता है और कॉम्पिटिशन ब्रेक के दौरान भी इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिट न रहने पर टीम में जगह बनाए रखना संभव नहीं होगा।
भारतीय हॉकी टीम में चयन के लिए फिटनेस क्यों जरूरी है?
मनप्रीत के अनुसार, कोचिंग स्टाफ ने हमेशा यह संदेश दिया है कि प्रदर्शन और चयन फिटनेस से सीधे जुड़े हैं। पिछले कुछ वर्षों में खेल की शारीरिक माँग भी काफी बढ़ गई है, जिससे फिटनेस और अधिक निर्णायक हो गई है।
मनप्रीत सिंह अपनी फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं?
मनप्रीत ने बताया कि वे ब्रेक और कैंप दोनों के दौरान अपना फिटनेस रूटीन जारी रखते हैं और डाइट पर विशेष ध्यान देते हैं। उनके अनुसार, यही अनुशासन उन्हें इतने लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम में बनाए रखने में सहायक रहा है।
भारतीय हॉकी में मनप्रीत सिंह का क्या योगदान रहा है?
मनप्रीत सिंह ने पिछले एक दशक से अधिक समय में भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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