बेंगलुरु ईडी की बड़ी कार्रवाई: King567 सट्टेबाजी मामले में ₹23.35 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अब तक ₹343 करोड़ जब्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने गैर-कानूनी ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ ताज़ी कार्रवाई करते हुए ₹23.35 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ 23 अक्टूबर 2026 को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) नंबर 42/2026 के ज़रिये अटैच की हैं। यह कार्रवाई केसी वीरेंद्र, गुलशन खट्टर और नेहा टंडन के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत चल रही जाँच का हिस्सा है, जो अनुमानतः ₹2,300 करोड़ के अपराध से अर्जित धन (POC) से जुड़े एक व्यापक षड्यंत्र से जुड़ी है।
ताज़ा कुर्की का ब्यौरा
ईडी ने बताया कि अटैच की गई संपत्तियों में ₹13.76 करोड़ की चल संपत्तियाँ और ₹9.58 करोड़ की अचल संपत्तियाँ शामिल हैं। यह कुर्की केसी वीरेंद्र, गुलशन खट्टर और नेहा टंडन के पास अपराध से हुई कमाई के बराबर मूल्य के आधार पर की गई है।
ईडी के अनुसार, इससे पहले 29 जनवरी 2026 को एक अलग आदेश के ज़रिये लगभग ₹33 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी थी। इस मामले में अब तक PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत कुर्क/जब्त/फ्रीज़ की गई संपत्तियों का कुल मूल्य ₹343 करोड़ से अधिक हो गया है।
King567 और अवैध नेटवर्क की कार्यप्रणाली
ईडी की जाँच में खुलासा हुआ है कि वीरेंद्र और उसके सहयोगी King567 सहित अन्य गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफ़ॉर्म संचालित करते थे। इन प्लेटफ़ॉर्म पर खिलाड़ियों को पैसे जमा करने के लिए प्रेरित किया जाता था और बाद में सट्टेबाजी की प्रक्रिया में हेरफेर करके तथा निकासी पर रोक लगाकर उन्हें ठगा जाता था।
जाँच के मुताबिक, अपराध से हासिल धन को जटिल वित्तीय लेन-देन की परतों से गुज़ारकर 'लेयर' किया गया और संपत्ति खरीदने व स्वयं को समृद्ध करने के लिए उपयोग किया गया। इस नेटवर्क में बेटिंग वेबसाइट, पेमेंट गेटवे, शेल कंपनियाँ और म्यूल अकाउंट का एक देशव्यापी ताना-बाना शामिल था।
फोनपैसा और सिमटेक की भूमिका
ईडी ने कहा कि अपराध से प्राप्त धन फोनपैसा पेमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के पास आया, जिसके मालिक गुलशन खट्टर हैं। इस कंपनी ने गैर-कानूनी बेटिंग इकोसिस्टम में मुख्य पेमेंट गेटवे और वित्तीय बिचौलिए के रूप में सेवाएँ दीं, जिसके बदले उसे भारी कमीशन मिला।
सिमटेक आईटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर नेहा टंडन के बारे में ईडी ने कहा कि उनका कंपनी के प्रबंधन में कोई सक्रिय रोल नहीं था और इसे उनके पति गुलशन खट्टर संभालते थे। हालाँकि, सिमटेक को King567 से जुड़े पहचाने गए म्यूल बैंक अकाउंट से क्रेडिट मिला था, जो नेहा टंडन के नाम की संपत्तियों को POC ठहराने का आधार बना।
जाँच की प्रमुख कार्रवाइयाँ
ईडी ने इस मामले में PMLA की धारा 17 के तहत कई राज्यों में 60 से अधिक स्थानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया था। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने की ईंटें, सोने-चाँदी के आभूषण, म्यूल अकाउंट में जमा राशि, वाहन, डिजिटल उपकरण और जाली दस्तावेज़ ज़ब्त अथवा फ्रीज़ किए गए थे।
ईडी ने PMLA की धारा 19 के तहत केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार भी किया था। जाँच के आधार पर 18 अक्टूबर 2025 को एक अभियोजन शिकायत और 20 फरवरी 2026 को एक पूरक अभियोजन शिकायत दायर की गई, जिस पर स्पेशल कोर्ट, PMLA ने 4 मई 2026 को संज्ञान लिया।
आगे की कार्रवाई
ईडी ने स्पष्ट किया है कि PMLA, 2002 के प्रावधानों के अनुसार अपराध से अर्जित धन के मूल्य की सुरक्षा के लिए तत्काल अनंतिम कुर्की की गई है। इससे पहले ₹177.30 करोड़ की संपत्तियों की प्रोविजनल कुर्की को एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी, PMLA, नई दिल्ली ने पहले ही पुष्टि कर दी है। यह मामला भारत में गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के विरुद्ध ईडी की बढ़ती सक्रियता का उदाहरण है और आने वाले महीनों में इसमें और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।