नगरपालिका भर्ती घोटाला: मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप ईडी के सामने पेश, पत्नी को भी समन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जाँच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना दायरा और विस्तृत कर लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायक मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप मित्रा गुरुवार, 24 जुलाई को दोपहर करीब 12:30 बजे IST कुछ बैंकिंग दस्तावेज़ लेकर कोलकाता के साल्ट लेक स्थित केंद्रीय सरकारी कार्यालय (CGO) कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय पहुँचे। ईडी अधिकारी इस मामले में उनसे विस्तृत पूछताछ कर रही है।
मित्रा परिवार के सदस्यों की पेशी का क्रम
इससे एक दिन पहले, बुधवार को, मदन मित्रा के छोटे बेटे शुभोरूप मित्रा भी ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हो चुके हैं। अब केंद्रीय एजेंसी ने विधायक की पत्नी अर्चना मित्रा को भी समन जारी किया है और उनके इसी सप्ताह पेश होने की संभावना है। स्वयं मदन मित्रा को ईडी ने पूछताछ का नोटिस भेजा है और वे 29 जुलाई को एजेंसी के समक्ष उपस्थित होंगे।
स्वरूप मित्रा ने मीडिया से क्या कहा
ईडी कार्यालय में प्रवेश से पहले मीडियाकर्मियों से बात करते हुए स्वरूप मित्रा ने कहा, "ऐसा कुछ नहीं हुआ था। ईडी अधिकारी मेरे बैंक खाते की जानकारी जानना चाहते थे। मैं वह जानकारी ले आया हूँ। मैं अपने साथ 2013-14 से इनकम टैक्स रिटर्न की पूरी जानकारी भी लाया हूँ।" जब मीडियाकर्मियों ने उनसे पूछा कि क्या किसी ने नगरपालिका में भर्ती के एवज़ में उनके खाते में धन हस्तांतरित किया था, तो उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया।
घोटाले की पृष्ठभूमि और जाँच का दायरा
जाँच से परिचित सूत्रों के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले की टीटागढ़ नगरपालिका में कम से कम 125 लोगों को नकद या सोने के बदले नौकरियाँ दी गईं, और इस सिलसिले में मदन मित्रा का नाम सामने आया है। गौरतलब है कि 13 जून को ईडी अधिकारियों ने मित्रा के भवानीपुर (दक्षिण कोलकाता) और कमरहाटी (उत्तरी बाहरी इलाका) स्थित दो आवासों सहित राज्य की राजधानी और उसके आसपास कुल आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। मदन मित्रा कमरहाटी से तीन बार विधायक रह चुके हैं।
इससे पहले केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने अक्टूबर 2025 में भी इसी मामले में मित्रा के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था। पिछले सप्ताह CBI ने कोलकाता की एक विशेष अदालत में चल रही जाँच के तहत पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस और उनके बेटे समुद्र बोस के विरुद्ध प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के अंतर्गत चार्जशीट दाखिल की है।
मदन मित्रा की राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह मामला ऐसे समय में और अधिक जटिल हो गया है जब मदन मित्रा हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के मुख्य गुट से अलग होकर पार्टी से निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर बढ़ती दरारों का संकेत है।
आगे क्या होगा
ईडी की जाँच अभी जारी है और मदन मित्रा की 29 जुलाई को होने वाली पेशी इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। अर्चना मित्रा की पेशी भी इसी सप्ताह संभावित है। जाँच एजेंसियों द्वारा PMLA के तहत आगे की कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।