अन्नामलाई की दिवाली अपील: शिवकाशी पटाखे खरीदें, 8 लाख श्रमिकों की आजीविका दाँव पर
सारांश
मुख्य बातें
वी द लीडर्स के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 7 नवंबर 2026 को तमिलनाडु की जनता से दिवाली पर स्थानीय पटाखे खरीदने की अपील की, यह तर्क देते हुए कि पटाखा उद्योग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 8 लाख श्रमिकों की आजीविका का आधार है। त्योहार से पहले जारी एक वीडियो संदेश में अन्नामलाई ने विशेष रूप से विरुधुनगर जिले के शिवकाशी में निर्मित पटाखों का समर्थन करने का आग्रह किया, जो देश का सबसे बड़ा पटाखा उत्पादन केंद्र है।
उद्योग का आर्थिक महत्व
अन्नामलाई ने बताया कि शिवकाशी का पटाखा उद्योग लगभग 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार देता है, जबकि 5 लाख अन्य श्रमिक इस उद्योग से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, "जब हम पटाखे खरीदते हैं, तो हम किसी को भोजन उपलब्ध कराने में मदद कर रहे होते हैं।" उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के साथ आस पड़ोस की दुकानों पर जाकर स्थानीय स्तर पर निर्मित पटाखे ख़रीदें।
प्रदूषण विवाद पर अन्नामलाई का पक्ष
वायु प्रदूषण संबंधी चिंताओं को स्वीकार करते हुए अन्नामलाई ने इस तर्क से असहमति जताई कि प्रदूषण के लिए केवल पटाखे ज़िम्मेदार हैं। उनका कहना था कि जब देश में प्रदूषण के अनेक अन्य स्रोत मौजूद हैं, तो पटाखा उद्योग पर अनुचित प्रतिबंध लगाना उचित नहीं। गौरतलब है कि यह अपील ऐसे समय में आई है जब उत्तर भारत के प्रमुख महानगर — दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद — गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं।
दिल्ली एनसीआर में ग्रैप 3 लागू
दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगभग 400 तक पहुँचने की स्थिति में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिवाली से कुछ दिन पहले श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के तीसरे चरण को लागू कर दिया। इस नौ सूत्रीय योजना के तहत निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों, भारी वाहनों की आवाजाही और कुछ औद्योगिक कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। स्कूलों और कार्यालयों से जुड़े कदम भी इसमें शामिल हैं।
आम जनता पर असर
एक ओर दिल्ली एनसीआर में पटाखों पर पाबंदी की माँग तेज़ हो रही है, वहीं तमिलनाडु जैसे राज्यों में उद्योग समर्थक नेता उपभोक्ताओं को अधिक खरीदारी के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह विरोधाभास दर्शाता है कि पटाखा नीति का सवाल केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और श्रमिकों की आजीविका से भी गहरे जुड़ा है।
आगे क्या होगा
दिवाली के बाद GRAP के अगले चरण लागू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, यदि AQI और बिगड़ा। शिवकाशी उद्योग के प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि इस बार की बिक्री उद्योग की दीर्घकालिक व्यवहार्यता के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।