WTA ने जेनेटिक सेक्स टेस्ट अनिवार्य किया, 2026 से महिला टूर में नई योग्यता नीति लागू
सारांश
मुख्य बातें
विमेंस टेनिस एसोसिएशन (WTA) ने 20 जुलाई 2026 को अपनी महिला योग्यता नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए WTA टूर पर खेलने की इच्छुक सभी खिलाड़ियों के लिए जेनेटिक सेक्स टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। यह नई नीति 2026 से प्रभावी होगी और जैविक लिंग (बायोलॉजिकल सेक्स) को योग्यता का आधार बनाती है।
नई नीति में क्या है
अद्यतन नियमों के अनुसार, प्रत्येक खिलाड़ी को करियर में एक बार सेक्स-डिटरमाइनिंग रीजन वाई (SRY) जीन की जाँच करानी होगी। इसके लिए गाल का स्वाब, रक्त या लार का नमूना लिया जाएगा। SRY जीन वाई क्रोमोसोम का हिस्सा है और पुरुष शारीरिक लक्षणों के विकास के लिए उत्तरदायी माना जाता है।
जिन खिलाड़ियों का परीक्षण परिणाम 'नेगेटिव' आएगा — अर्थात् जिनमें यह जीन अनुपस्थित होगा — केवल वही महिला वर्ग में खेलने की पात्र होंगी। 'पॉजिटिव' परिणाम आने पर किसी भी अंतिम निर्णय से पहले संबंधित खिलाड़ी की अतिरिक्त चिकित्सा जाँच की जाएगी। इसके साथ ही खिलाड़ियों को एक घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे, जिसमें यह स्वीकार किया गया हो कि परीक्षण से इनकार करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
पुरानी नीति से अंतर
गौरतलब है कि 2024 में अद्यतन WTA नियमों के तहत ट्रांसजेंडर महिलाओं को टूर पर खेलने की अनुमति थी, बशर्ते वे पिछले दो वर्षों से अपना टेस्टोस्टेरोन स्तर 2.5 एमएमओएल/लीटर से कम बनाए रखें। फिलहाल WTA टूर पर कोई भी ट्रांसजेंडर महिला खिलाड़ी सक्रिय नहीं है। नई नीति टेस्टोस्टेरोन-आधारित मानक से हटकर जेनेटिक परीक्षण पर आधारित ढाँचे की ओर एक स्पष्ट बदलाव है।
WTA का आधिकारिक पक्ष
WTA ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "WTA की महिला योग्यता नीति का मकसद महिला प्रोफेशनल टेनिस में खेल के समान अवसर को बढ़ावा देना और WTA टूर्नामेंट में सभी खिलाड़ियों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है।" संस्था ने यह भी कहा कि 1975 में स्थापना के बाद से इस नीति की समय-समय पर समीक्षा की जाती रही है। हालिया समीक्षा में WTA सदस्यों से परामर्श और महिला खेलों में बदलते अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखा गया। WTA बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था इस संवेदनशील विषय पर सभी खिलाड़ियों के साथ "सम्मानपूर्वक" व्यवहार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
व्यापक खेल जगत में बदलाव
यह फैसला अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं की एक बड़ी प्रवृत्ति का हिस्सा है। सितंबर 2025 में वर्ल्ड एथलेटिक्स ने विश्व-रैंकिंग इवेंट्स में महिला वर्ग की प्रतिभागियों के लिए अनिवार्य जीन परीक्षण शुरू किया था। इससे पहले मई 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग ने भी महिला वर्ग के सभी प्रतिभागियों के लिए अनिवार्य SRY परीक्षण को मंजूरी दी थी। WTA का यह कदम उसी दिशा में एक और महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।
आगे की राह
नई नीति के क्रियान्वयन की विस्तृत प्रक्रिया और परीक्षण की समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है। खेल विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस बहस को और तीव्र कर सकती है। WTA का यह निर्णय महिला टेनिस में योग्यता की परिभाषा को नए सिरे से तय करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।