23 अगस्त 2026
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बांगड़ में पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम की कार पर देसी बम-ईंट से हमला, आईएसएफ छोड़ने के एक दिन बाद

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बांगड़ में पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम की कार पर देसी बम-ईंट से हमला, आईएसएफ छोड़ने के एक दिन बाद

सारांश

आईएसएफ से इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम की कार पर बांगड़ में देसी बम और ईंटें फेंकी गईं। इस्लाम बाल-बाल बचे, कार का शीशा टूटा। उन्होंने आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को जिम्मेदार ठहराया; पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है।

मुख्य बातें

पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम की कार पर शनिवार रात बांगड़, दक्षिण 24 परगना के उरियापारा में देसी बम और ईंटें फेंकी गईं।
हमला आईएसएफ से इस्तीफे की घोषणा के एक दिन बाद हुआ; इस्लाम तृणमूल कांग्रेस में वापसी के संकेत दे चुके थे।
दोनों बम सड़क पर फटे, कार का शीशा टूटा ; इस्लाम और उनके साथी सुरक्षित रहे।
इस्लाम ने आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया; आईएसएफ की कोई प्रतिक्रिया नहीं।
पोलेरहाट पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया; सीसीटीवी फुटेज की जाँच जारी, अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं ।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बांगड़ में शनिवार रात इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के पूर्व नेता और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम की कार पर कथित तौर पर देसी बम और ईंटें फेंकी गईं। यह हमला उनके आईएसएफ से इस्तीफे की घोषणा के ठीक एक दिन बाद हुआ, जब वे अस्पताल से घर लौट रहे थे।

हमले का घटनाक्रम

पोलेरहाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र के उरियापारा इलाके में, कब्रिस्तान के निकट से गुज़रते समय इस्लाम की कार को निशाना बनाया गया। इस्लाम के अनुसार, हमलावरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर कार पर दो देसी बम और ईंटें फेंकीं। दोनों बम कार से नहीं टकराए और सड़क पर ही फट गए, लेकिन ईंट के प्रहार से कार का शीशा टूट गया

कार में इस्लाम के अलावा कुछ अन्य लोग भी सवार थे। स्थिति की गंभीरता भाँपते हुए चालक ने तत्काल गाड़ी वहाँ से निकाल ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस्लाम या उनके साथ मौजूद किसी भी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई।

इस्लाम का बयान और आरोप

रविवार सुबह मीडिया से बात करते हुए इस्लाम ने कहा, 'मैं शाम को निकला था। रात में उरियापारा में कब्रिस्तान के पास मेरी कार पर हमला हुआ। हमला काफी जबरदस्त था। कार रफ्तार से चल रही थी — अगर रफ्तार थोड़ी भी कम होती, तो ड्राइवर और मुझे चोट लग सकती थी। मैंने आईएसएफ छोड़ा था, इसीलिए यह हमला किया गया।'

उन्होंने इस घटना के लिए आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी और उनकी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। हालाँकि, इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक आईएसएफ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

आईएसएफ छोड़ने की पृष्ठभूमि

हमले से एक दिन पहले इस्लाम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आईएसएफ से इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया और कहा कि वे पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देंगे। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि बांगड़ में आईएसएफ के कुछ कार्यकर्ता आम लोगों पर अत्याचार कर रहे थे और इन हरकतों के विरोध में उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। यह भी संकेत मिले हैं कि वे अपनी पुरानी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

सूचना मिलते ही पोलेरहाट पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत उरियापारा पहुँची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है। पुलिस ने पुष्टि की है कि वे हमले के कारण और जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाने में जुटे हैं। अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दल-बदल और उससे जुड़ी हिंसा की घटनाएँ लगातार चर्चा में रहती हैं। गौरतलब है कि बांगड़ क्षेत्र पहले भी राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। इलाके में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हालाँकि पुलिस ने अभी किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। असली सवाल यह है कि क्या जाँच एजेंसियाँ राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई कर पाएंगी — क्योंकि बंगाल में ऐसे मामले अक्सर गिरफ्तारी तक पहुँचने से पहले ही ठंडे बस्ते में चले जाते हैं।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरबुल इस्लाम पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला शनिवार रात पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बांगड़ स्थित उरियापारा में हुआ, जब इस्लाम अस्पताल से घर लौट रहे थे। पोलेरहाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कब्रिस्तान के पास उनकी कार को निशाना बनाया गया।
अरबुल इस्लाम ने आईएसएफ क्यों छोड़ी?
इस्लाम ने पार्टी नेतृत्व पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए आईएसएफ छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांगड़ में पार्टी के कुछ कार्यकर्ता आम लोगों पर अत्याचार कर रहे थे, जिसके विरोध में उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
हमले में कोई हताहत हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस्लाम या उनके साथ सवार किसी भी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई। दोनों देसी बम कार से नहीं टकराए और सड़क पर ही फट गए, हालाँकि ईंट के प्रहार से कार का शीशा टूट गया।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पोलेरहाट पुलिस स्टेशन की टीम सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुँची और इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जाँच शुरू कर दी है। अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।
इस्लाम ने हमले का आरोप किस पर लगाया है?
इस्लाम ने आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक किसी को आधिकारिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया है और आईएसएफ की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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