1 नवंबर को दिल्ली में 10 लाख लोग जुटाने का दावा, शिवसेना (यूबीटी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता अवधेश शुक्ला ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए चुनाव आयोग पर पक्षपात और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चुनावों में धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराते हुए कहा कि 1 नवंबर को नई दिल्ली में 10 लाख से अधिक लोग एकत्र होंगे और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते। शुक्ला ने इस आंदोलन को 'लोकतंत्र को बचाने की आखिरी लड़ाई' करार दिया।
आंदोलन की रूपरेखा और माँगें
अवधेश शुक्ला ने दावा किया कि 1 नवंबर की दिल्ली रैली में देशभर से 10 लाख से अधिक समर्थक शामिल होंगे। उनके अनुसार, चुनाव आयोग के विरुद्ध यह आंदोलन पूरी तरह जायज है और ज्ञानेश कुमार का पद पर बने रहना निष्पक्ष चुनावों के लिए बाधक है। शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर काबिज हैं, BJP चुनावों में अनियमितताएँ जारी रखेगी।
विपक्षी आंदोलन पर प्रशासनिक रोक के आरोप
शुक्ला ने आरोप लगाया कि विपक्षी प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को बल प्रयोग से रोका जा रहा है और ट्रेनें तक रोकी जा रही हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल की अपनी पदयात्राएँ बिना किसी अड़चन के जारी हैं। शुक्ला ने सवाल किया कि विपक्ष के आंदोलन पर ऐसे प्रतिबंध किस आधार पर उचित हैं। उन्होंने कहा कि BJP का यह रवैया ज्ञानेश कुमार को बचाने के उद्देश्य से है।
चुनावों में अनियमितता के आरोप
शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता ने स्थानीय निकाय चुनावों और उपचुनावों में भी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर मतदान के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए, जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
राजनीतिक भाषा और राहुल गांधी के बरी होने पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी के संदर्भ में शुक्ला ने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा पहले BJP ने ही तोड़ी थी। उन्होंने BJP के वरिष्ठ नेताओं द्वारा राहुल गांधी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणियों का हवाला दिया। मानहानि मामले में राहुल गांधी के बरी होने पर शुक्ला ने कहा कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष इनसे डरने वाला नहीं है।
आगे क्या होगा
शुक्ला ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में BJP सरकार गिर सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब विभिन्न विपक्षी दल चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर एकजुट होते दिख रहे हैं। 1 नवंबर की दिल्ली रैली विपक्ष की एकता और जुटान का अग्निपरीक्षण होगी — इसके परिणाम आगे की रणनीति तय करेंगे।