5 नवंबर 2026
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बेथुपल्ली झील में नाव पलटी, SDRF के 11 कर्मी बचाए गए — तेलंगाना बाढ़ का खतरा

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बेथुपल्ली झील में नाव पलटी, SDRF के 11 कर्मी बचाए गए — तेलंगाना बाढ़ का खतरा

सारांश

तेलंगाना के खम्मम में बाढ़ के दौरान मछुआरों को बचाने गई SDRF टीम की नावें खुद पलट गईं। रात भर चले NDRF-फायर सर्विस के संयुक्त अभियान ने सभी 11 कर्मियों और 5 मछुआरों को सुरक्षित निकाला — बचाव दल के ही बचाव की नौबत।

मुख्य बातें

बुधवार शाम तेलंगाना के खम्मम जिले की बेथुपल्ली झील (टैंक) में बाढ़ के पानी में नावें पलटने से SDRF के 10 कर्मी और 1 स्थानीय निवासी लापता हो गए।
घटना की शुरुआत 5 मछुआरों के उफनते जलाशय में फंसने से हुई; बचाव प्रयासों में कुल 8 लोग पानी में फंसे, जिनमें से 3 को फायर सर्विस ने पहले निकाला।
कोठागुडेम बटालियन के 6 पुलिसकर्मियों और फायर सर्विस के 4 कर्मियों समेत 11 सदस्यीय बचाव दल शाम 7:30 बजे रवाना हुआ, लेकिन तेज बहाव में दोनों नावें पलट गईं।
विजयवाड़ा से NDRF की टीम रात 10:30 बजे पहुँची और रात 11:20 बजे 5 मछुआरों को मिट्टी के टीले से सुरक्षित निकाला।
गुरुवार सुबह तक नाव पलटने से बहे सभी 11 बचाव कर्मियों को भी सकुशल बचा लिया गया — कोई जनहानि नहीं।

तेलंगाना के खम्मम जिले में बेथुपल्ली टैंक (झील) के उफनते बाढ़ के पानी में बुधवार शाम नाव पलटने के बाद लापता हुए तेलंगाना राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अग्निशमन विभाग के 10 कर्मियों तथा एक स्थानीय निवासी सहित 11 लोगों को गुरुवार सुबह तक सकुशल बचा लिया गया। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और फायर सर्विस की संयुक्त टीमों ने रात भर चले अभियान में सभी को सुरक्षित निकाला।

घटना की पृष्ठभूमि

बुधवार दोपहर 5 मछुआरे भारी बारिश से उफनते बेथुपल्ली टैंक में मछली पकड़ने के जाल बिछाने गए थे। उस समय टैंक के ओवरफ्लो वाले हिस्से से पानी बाहर बह रहा था।

अचानक जलस्तर बढ़ने से मछुआरे बीच झील में फंस गए और तेज बहाव के कारण किनारे तक लौटना असंभव हो गया। उन्होंने तट पर मौजूद स्थानीय मछुआरा सहकारी समिति के सदस्यों से मदद मांगी।

बचाव प्रयास में एक व्यक्ति कामचलाऊ नाव से पानी में उतरा, और दो अन्य मछुआरे अलग स्थान से पहुँचते-पहुँचते स्वयं बहाव में फंस गए — इस तरह कुल 8 लोग जलाशय में फंस गए।

पहला बचाव और नई मुश्किल

सूचना मिलने पर फायर सर्विस की एक टीम नाव लेकर मौके पर पहुँची और 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। लेकिन बचे 5 मछुआरे अभी भी जलाशय के मध्य में फंसे थे।

इन्हें निकालने के लिए कोठागुडेम बटालियन के 6 पुलिसकर्मियों और फायर सर्विस के 4 सदस्यों सहित एक स्थानीय निवासी की 11 सदस्यीय बचाव टीम शाम 7:30 बजे दो नावों में रवाना हुई।

बचाव अभियान तब गंभीर मोड़ पर पहुँच गया, जब पानी के तेज बहाव ने दोनों नावें पलट दीं। इससे खुद बचाव दल के सभी 11 सदस्य लापता हो गए और एक बड़े खोज अभियान की नौबत आ गई।

