टी20 विश्व कप में संजू सैमसन की कहानी: जीत के बाद पसंदीदा खाने का मज़ा

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टी20 विश्व कप में संजू सैमसन की कहानी: जीत के बाद पसंदीदा खाने का मज़ा

सारांश

संजू सैमसन की कहानी न केवल उनकी क्रिकेटिंग यात्रा को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक पेशेवर खिलाड़ी की मेहनत और त्याग उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाता है। जानिए, उनकी खास 'चीट मील' के बारे में।

Key Takeaways

  • संजू सैमसन ने 50 गेंदों पर 97 रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया।
  • उन्होंने अपनी चीट मील के लिए खास पारंपरिक केरल व्यंजन मांगे।
  • शेफ सुरेश पिल्लई ने उनके खाने का इंतजाम किया।
  • सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
  • यह कहानी खिलाड़ियों की मेहनत और त्याग को दर्शाती है।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले प्रमुख किरदारों में से एक, संजू सैमसन की एक दिलचस्प कहानी सामने आई है। यह कहानी एक पेशेवर खिलाड़ी की मेहनत और त्याग को भी उजागर करती है। इस कहानी को प्रसिद्ध शेफ सुरेश पिल्लई ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में सैमसन ने 50 गेंदों में 97 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। इस पारी ने उन्हें एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में स्थापित कर दिया जो कठिन परिस्थितियों में भी टीम को जीत दिला सकता है। 1 मार्च को इस मैच में भारत की जीत के बाद सैमसन बहुत खुश थे और उन्होंने अपने पसंदीदा खाने का अनुरोध किया। उस रात उन्होंने अपने मैनेजर से एक खास चीट मील का इंतजाम करने को कहा।

शेफ सुरेश पिल्लई ने इस कहानी को अपने इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए बताया कि सैमसन के मैनेजर इखलास ने उन्हें फोन किया और कहा कि तीन महीने की सख्त डाइट के बाद सैमसन को एक रात के लिए अपनी पसंद का खाना चाहिए। उन्होंने पारंपरिक केरल के व्यंजन जैसे पझनकांजी, मछली, कप्पा, और चम्मंथी की मांग की।

पिल्लई ने मजाक में कहा कि मुंबई में पझनकांजी बनाना आसान नहीं है, लेकिन कांजी, कप्पा और मछली का इंतजाम किया जा सकता है। इसके बाद, उन्होंने तुरंत अपने दोस्त और सोसाइटी होटल, मुंबई के मालिक रसाक इक्का को फोन किया। कुछ ही मिनटों में कांजी, कप्पा, फिश करी, फ्राइड सार्डिन, चम्मंथी और पापड़ पैक कर सेंट रेजिस होटल भेज दिए गए, जहां भारतीय टीम ठहरी हुई थी।

पिल्लई ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि लोग अक्सर खिलाड़ियों की सफलता देखते हैं, लेकिन उनके पीछे की मेहनत और त्याग को नहीं समझते। सैमसन जैसे खिलाड़ी महीनों तक सख्त डाइट, सीमित सोशल मीडिया और लगातार अभ्यास के साथ खुद को तैयार करते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि उस चीट मील के बाद भी सैमसन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 42 गेंदों में 89 और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 46 गेंदों में 89 रन की पारी खेलकर भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। लगातार तीन मैचों में भारत की जीत के सबसे बड़े नायक रहे सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था।

Point of View

जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। भारतीय क्रिकेट में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है, और उनकी कड़ी मेहनत ने उन्हें सफलता दिलाई है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कितने रन बनाए?
संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों में 97 रन की नाबाद पारी खेली।
संजू सैमसन का पसंदीदा खाना क्या था?
संजू सैमसन ने पझनकांजी, मछली, कप्पा और चम्मंथी जैसे पारंपरिक केरल व्यंजन मांगे।
संजू सैमसन को टूर्नामेंट का कौन सा पुरस्कार मिला?
संजू सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
शेफ सुरेश पिल्लई ने इस कहानी को कहां साझा किया?
शेफ सुरेश पिल्लई ने इस कहानी को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया।
संजू सैमसन की मेहनत का क्या महत्व है?
संजू सैमसन की मेहनत और त्याग युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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