ट्विशा शर्मा न्याय मांग: भोपाल में पूर्व सैनिकों की बाइक रैली, दूसरी पोस्टमार्टम की अपील
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर 20 मई को पूर्व सैनिकों ने बड़ी बाइक रैली निकाली। रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूर्व सैनिक संगठन ने शौर्य स्मारक से डीजीपी कार्यालय तक रैली निकालकर मामले की निष्पक्ष जांच और दूसरी पोस्टमार्टम की मांग उठाई। रैली में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल रहे।
रैली का उद्देश्य और मार्ग
पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट किया कि यह रैली केवल न्याय की मांग तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य समाज को एकजुटता का संदेश देना भी था। रैली का मार्ग डीजीपी कार्यालय से होते हुए राजभवन और फिर मुख्यमंत्री आवास तक निर्धारित था।
रिटायर्ड मेजर जनरल का बयान
रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा, 'ट्विशा को न्याय मिले इसके लिए आज हम बाइक रैली निकाल रहे हैं। हम लोगों को यह संदेश दे रहे हैं कि हम उनके साथ हैं। हम संबंधित अधिकारियों को यह जानकारी देने जा रहे हैं कि ऐसा हो रहा है, कृपया इसमें हमारी मदद करें।' उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में कोर्ट में सुनवाई होनी है और उन्हें सकारात्मक फैसले की उम्मीद है।
डीजीपी प्रतिनिधि से मुलाकात
रैली के बाद श्याम श्रीवास्तव ने डीजीपी के प्रतिनिधि अनिल कुमार शर्मा से मुलाकात कर मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख में निष्पक्ष जांच की मांग रखी। श्रीवास्तव के अनुसार, शर्मा ने आश्वासन दिया कि जांच के हर चरण में परिवार के सदस्यों को शामिल किया जाएगा और उन्हें पूरी तरह संतुष्ट किया जाएगा। श्रीवास्तव ने कहा कि यदि डीजीपी स्वयं इस केस की जांच की जिम्मेदारी लें, तो निश्चित रूप से फर्क पड़ेगा।
परिवार की आशंका और कोर्ट में याचिका
ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा ने कोर्ट में दायर याचिका के संदर्भ में कहा कि उन्होंने यह अर्जी इसलिए दी है ताकि मौत के असली कारण और परिस्थितियों को लेकर कोई संशय न रहे। उन्होंने चेताया कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से महत्वपूर्ण फोरेंसिक निष्कर्षों पर अपूरणीय असर पड़ सकता है, जिससे न्याय मिलने में बाधा आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी फॉरेंसिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ट्विशा के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक और पूरे सम्मान के साथ किया जा सकता है।
आगे की राह
मामले में कोर्ट की सुनवाई जारी है और पूर्व सैनिक संगठन ने संकेत दिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी पोस्टमार्टम की मांग और जांच में परिवार की भागीदारी सुनिश्चित करने के आश्वासन के बाद अब सभी की नजरें अदालती फैसले पर टिकी हैं।