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बलूचिस्तान में तीन नागरिक जबरन गायब: पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार संगठनों के गंभीर आरोप

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बलूचिस्तान में तीन नागरिक जबरन गायब: पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार संगठनों के गंभीर आरोप

सारांश

बलूचिस्तान के पंजगुर और खुजदार जिलों से तीन नागरिकों के कथित जबरन अपहरण की खबर ने मानवाधिकार जगत में हलचल मचा दी है। अहमद मेंगल के लिए यह तीसरी बार है — और यही आँकड़ा बताता है कि बलूचिस्तान में जवाबदेही का संकट कितना गहरा है।

मुख्य बातें

पांक और BVJ ने 1 जुलाई को बलूचिस्तान में तीन नागरिकों के कथित जबरन अपहरण की जानकारी दी।
अजीजुल्लाह (20 वर्ष) को 29 जून को पंजगुर के परूम इलाके से कथित तौर पर उठाया गया; एक राज्य-समर्थित सशस्त्र समूह भी कथित रूप से शामिल था।
उमर जान बलूच को उसी दिन पंजगुर के चिटकन बाज़ार में उसकी दुकान से कथित तौर पर जबरदस्ती उठाया गया।
अहमद मेंगल को 26 मई को खुजदार के जखरबाद से कथित रूप से हिरासत में लिया गया — यह उनके साथ तीसरी बार ऐसी घटना है।
मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से तत्काल ठिकाने की जानकारी, रिहाई और स्वतंत्र जाँच की माँग की।

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर तीन आम नागरिकों को कथित तौर पर जबरन गायब करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक और बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने 1 जुलाई को इन घटनाओं की जानकारी देते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की माँग की। ये घटनाएँ पंजगुर और खुजदार जिलों में अलग-अलग समय पर कथित रूप से घटित हुई हैं।

पंजगुर में दो नागरिक कथित तौर पर उठाए गए

पांक के अनुसार, 20 वर्षीय ड्राइवर अजीजुल्लाह को 29 जून को पंजगुर जिले के परूम इलाके में छापेमारी के दौरान कथित तौर पर सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया। संगठन ने बताया कि इस अभियान में एक राज्य-समर्थित सशस्त्र समूह भी शामिल था। अजीजुल्लाह को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और उसके बाद से उसके ठिकाने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

इसी दिन एक अन्य घटना में, उमर जान बलूच को पंजगुर के चिटकन बाज़ार इलाके में उसकी दुकान से कथित रूप से जबरदस्ती उठाया गया। पांक ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि सुरक्षा बलों से जुड़े व्यक्तियों ने यह कार्रवाई की। संगठन ने कहा, "इस घटना के बाद से उसके ठिकाने या कानूनी स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, जिससे उसके परिवार में भारी चिंता और डर बना हुआ है।"

खुजदार में तीसरी बार गायब हुए अहमद मेंगल

बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने बलूचिस्तान के खुजदार जिले से अहमद मेंगल के कथित अपहरण की कड़ी निंदा की। BVJ के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के कर्मियों ने 26 मई को खुजदार के जखरबाद इलाके में मेंगल की दुकान से उन्हें कथित तौर पर उठाया।

गौरतलब है कि यह मेंगल के साथ तीसरी बार इस तरह की कथित घटना है — इससे पहले वे दो बार जबरन गायब किए जा चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकाय इस पर गहरी नज़र रखे हुए हैं।

मानवाधिकार संगठनों की माँगें

पांक ने पाकिस्तानी अधिकारियों से चार स्पष्ट माँगें रखी हैं: तीनों व्यक्तियों के ठिकाने की तत्काल जानकारी दी जाए; उनकी शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए; यदि उन्हें गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा गया है तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाए; और सक्षम न्यायालय के समक्ष उन्हें पेश किया जाए। संगठन ने यह भी माँग की कि जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध स्वतंत्र जाँच की जाए।

संगठन ने अपने बयान में कहा, "जबरन गायब कर देना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।" BVJ ने भी अन्य मानवाधिकार संस्थाओं से हस्तक्षेप कर अहमद मेंगल की सुरक्षित और तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराने की अपील की।

बलूचिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं के मामले वर्षों से चिंता का विषय रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इस तरह की घटनाएँ लगातार सामने आती रहती हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय पाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को आमतौर पर अस्वीकार करती रही है, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आने वाले दिनों में इन तीनों मामलों पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान सरकार का रुख निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पाकिस्तान की ओर से ठोस जाँच तंत्र आज तक अनुपस्थित है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन घटनाओं को अलग-थलग मामलों के रूप में पेश करती है, जबकि ये एक व्यापक और दीर्घकालिक पैटर्न का हिस्सा हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत गंभीरता से परखे जाने की ज़रूरत है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के ताज़ा मामले क्या हैं?
1 जुलाई को मानवाधिकार संगठनों ने तीन नागरिकों — अजीजुल्लाह (पंजगुर), उमर जान बलूच (पंजगुर) और अहमद मेंगल (खुजदार) — के कथित जबरन अपहरण की जानकारी दी। तीनों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया है।
अहमद मेंगल को पहले भी गायब किया जा चुका है?
हाँ, BVJ के अनुसार यह अहमद मेंगल के साथ तीसरी बार है जब उन्हें कथित तौर पर जबरन हिरासत में लिया गया है। इससे पहले वे दो बार पाकिस्तानी बलों द्वारा गायब किए जा चुके हैं।
पांक और BVJ ने पाकिस्तान सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
दोनों संगठनों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से तीनों व्यक्तियों के ठिकाने की तत्काल जानकारी, उनकी शारीरिक सुरक्षा, गैरकानूनी हिरासत की स्थिति में रिहाई, सक्षम न्यायालय के समक्ष पेशी और जिम्मेदारों के खिलाफ स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या कितनी पुरानी है?
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं के मामले वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चिंता का विषय रहे हैं। मानवाधिकार निकायों के अनुसार, इस तरह की घटनाएँ एक सुस्थापित पैटर्न का हिस्सा हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना बेहद कठिन रहा है।
इन मामलों में पाकिस्तान सरकार का क्या रुख है?
इन तीन ताज़ा मामलों पर पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पाकिस्तान सरकार आमतौर पर ऐसे आरोपों को अस्वीकार करती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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