एम्स पटना ईसीएचएस नेटवर्क में शामिल, बिहार के पूर्व सैनिकों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना को 14 जुलाई 2025 को पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत आधिकारिक रूप से सूचीबद्ध कर लिया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाखों पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक निर्णायक बदलाव है। 2012 में स्थापित एम्स पटना को इस नेटवर्क से जुड़ने में पूरे 12 वर्ष लग गए।
मुख्य घटनाक्रम
रक्षा मंत्रालय ने एम्स पटना के ईसीएचएस नेटवर्क में शामिल होने की पुष्टि करते हुए इसे पूर्व सैनिक समुदाय के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। इस निर्णय के साथ ही पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को अब हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक्स और अन्य जटिल चिकित्सा स्थितियों में एम्स पटना की विशेषज्ञ सेवाएँ ईसीएचएस के अंतर्गत उपलब्ध होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्व सैनिक संगठन लंबे समय से क्षेत्रीय स्तर पर उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की माँग कर रहे थे।
पूर्व सैनिकों पर सीधा असर
अब तक बिहार और आसपास के राज्यों के पूर्व सैनिकों को जटिल उपचार के लिए नई दिल्ली या अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों तक लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे न केवल समय और धन की बर्बादी होती थी, बल्कि गंभीर रोगियों के लिए यह शारीरिक रूप से भी कठिन था। एम्स पटना के ईसीएचएस से जुड़ने के बाद यह बाधा दूर होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से इलाज पर होने वाले अतिरिक्त व्यय और यात्रा की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आएगी।
एम्स पटना की चिकित्सीय क्षमता
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एम्स पटना आधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी, उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सकों और विश्वस्तरीय रोगी देखभाल के लिए जाना जाता है। संस्थान में कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और ट्रॉमा केयर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो पहले ईसीएचएस लाभार्थियों के लिए सुलभ नहीं थीं।
रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्रालय ने इस निर्णय को पूर्व सैनिक समुदाय के सम्मान और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मज़बूत करने वाला कदम बताया। मंत्रालय ने कहा कि जिन सैनिकों ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया, उनके स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। गौरतलब है कि ईसीएचएस नेटवर्क में देशभर के सरकारी और निजी अस्पतालों को शामिल किया जाता है, और एम्स पटना का जुड़ना इस नेटवर्क को पूर्वी भारत में और मज़बूत करता है।
आगे की राह
एम्स पटना के ईसीएचएस नेटवर्क में शामिल होने के साथ ही पूर्वी भारत के पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। यह कदम न केवल चिकित्सा सुलभता बढ़ाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि सरकार देशभर में ईसीएचएस नेटवर्क को प्रमुख सरकारी संस्थानों से जोड़ने की दिशा में सक्रिय है।