NDRF का रात्रिकालीन अभियान

इस बीच शुरू में फंसे 5 मछुआरे पानी के बीच एक मिट्टी के टीले पर पहुँचने में सफल रहे। विजयवाड़ा से भेजी गई NDRF की एक टीम रात 10:30 बजे उनके पास पहुँची और रात 11:20 बजे सभी 5 मछुआरों को सुरक्षित निकाल लिया।

अधिकारियों के अनुसार, नाव पलटने के बाद बह गए 11 बचाव कर्मियों में से कुछ एक स्थान पर एकत्रित होने में सफल रहे और उन्होंने फोन पर अधिकारियों से संपर्क कर अपनी स्थिति बताई। इस सूचना के आधार पर NDRF और फायर सर्विस की संयुक्त टीमों ने रात भर तलाश जारी रखी।

अधिकारियों ने पुष्टि की कि गुरुवार सुबह तक नाव से बह गए सभी 11 लोगों को भी सुरक्षित बचा लिया गया — कुल मिलाकर सभी प्रभावित व्यक्ति जीवित हैं।

आपदा प्रबंधन पर सवाल

यह घटना इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि पहले से उफनते जलाशय में मछुआरों के उतरने और फिर बचाव दल की खुद नावें पलट जाने ने बाढ़ के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और खतरे के आकलन पर सवाल खड़े किए हैं।

गौरतलब है कि तेलंगाना में नवंबर 2026 में भी भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जो सामान्य से अधिक बताई जा रही है। खम्मम जिले में कई जलाशय और टैंक क्षमता से अधिक भरे हैं।

आगे की स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि सभी बचाए गए लोगों की स्वास्थ्य जाँच की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और जलाशयों के निकट अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। NDRF और SDRF की टीमें जिले में अलर्ट पर तैनात हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी 'रियल-टाइम वाटर लेवल मॉनिटरिंग' और 'नो-गो ज़ोन प्रोटोकॉल' का जमीनी क्रियान्वयन अधूरा रहता है। इस बार सभी बच गए — लेकिन अगली बार का इंतजार नहीं करना चाहिए।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेथुपल्ली झील में नाव पलटने की घटना कैसे हुई?
तेलंगाना के खम्मम जिले में भारी बारिश से उफनती बेथुपल्ली झील में फंसे 5 मछुआरों को बचाने गई SDRF और फायर सर्विस की 11 सदस्यीय टीम की दोनों नावें बुधवार शाम 7:30 बजे तेज बहाव के कारण पलट गईं। इससे खुद बचाव दल के सभी 11 सदस्य लापता हो गए।
कितने लोगों को बचाया गया और कब?
कुल मिलाकर सभी प्रभावित लोग बचाए गए — 5 मूल मछुआरे रात 11:20 बजे NDRF ने निकाले, और नाव पलटने से बहे 11 बचाव कर्मियों को गुरुवार सुबह तक सुरक्षित बचा लिया गया। किसी की जान नहीं गई।
NDRF की टीम कहाँ से आई और उसने क्या किया?
NDRF की टीम विजयवाड़ा से भेजी गई और रात 10:30 बजे घटनास्थल पर पहुँची। उसने पहले उन 5 मछुआरों को पानी के बीच मिट्टी के टीले से रात 11:20 बजे निकाला, और फिर फायर सर्विस के साथ मिलकर रात भर नाव पलटने से बह गए 11 बचाव कर्मियों की भी तलाश जारी रखी।
इस घटना में SDRF के कर्मियों के अलावा और कौन शामिल थे?
बचाव दल में कोठागुडेम बटालियन के 6 पुलिसकर्मी, फायर सर्विस विभाग के 4 सदस्य और 1 स्थानीय निवासी शामिल थे। ये सभी नावें पलटने से बह गए, लेकिन गुरुवार सुबह तक सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
तेलंगाना में इस समय बाढ़ की क्या स्थिति है?
नवंबर 2026 में तेलंगाना में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे खम्मम जिले सहित कई इलाकों में जलाशय और टैंक क्षमता से अधिक भर गए हैं। अधिकारियों ने जलाशयों के निकट न जाने की सलाह दी है और NDRF-SDRF टीमें अलर्ट पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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