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नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान पर खतरा: MFA उपाध्यक्ष रयान मेनेजेस बोले — मुंबई फुटबॉल के लिए होगा बड़ा नुकसान

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नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान पर खतरा: MFA उपाध्यक्ष रयान मेनेजेस बोले — मुंबई फुटबॉल के लिए होगा बड़ा नुकसान

सारांश

बांद्रा रिक्लेमेशन का नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ कन्वेंशन सेंटर बनने के कगार पर है — और इसके साथ हर साल 10,000 बच्चों का खेल का सपना भी। MFA उपाध्यक्ष रयान मेनेजेस और प्रदर्शनकारी एकजुट हैं; मामला अदालत में है, फैसला मुंबई के जमीनी फुटबॉल का भविष्य तय करेगा।

मुख्य बातें

बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ को कन्वेंशन सेंटर में बदलने के प्रस्ताव के खिलाफ 23 अगस्त को विरोध प्रदर्शन हुआ।
MFA उपाध्यक्ष रयान मेनेजेस के अनुसार, इस मैदान पर हर साल 10,000 से अधिक बच्चे खेलते हैं।
यह 11-ए-साइड फुटबॉल का प्रमुख मैदान है जो मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) को आवंटित है।
MFA और भारत के पूर्व खिलाड़ियों ने अधिकारियों को पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है।
मामला अभी अदालत में विचाराधीन है; अगली सुनवाई का इंतजार है।

मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ को कन्वेंशन सेंटर में बदलने के प्रस्तावित फैसले के विरोध में 23 अगस्त को स्थानीय निवासियों और फुटबॉल प्रेमियों ने प्रदर्शन किया। मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) के उपाध्यक्ष रयान मेनेजेस ने चेतावनी दी कि यह कदम मुंबई के जमीनी फुटबॉल ढाँचे के लिए अपूरणीय क्षति साबित होगा।

मैदान का महत्व

मेनेजेस ने कहा, "यह मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण फुटबॉल ग्राउंड है। यहाँ हर साल 10,000 से अधिक बच्चे खेलते हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 11-ए-साइड फुटबॉल का एक प्रमुख मैदान है जो MFA को आवंटित है और यहाँ प्रतिवर्ष आधिकारिक मैच आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने जोड़ा कि इस मैदान पर खेलने वाले अधिकांश युवा खिलाड़ी आगे चलकर MFA, जिला टीमों, राज्य टीमों और राष्ट्रीय टीमों तक का सफर तय करते हैं — यानी यह मैदान केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल की नर्सरी है।

कानूनी लड़ाई और अधिकारियों को पत्र

मेनेजेस ने बताया कि MFA की ओर से अधिकारियों को कई पत्र सौंपे जा चुके हैं। भारत के मौजूदा और पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस फैसले पर पुनर्विचार करने और मैदान को खेल के उद्देश्य के लिए बनाए रखने का अनुरोध किया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूँकि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए वे इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हमें अगली सुनवाई का इंतजार है और माननीय अदालत जो फैसला देगी, उसे देखेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि न्याय मिलेगा और सही फैसला होगा।"

प्रदर्शनकारियों की आवाज़

विरोध प्रदर्शन में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह मैदान शहर की उन गिनी-चुनी खुली जगहों में से एक है जहाँ युवा फुटबॉल खेल सकते हैं। उन्होंने कहा, "जब हम बच्चे थे, तो अच्छे मैदानों की कमी थी — हम पथरीले, कीचड़ भरे मैदानों पर खेलते थे। अब जब एस्ट्रो-टर्फ जैसी सुविधाएँ आई हैं, तो ऐसे मैदान को खत्म करना पीछे की ओर जाना है।"

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि जमीनी फुटबॉल का पूरा इकोसिस्टम इसी मैदान से जुड़ा है। उनके अनुसार, "अगर यह मैदान तोड़ दिया गया, तो हमारा इकोसिस्टम आखिरकार खत्म हो जाएगा।"

आगे क्या होगा

मामला फिलहाल अदालत में है और अगली सुनवाई का इंतजार है। फुटबॉल समुदाय को उम्मीद है कि न्यायालय का फैसला इस ऐतिहासिक मैदान को संरक्षित रखेगा। यह विवाद मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में खेल के बुनियादी ढाँचे और शहरी विकास के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 बच्चों का सालाना खेल एक मैदान पर निर्भर हो, तो कन्वेंशन सेंटर का तर्क न केवल खेल-विरोधी है, बल्कि शहरी नीति की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाता है। अदालत का फैसला एक मिसाल बनेगा — और यह तय करेगा कि मुंबई अपने युवाओं के लिए खेल की जगह बचाने को कितनी गंभीरता से लेती है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान विवाद क्या है?
मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ को कन्वेंशन सेंटर में बदलने का प्रस्ताव है, जिसके विरोध में 23 अगस्त को स्थानीय निवासियों और फुटबॉल प्रेमियों ने प्रदर्शन किया। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
इस मैदान पर हर साल कितने बच्चे खेलते हैं?
MFA उपाध्यक्ष रयान मेनेजेस के अनुसार, इस मैदान पर हर साल 10,000 से अधिक बच्चे खेलते हैं। यहाँ से निकले खिलाड़ी जिला, राज्य और राष्ट्रीय टीमों तक पहुँचते हैं।
MFA ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए हैं?
मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन ने अधिकारियों को कई पत्र सौंपे हैं। भारत के मौजूदा और पूर्व खिलाड़ियों ने भी फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है। मामला अदालत में है और अगली सुनवाई का इंतजार है।
इस मैदान को बंद करने से मुंबई फुटबॉल पर क्या असर पड़ेगा?
रयान मेनेजेस ने कहा कि यह मुंबई फुटबॉल के लिए बड़ा झटका होगा। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि इससे जमीनी फुटबॉल का पूरा इकोसिस्टम नष्ट हो जाएगा, क्योंकि शहर में युवाओं के लिए खेलने की जगहें पहले से ही बेहद सीमित हैं।
अदालत में यह मामला कहाँ तक पहुँचा है?
मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। MFA उपाध्यक्ष रयान मेनेजेस ने कहा कि वे अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें न्यायालय से सही फैसले की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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