बाला साहेब के सिद्धांतों से गद्दारी ने उद्धव ठाकरे को डुबोया: भाजपा नेता राम कदम
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा नेता राम कदम ने 27 जून 2026 को मुंबई में मीडिया से बातचीत में केतन अग्रवाल हत्याकांड, उद्धव ठाकरे की राजनीतिक स्थिति, राम मंदिर दानपात्र घोटाले और समान नागरिक संहिता (UCC) समेत कई अहम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे के पतन की नींव उसी दिन पड़ गई थी, जिस दिन उन्होंने बाला साहेब ठाकरे के सिद्धांतों से समझौता किया।
केतन अग्रवाल हत्याकांड: न्याय के लिए सरकार प्रतिबद्ध
राम कदम ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक अत्यंत संवेदनशील नेता हैं, जो एक माँ और पिता के दर्द को समझते हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम से बात की और विधिवत सरकारी वकील की नियुक्ति भी की गई है।
कदम ने माँग की कि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएँ न हों। उन्होंने कहा, 'आम जनता के बीच हमारी कार्रवाई का संदेश जाना ज़रूरी है।'
उद्धव-फडणवीस मुलाकात: राम कदम ने कहा — महज़ संयोग
उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की हालिया मुलाकात पर राम कदम ने कहा कि इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, दोनों नेताओं के बीच राजनीति से परे पारिवारिक संबंध रहे हैं, और यह मुलाकात पूर्व-नियोजित नहीं थी।
कदम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उद्धव ठाकरे पैसेंजर विमान से यात्रा करने वाले नेता हैं और आज तक चार्टर विमान से नागपुर नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा कि अब सांसद उनका साथ छोड़ चुके हैं और चर्चाओं के अनुसार आगामी दिनों में विधायक भी पार्टी से अलग हो सकते हैं।
उद्धव ठाकरे के पतन की असली वजह
चार बार विधायक रह चुके राम कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे 'सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए' हैं और उन्हें आम लोगों की पीड़ा, उनसे मिलने के तरीके और उनकी तकलीफ समझने का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्धव अपनी आँखों के सामने अपनी पार्टी को डूबते देख रहे हैं।
कदम के अनुसार, जिस क्षण उद्धव ने बाला साहेब ठाकरे के सिद्धांतों के साथ गद्दारी की, उसी पल से उनके राजनीतिक पतन की शुरुआत हो गई। उन्होंने कहा कि लोग अब उनसे ऊब चुके हैं।
राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर सख्त रुख
अयोध्या के राम मंदिर दानपात्र में हुई कथित अनियमितताओं पर राम कदम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईटी पूरे मामले की जाँच कर रही है और कानून अपना काम कर रहा है।
कदम ने अपील की कि 500 साल के इंतज़ार के बाद प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बने इस मंदिर के नाम पर अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश न की जाए।
समान नागरिक संहिता पर कांग्रेस को घेरा
समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर राम कदम ने कहा कि इसे न लागू करना कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल थी। उन्होंने तर्क दिया कि जब देश एक है, तो सभी प्रांतों में व्यक्तिगत कानून अलग-अलग क्यों हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यशैली प्रांत के अनुसार भिन्न हो सकती है, लेकिन नागरिक कानून में एकरूपता ज़रूरी है और UCC का समर्थन किया जाना चाहिए।