8 नवंबर 2026
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अहमदाबाद में गैर-मानक खाद्य नमूने 150% बढ़े, AMC ने 19 प्रतिष्ठान सील किए

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अहमदाबाद में गैर-मानक खाद्य नमूने 150% बढ़े, AMC ने 19 प्रतिष्ठान सील किए

सारांश

अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा की तस्वीर चिंताजनक — AMC के आँकड़े बताते हैं कि 2026 में गैर-मानक खाद्य नमूने 150% उछलकर 327 पर पहुँच गए। घी से लेकर पानीपुरी के पानी तक, शहर के कई जाने-पहचाने प्रतिष्ठान जाँच में फेल हुए और 19 सील किए गए।

मुख्य बातें

जनवरी–अक्टूबर 2026 में गैर-मानक खाद्य नमूने 131 से बढ़कर 327 हुए — लगभग 150% की वृद्धि।
विभाग ने इस अवधि में 7,339 नमूने एकत्र किए, जो 2025 की तुलना में 4,071 से अधिक हैं।
1 अक्टूबर–2 नवंबर के बीच 841 नमूने लिए गए, जिनमें 27 गैर-मानक और कुछ असुरक्षित पाए गए।
प्रशासनिक शुल्क वसूली ₹62.11 लाख से बढ़कर ₹1.01 करोड़ हुई।
नियमों के उल्लंघन पर 19 प्रतिष्ठान सील या बंद किए गए और 660 नोटिस जारी हुए।
लगभग 1,345 किलोग्राम या लीटर खराब खाद्य सामग्री नष्ट की गई।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा 7 नवंबर 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच गैर-मानक पाए गए खाद्य नमूनों की संख्या 327 हो गई — जो 2025 की इसी अवधि में 131 थी और इस तरह लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। यह आँकड़ा तब सामने आया है जब विभाग ने नमूना संग्रह की गति भी पिछले साल के 4,071 से बढ़ाकर 7,339 कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

विभाग ने 1 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 के बीच अहमदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों से 841 नमूने एकत्र किए। इनमें 167 मिठाइयाँ, 74 दूध एवं दुग्ध उत्पाद, 80 फाफड़ा और जलेबी, 95 नमकीन, 44 बेसन और आटा, 30 मसाले, 18 खाद्य तेल, 18 बेकरी उत्पाद, 8 मुखवास और 307 अन्य खाद्य उत्पाद शामिल थे।

इस अवधि में 27 नमूने गैर-मानक और कुछ असुरक्षित पाए गए। संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई आरंभ की गई।

गैर-मानक उत्पाद — कौन-कौन से प्रतिष्ठान निशाने पर

गैर-मानक पाए गए नमूनों में दरियापुर स्थित गुजरात डेयरी और वस्त्राल स्थित विजय डेयरी का खुला घी, सरखेज स्थित ओम फूड सेंटर का मक्खन, निकोल के सूरती लाइव ढोकला और लक्ष्य लाइव चूल्हा डोसा का मक्खन तथा मणिनगर स्थित जनता फास्ट फूड का टमाटर सॉस शामिल हैं।

घाटलोडिया की श्रीजी डाबेली एंड वडापाव की डाबेली, निकोल के एल.वाई.पी.एस. का पफ, भादज के राधे श्याम पकोड़ी सेंटर का पानीपुरी का पानी तथा जोधपुर के श्री गणेश सैंडविच और एसपी रिंग रोड स्थित अलख नो ओटलो फूड कोर्ट का देसी डेलो सॉस भी मानकों पर खरा नहीं उतरा।

गोटा स्थित आई श्री खोडियार गृह उद्योग के आलू पेस्ट, टमाटर पेस्ट, फ्रूट स्क्वैश और स्टार्च पाउडर के नमूनों में क्रमशः दो गैर-मानक, एक असुरक्षित और एक गैर-मानक की पुष्टि हुई। गोटा के ही एवन ब्रदर्स का एक स्नैक टॉपिंग उत्पाद भी गैर-मानक घोषित किया गया।

अन्य गैर-मानक उत्पादों में इनुस चाइनीज पंजाबी और भावनगरी फरसान हाउस का लो-फैट पनीर, असारवा के तुलसी मावा सेंटर का खुला गाय का घी, भाईपुरा के धनलक्ष्मी किराना स्टोर्स का मावा तथा सारसपुर के कनैयालाल मावा वाला का स्वीट मावा शामिल हैं। वटवा स्थित भारत फूड के टमाटर कैचप, रेड चिली सॉस और ग्रीन चिली सॉस भी गैर-मानक पाए गए।

