नेशनल स्पोर्ट्स अवार्ड्स 2025: अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल को अर्जुन अवार्ड, एनआरएआई ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने 20 अगस्त 2025 को नेशनल स्पोर्ट्स अवार्ड्स 2025 में सम्मानित निशानेबाजों अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल को अर्जुन अवार्ड तथा कोच नेहा नंदकुमार चव्हाण को द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलने पर हार्दिक बधाई दी। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 18 अगस्त को इन पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा की थी, जिसमें भारतीय खेलों में असाधारण प्रदर्शन और योगदान को मान्यता दी गई।
पुरस्कार विजेताओं का परिचय
अखिल श्योराण भारत के प्रमुख राइफल निशानेबाजों में शुमार हैं और 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में लगातार राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे हैं। वे एनआरएआई की 2026 नेशनल स्क्वाड में भी शामिल हैं। इस वर्ष की शुरुआत में उन्होंने सिलेक्शन ट्रायल 3 में 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में पहला स्थान हासिल किया था।
धनुष श्रीकांत डेफ कैटेगरी में दुनिया के नंबर 1 शूटर हैं। उन्होंने टोक्यो में हुए 25वें समर डेफलिंपिक्स में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट के फाइनल में 252.2 का स्कोर कर डेफ कैटेगरी का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा और भारत के लिए शूटिंग में पहला गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपना ही पिछला रिकॉर्ड (251.7) बेहतर किया और डेफलिंपिक्स क्वालिफिकेशन में भी नया रिकॉर्ड स्थापित किया। उल्लेखनीय है कि उनके साथी मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने उसी स्पर्धा में 250.1 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता।
रुद्रांश खंडेलवाल भारत के उभरते पैरा-शूटर हैं जो एसएच1 कैटेगरी में पिस्टल इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा करते हैं। उन्होंने एशियन पैरा गेम्स, वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके नाम कई मेडल दर्ज हैं, जिनमें गोल्ड मेडल भी शामिल हैं।
कोच नेहा चव्हाण का द्रोणाचार्य सम्मान
नेहा नंदकुमार चव्हाण को मिला द्रोणाचार्य पुरस्कार शूटिंग में उनके कोचिंग योगदान और एथलीटों को बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने की उनकी भूमिका को मान्यता देता है। यह सम्मान भारतीय शूटिंग के पीछे काम करने वाले कोचों और सपोर्ट सिस्टम के महत्व को रेखांकित करता है।
एनआरएआई की प्रतिक्रिया
एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा, 'अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत, रुद्रांश खंडेलवाल और नेहा नंदकुमार चव्हाण को यह सम्मान मिलते देखना पूरी शूटिंग कम्युनिटी के लिए बहुत गर्व की बात है। उनका सफर उस दृढ़ संकल्प, अनुशासन और लगन को दिखाता है जो खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जरूरी हैं। ये सम्मान न सिर्फ उनकी अपनी उपलब्धियों का जश्न हैं, बल्कि उन कोच, परिवारों और सपोर्ट सिस्टम का भी सम्मान है जो उनके साथ खड़े रहे।'
एनआरएआई के महासचिव पवनकुमार सिंह ने कहा, 'नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स भारतीय खेलों में सबसे बड़े सम्मानों में से एक हैं, और इस साल शूटिंग कम्युनिटी के चार सदस्यों को सम्मानित होते देखना बहुत उत्साहजनक है। नेहा को मिला सम्मान यह दिखाता है कि एथलीट्स को तैयार करने और खेलों का एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने में कोच कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।'
भारतीय शूटिंग के लिए व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय निशानेबाजी ओलंपिक और पैरालंपिक दोनों मंचों पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रही है। डेफलिंपिक्स में धनुष का ऐतिहासिक प्रदर्शन और रुद्रांश की पैरालंपिक स्तर पर सक्रियता यह दर्शाती है कि भारतीय शूटिंग अब केवल मुख्यधारा तक सीमित नहीं रही — समावेशी खेल श्रेणियों में भी देश का परचम लहरा रहा है। इन चार पुरस्कारों के साथ भारतीय शूटिंग का यह वर्ष राष्ट्रीय खेल इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय बन गया है।