गंगा गाद निकासी समझौता: सीएम सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को दी जानकारी, बिहार को बाढ़ राहत की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके पटना स्थित आवास पर मुलाकात की। करीब 20 मिनट चली इस बैठक में मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार को सूचित किया कि गंगा नदी से गाद निकालने के लिए भारत सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ है, जो बिहार में आवर्ती बाढ़ की समस्या से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
समझौते का विवरण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और केंद्र सरकार के बीच यह समझौता हुआ है। इसके तहत गंगा सहित अन्य प्रमुख नदियों से करीब चार लाख क्यूबिक मीटर गाद निकाली जाएगी। निकाली गई गाद का उपयोग बिहार में भी किया जाएगा।
चौधरी ने बताया कि इस पहल से दो प्रमुख लाभ होंगे — राज्य में बाढ़ की स्थिति में राहत मिलेगी और खेतों की मिट्टी के कटाव से भी बचाव होगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार और सड़क परिवहन मंत्रालय को बधाई दी।
नीतीश कुमार की भूमिका और श्रेय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गंगा से गाद निकालने का मुद्दा नीतीश कुमार ने बार-बार उठाया था और इसके लिए उन्होंने एक विशेष अभियान भी चलाया था। चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के 'काम और सपनों को पूरा करने' की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन स्थापित किया है और राज्य को संगठित अपराध से मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
औद्योगिक विकास और रेल सुविधाओं पर चर्चा
सीएम चौधरी ने बताया कि गया के आईएमसी में बन रहे औद्योगिक कॉरिडोर की तर्ज पर राज्य में पाँच अन्य स्थानों पर भी ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र को दिया गया है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा के प्रस्ताव पहले ही केंद्र को सौंपे जा चुके हैं। राज्य में करीब 13 हजार एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा रही है और अब तक एक हजार से अधिक उद्योगों को अवसर दिए गए हैं।
इसके अलावा पटना में कंट्रोल एस का डाटा सेंटर बनकर तैयार हो गया है और वहाँ कामकाज शुरू हो चुका है। उन्होंने औद्योगिक कॉरिडोर के लिए पर्यावरणीय मंजूरी शीघ्र दिलाने और बिहार में इको-टूरिज्म विकसित करने के लिए केंद्र से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत स्वीकृति माँगी गई है।
रेल सुविधाओं के मोर्चे पर रेल मंत्री से छठ और दीपावली पर बिहार आने वाले यात्रियों के लिए पिछली बार चलाई गई 10 हजार से अधिक जोड़ी ट्रेनों से भी अधिक ट्रेनें चलाने का आग्रह किया गया है। साथ ही अयोध्या से सीतामढ़ी के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का अनुरोध किया गया है, ताकि भगवान राम की जन्मस्थली और माता सीता की जन्मस्थली को सीधे रेल मार्ग से जोड़ा जा सके।
आम जनता पर असर
गंगा की गाद निकासी का सीधा असर बिहार के उन लाखों किसानों और ग्रामीणों पर पड़ेगा जो हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। गाद जमा होने से नदी की जल-धारण क्षमता घट जाती है, जिसके कारण मामूली बारिश में भी बाढ़ की स्थिति बन जाती है। गौरतलब है कि बिहार के कई जिले — विशेषकर उत्तरी बिहार के — हर मानसून में बाढ़ से प्रभावित होते हैं।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि औद्योगिक कॉरिडोर के प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिलेगी। गंगा गाद निकासी की प्रक्रिया कब से शुरू होगी, इसका विस्तृत समय-सारणी अभी सामने नहीं आया है। नीतीश कुमार के साथ इस बैठक को राज्य के शासन में निरंतरता और समन्वय का प्रतीक माना जा रहा है।