प्रशासनिक कार्रवाई और सील किए गए प्रतिष्ठान

1 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच विभाग ने 2,226 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 660 नोटिस जारी किए। इस दौरान लगभग 1,345 किलोग्राम या लीटर खराब खाद्य सामग्री नष्ट की गई और ₹11,28,500 का प्रशासनिक शुल्क वसूला गया।

नियमों के उल्लंघन पर विभाग ने 19 प्रतिष्ठानों को सील या बंद किया। इनमें नरोदा का अशरफी मटन एंड चिकन, राखियाल की अरमान बेकरी, काठवाड़ा की श्री इंडस्ट्रीज, बेहरामपुरा का एमजेएफ फूड, नरोल की एन-मंगीलाल मसाला प्राइवेट लिमिटेड और दानिलिमडा का ए.एन. गृह उद्योग शामिल हैं।

कालूपुर स्थित एच.एम. वर्ख वाला के पास नकली खाद्य चांदी वर्क पाया गया। नारणपुरा की मां भजिया पकोड़ा को सील किया गया क्योंकि उसके फ्राइंग ऑयल में टीपीसी (टोटल पोलर कंपाउंड्स) स्तर 27.5 दर्ज हुआ — जो निर्धारित सीमा से अधिक है। प्रकाशकुमार कनैयालाल, अमरतलाल कुबेरदास नमकीनवाला, श्याम सुंदर फूड प्रोडक्ट्स और स्वास्तिक फूड्स के पास इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल के निस्तारण के लिए वैध अनुबंध नहीं पाए गए।

वित्तीय वसूली में भी उल्लेखनीय वृद्धि

जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच प्रशासनिक शुल्क वसूली ₹62.11 लाख से बढ़कर ₹1.01 करोड़ हो गई — यानी इसमें भी करीब 63 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आलोचकों का कहना है कि यह वृद्धि केवल प्रवर्तन की सक्रियता को दर्शाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि खाद्य गुणवत्ता में सुधार कब दिखेगा।

आगे क्या होगा

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जाँच और तेज की जाएगी, विशेष रूप से स्वच्छता, वैध लाइसेंस और पंजीकरण पर ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया, 'बिना आवश्यक लाइसेंस के चल रहे या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ FSSAI और गुजरात प्रांतीय नगर निगम अधिनियम (GPMC) के तहत कार्रवाई की जाएगी।' गौरतलब है कि यह अभियान त्योहारी सीज़न के बाद भी जारी रहने की उम्मीद है, जब मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की शिकायतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूध और पनीर जैसे रोज़मर्रा के उत्पादों में मिलावट का मतलब है कि सबसे अधिक प्रभावित वे परिवार हैं जो इन्हें पोषण के लिए खरीदते हैं — और उनके पास विकल्प सबसे कम हैं।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में गैर-मानक खाद्य नमूनों में 150% वृद्धि का क्या मतलब है?
AMC के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच गैर-मानक खाद्य नमूनों की संख्या 131 से बढ़कर 327 हो गई, जो लगभग 150% की वृद्धि है। विभाग ने इस अवधि में नमूना संग्रह भी 4,071 से बढ़ाकर 7,339 कर दिया, जिससे अधिक उल्लंघन सामने आए।
कौन-से प्रतिष्ठान गैर-मानक पाए गए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
गुजरात डेयरी, विजय डेयरी, जनता फास्ट फूड, भारत फूड और आई श्री खोडियार गृह उद्योग सहित कई प्रतिष्ठानों के नमूने गैर-मानक या असुरक्षित पाए गए। इनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई शुरू की गई और कुल 19 प्रतिष्ठानों को सील या बंद किया गया।
AMC ने अक्टूबर-नवंबर 2026 में कितने प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया?
1 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 के बीच विभाग ने 2,226 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, 660 नोटिस जारी किए और लगभग 1,345 किलोग्राम या लीटर खराब खाद्य सामग्री नष्ट की।
खाद्य प्रतिष्ठानों को सील करने के क्या कारण थे?
वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण के बिना संचालन, अस्वच्छ परिस्थितियाँ, सॉस निर्माण में सामग्री की गड़बड़ी और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न करना प्रमुख कारण थे। नारणपुरा की मां भजिया पकोड़ा को फ्राइंग ऑयल में TPC स्तर 27.5 पाए जाने पर सील किया गया।
आगे खाद्य सुरक्षा जाँच को लेकर विभाग की क्या योजना है?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में निरीक्षण और तेज होगा, जिसमें स्वच्छता, वैध लाइसेंस और पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ FSSAI और GPMC अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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