5 नवंबर 2026
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अंबाला में शहीद स्मारक का उद्घाटन: गृह मंत्री अमित शाह बोले — '1857 भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था'

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अंबाला में शहीद स्मारक का उद्घाटन: गृह मंत्री अमित शाह बोले — '1857 भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था'

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने अंबाला में शहीद स्मारक का उद्घाटन करते हुए 1857 की क्रांति को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम घोषित किया और वामपंथी इतिहास-लेखन को चुनौती दी। यह आयोजन औपनिवेशिक इतिहास की पुनर्व्याख्या की व्यापक राजनीतिक पहल का हिस्सा है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 5 नवंबर 2026 को अंबाला कैंट के गांधी मैदान में शहीद स्मारक का उद्घाटन किया।
शाह ने 1857 की क्रांति को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम करार दिया, वामपंथी इतिहासकारों पर इसे 'विद्रोह' बताने का आरोप लगाया।
वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि सावरकर ने ही इस संघर्ष को सही नाम दिया था।
नाना साहेब पेशवा , रानी लक्ष्मीबाई , तात्या टोपे , बेगम हजरत महल और बहादुर शाह जफर सहित कई शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्मारक को इतिहास और राष्ट्रीय गौरव का नया अध्याय बताया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 नवंबर 2026 को हरियाणा के अंबाला कैंट स्थित गांधी मैदान में 1857 की क्रांति के शहीदों को समर्पित भव्य शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में उन्होंने स्पष्ट किया कि 1857 का संघर्ष कोई साधारण विद्रोह नहीं, बल्कि भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था।

गृह मंत्री का ऐतिहासिक पुनर्मूल्यांकन

अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों से प्रभावित वामपंथी इतिहासकारों ने 1857 की क्रांति को महज विद्रोह करार देकर उसे छोटा करने का प्रयास किया। उन्होंने वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए कहा कि सावरकर ने ही सबसे पहले इस संघर्ष को 'स्वतंत्रता का संग्राम' की सही संज्ञा दी थी। उनके शब्दों में, 'अंग्रेजों के लिए यह विद्रोह हो सकता है, किंतु भारत माता के सपूतों के लिए यह स्वतंत्रता का संग्राम था — इसके लिए हम बार-बार नमन करते हैं।'

1857 के वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि

गृह मंत्री ने नाना साहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, वकील अजीमुल्लाह खान, बेगम हजरत महल और दिल्ली के सम्राट बहादुर शाह जफर सहित अनेक वीर योद्धाओं को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने असाधारण पराक्रम दिखाया और देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

स्मारक का महत्व और राष्ट्रभक्ति का संदेश

शाह ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक वह अपनी स्वतंत्रता का मूल्य न समझे, अपने शहीदों का गौरवगान न करे और इतिहास के रक्तरंजित पृष्ठों को स्वर्णिम अक्षरों में न लिखे। उन्होंने विश्वास जताया कि अंबाला में बना यह स्मारक आने वाले वर्षों में देशभर के युवाओं और किशोरों के लिए राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह स्मारक मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों का परिणाम बताया गया।

मुख्यमंत्री सैनी की प्रतिक्रिया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज अंबाला की धरती पर इतिहास, शौर्य और राष्ट्रीय गौरव का एक नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने अमित शाह की संगठनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद के एक सामान्य कार्यकर्ता से आरंभ कर शाह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार स्वाधीनता संग्राम से जुड़े उन नायकों और घटनाओं को ऐतिहासिक महत्व देने पर बल दे रही है, जिन्हें औपनिवेशिक इतिहास-लेखन में उपेक्षित रखा गया था। गौरतलब है कि 1857 की क्रांति की शुरुआत अंबाला सहित उत्तर भारत के कई सैन्य छावनियों से हुई थी, जो इस स्मारक के स्थान को विशेष प्रतीकात्मक महत्व देता है। यह स्मारक स्थानीय पर्यटन और शैक्षणिक भ्रमण के एक नए केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या ये मुख्यतः राजनीतिक प्रतीकवाद तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबाला में शहीद स्मारक का उद्घाटन कब और किसने किया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 नवंबर 2026 को हरियाणा के अंबाला कैंट स्थित गांधी मैदान में शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। यह स्मारक 1857 की क्रांति के वीर सेनानियों को समर्पित है।
अमित शाह ने 1857 की क्रांति के बारे में क्या कहा?
अमित शाह ने कहा कि 1857 का संघर्ष कोई विद्रोह नहीं, बल्कि भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था। उन्होंने आरोप लगाया कि अंग्रेजों से प्रेरित वामपंथी इतिहासकारों ने इसे महज विद्रोह बताकर उसका अवमूल्यन किया, जबकि वीर सावरकर ने इसे 'स्वतंत्रता का संग्राम' की सही संज्ञा दी थी।
इस स्मारक के निर्माण में किनकी भूमिका रही?
गृह मंत्री अमित शाह ने स्मारक के निर्माण का श्रेय मनोहर लाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों को दिया। स्मारक अंबाला कैंट के गांधी मैदान में स्थित है।
1857 की क्रांति में किन-किन सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई?
अमित शाह ने नाना साहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, वकील अजीमुल्लाह खान, बेगम हजरत महल और सम्राट बहादुर शाह जफर सहित अनेक वीर सेनानियों को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने सर्वोच्च बलिदान देकर देश की स्वतंत्रता की नींव रखी।
यह स्मारक भविष्य में किस उद्देश्य से काम करेगा?
अमित शाह ने कहा कि यह स्मारक देशभर के युवाओं और किशोरों के लिए राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री सैनी ने इसे इतिहास, शौर्य और राष्ट्रीय गौरव का नया अध्याय बताया।
राष्ट्र प्रेस
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