खेलो इंडिया संवाद: PM मोदी ने युवाओं से किया वर्चुअल संवाद, जितेंद्र सिंह बोले — दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को 'खेलो इंडिया संवाद' के तहत देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद किया। इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर सहित देश के कोने-कोने से युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सरकार की युवा-केंद्रित नीतियों के चलते वैश्विक मंच पर भारत और भारतीय युवाओं की साख पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'जब से प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यभार संभाला है, हमारी अधिकांश योजनाएं युवा-केंद्रित रही हैं। महिला, युवा, किसान, गरीब — इन चार वर्गों को प्रधानमंत्री ने हमेशा प्राथमिकता दी है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार ने युवाओं को सरकारी नौकरी की परंपरागत मानसिकता से बाहर निकालकर उद्यमिता की ओर प्रेरित किया है।
उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम का उदाहरण देते हुए बताया कि 2014 में देश में स्टार्टअप्स की संख्या मात्र 350 थी, जो अब बढ़कर 2 लाख 30 हजार हो चुकी है।
योजनाओं का असर और महिला सशक्तिकरण
मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और मुद्रा योजना के तहत अब तक लगभग ₹38 लाख करोड़ वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 60 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों सहित उन तबकों तक पहुँची हैं जिन्हें पहले नजरअंदाज किया जाता था।
उन्होंने 'विकसित भारत' के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि 2047 में जब देश अपनी आजादी की 100वीं वर्षगाँठ मनाएगा, तब आज के युवा अपनी उम्र और दक्षता के शिखर पर होंगे।
खिलाड़ियों की आवाज़
अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग पदक विजेता श्रेया गुप्ता ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि अस्मिता लीग के माध्यम से 6 लाख से अधिक महिलाएं खेलों से जुड़ रही हैं। श्रेया ने विश्वास जताया कि 2036 ओलंपिक की पदक तालिका में भारत शीर्ष स्थान पर होगा।
दो बार के विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता संदीप सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने इस संवाद में खेलों को लेकर सरकार की वर्तमान और भविष्य की योजनाओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं की संख्या बढ़ाने की उम्मीद जताई।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं की भागीदारी
गुलमर्ग से जुड़े प्रतिभागी अतफर ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी सहायक है। बड़गाम जिले के रिजवान जावेद ने प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद के अवसर को अपने लिए सौभाग्य की बात बताया।
आगे की राह
यह संवाद कार्यक्रम 'खेलो इंडिया' अभियान की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो खेलों को जमीनी स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाने का प्रयास करती है। आने वाले समय में इस तरह के और संवाद कार्यक्रमों की उम्मीद है, जो युवाओं को खेल और उद्यमिता दोनों क्षेत्रों में प्रेरित करते रहेंगे।