30 अक्टूबर 2026
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बांद्रा (पूर्व) गरीब नगर में पश्चिमी रेलवे का ध्वस्तीकरण अभियान: 94 शेष संरचनाएं हटाई जाएंगी, बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

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बांद्रा (पूर्व) गरीब नगर में पश्चिमी रेलवे का ध्वस्तीकरण अभियान: 94 शेष संरचनाएं हटाई जाएंगी, बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

सारांश

मुंबई के बांद्रा (पूर्व) में पश्चिमी रेलवे ने गरीब नगर की 94 शेष संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश और एमएमआरडीए द्वारा सभी पात्र परिवारों के पुनर्वास के बाद यह कदम उठाया गया, जो बांद्रा टर्मिनस को आधुनिक रेलवे हब बनाने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

मुख्य बातें

पश्चिमी रेलवे ने 30 अक्टूबर 2026 को बांद्रा (पूर्व) के गरीब नगर में शेष 94 संरचनाओं का ध्वस्तीकरण शुरू किया।
बॉम्बे हाई कोर्ट के 23 अक्टूबर के आदेश में निर्देश था कि निवासी एक सप्ताह में जगह खाली करें और रेलवे 48 घंटों में ध्वस्तीकरण पूरा करे।
एमएमआरडीए ने सभी 94 पात्र निवासियों को स्थायी आवास आवंटित कर कब्जा सौंप दिया।
इससे पहले मई 2026 में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था; ये संरचनाएं पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए उस समय छोड़ी गई थीं।
जमीन खाली होने पर बांद्रा टर्मिनस पर पीएफ-8 सहित एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स, स्टेबलिंग फैसिलिटीज और यात्री सुविधाओं का विकास होगा।

पश्चिमी रेलवे ने 30 अक्टूबर 2026 को मुंबई के बांद्रा (पूर्व) स्थित गरीब नगर क्षेत्र में शेष बची 94 संरचनाओं को ध्वस्त करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के 23 अक्टूबर के आदेश के अनुपालन में की जा रही है, जिसमें निर्देश था कि पात्र निवासी एक सप्ताह के भीतर जगह खाली करें और उसके बाद 48 घंटों के भीतर रेलवे अधिकारी ध्वस्तीकरण पूरा करें। इन संरचनाओं को खाली कराने से बांद्रा टर्मिनस पर एक एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

पृष्ठभूमि और मई का अभियान

गौरतलब है कि इससे पहले मई 2026 में बांद्रा (पूर्व) में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। उस समय इन 94 संरचनाओं को जानबूझकर छोड़ा गया था, ताकि परियोजना से प्रभावित पात्र निवासियों के पुनर्वास की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। यह उस व्यापक योजना का हिस्सा था जिसके तहत सभी पात्र लोगों को स्थायी आवास आवंटित करने के बाद ही अंतिम ध्वस्तीकरण किया जाना था।

एमएमआरडीए द्वारा पुनर्वास पूर्ण

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने पुष्टि की है कि सभी 94 पात्र निवासियों को स्थायी आवास आवंटित कर दिए गए हैं और उन्हें उनके नए घरों का कब्जा भी सौंप दिया गया है। इस प्रकार पुनर्वास प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अब ध्वस्तीकरण की कानूनी और प्रशासनिक बाधाएं दूर हो गई हैं। यह कदम सुनिश्चित करता है कि प्रभावित परिवार बेघर न हों।

बॉम्बे हाई कोर्ट का निर्देश

बॉम्बे हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए स्पष्ट आदेश दिया था कि पात्र निवासी एक सप्ताह के भीतर जगह खाली कर दें। इसके बाद रेलवे अधिकारियों को 48 घंटों के भीतर ध्वस्तीकरण कार्य पूरा करना होगा। अदालत के इसी आदेश के अनुपालन में 30 अक्टूबर को ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।

बांद्रा टर्मिनस पर प्रस्तावित विकास कार्य

जमीन खाली होने के बाद बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में एक एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स का विकास किया जाएगा। इसके तहत एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म (पीएफ-8) का निर्माण और ट्रेनों को खड़ा करने की सुविधाओं (स्टेबलिंग फैसिलिटीज) का विस्तार होगा। इसके अलावा ट्रेनों के रखरखाव से जुड़े बुनियादी ढाँचे का उन्नयन और सहायक सुविधाओं का विकास भी इस परियोजना का हिस्सा है।

यात्रियों पर असर और आगे की राह

इस परियोजना के पूरा होने पर यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षा क्षेत्र, सुगम आवागमन सुविधाएं और उन्नत यात्री सेवाएं मिलेंगी। पश्चिमी रेलवे के अनुसार, इससे मुंबई की उपनगरीय और लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह कार्य उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसके तहत बांद्रा को एक आधुनिक, एकीकृत रेलवे हब में रूपांतरित किया जाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल बना रहता है कि क्या नए आवास की गुणवत्ता और स्थान उन परिवारों के लिए वास्तव में उपयुक्त हैं जो दशकों से यहाँ रह रहे थे। बांद्रा टर्मिनस का आधुनिकीकरण मुंबई की बढ़ती यात्री माँग के लिए ज़रूरी है, लेकिन शहरी विस्थापन की दीर्घकालिक सामाजिक लागत का आकलन करना भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांद्रा (पूर्व) गरीब नगर में पश्चिमी रेलवे का ध्वस्तीकरण अभियान क्यों शुरू हुआ?
यह अभियान बॉम्बे हाई कोर्ट के 23 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुपालन में शुरू हुआ, जिसमें पात्र निवासियों को एक सप्ताह में जगह खाली करने और उसके बाद 48 घंटों में ध्वस्तीकरण पूरा करने का निर्देश था। एमएमआरडीए द्वारा सभी 94 पात्र परिवारों को स्थायी आवास आवंटित करने के बाद यह प्रक्रिया संभव हुई।
इन 94 संरचनाओं को मई 2026 के अभियान में क्यों नहीं हटाया गया था?
मई 2026 के व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान इन 94 संरचनाओं को इसलिए छोड़ा गया था, ताकि परियोजना से प्रभावित पात्र निवासियों के पुनर्वास की प्रक्रिया पहले पूरी हो सके। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी को बेघर किए बिना ध्वस्तीकरण हो।
ध्वस्तीकरण के बाद बांद्रा टर्मिनस पर क्या विकास होगा?
जमीन खाली होने पर बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स विकसित होगा। इसमें अतिरिक्त प्लेटफॉर्म (पीएफ-8), ट्रेन स्टेबलिंग फैसिलिटीज, रखरखाव बुनियादी ढाँचे का विस्तार और यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षा व आवागमन सुविधाएं शामिल हैं।
इस ध्वस्तीकरण से प्रभावित 94 परिवारों का क्या होगा?
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने सभी 94 पात्र परिवारों को स्थायी आवास आवंटित कर दिए हैं और उन्हें कब्जा भी सौंप दिया गया है। इस प्रकार पुनर्वास प्रक्रिया ध्वस्तीकरण से पहले पूरी हो चुकी है।
बांद्रा (पूर्व) में रेलवे का एकीकृत कॉम्प्लेक्स मुंबई के यात्रियों को कैसे फायदा पहुँचाएगा?
प्रस्तावित एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स से मुंबई की उपनगरीय और लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यात्रियों को अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, बेहतर प्रतीक्षा क्षेत्र और सुगम आवागमन की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे बांद्रा टर्मिनस की यात्री क्षमता और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
राष्ट्र प्रेस
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