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बिहार शिक्षा विभाग के अवर सचिव अमोद मिश्रा ₹20,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की 74वीं ट्रैप कार्रवाई

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बिहार शिक्षा विभाग के अवर सचिव अमोद मिश्रा ₹20,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की 74वीं ट्रैप कार्रवाई

सारांश

बिहार निगरानी ब्यूरो ने शिक्षा विभाग के अवर सचिव अमोद मिश्रा को पटना में ₹20,000 रिश्वत लेते दबोचा — 2026 की 74वीं ट्रैप कार्रवाई। इस वर्ष अब तक ₹28 लाख से अधिक रिश्वत बरामद हो चुकी है।

मुख्य बातें

निगरानी ब्यूरो ने 2 जुलाई 2026 को शिक्षा विभाग के अवर सचिव अमोद मिश्रा को ₹20,000 रिश्वत लेते पटना के गर्दनीबाग में गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता उमा शंकर उमरेबी (नालंदा) ने एरियर भुगतान के बदले रिश्वत माँगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावादल ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा।
वर्ष 2026 में यह 79वीं प्राथमिकी और 74वाँ ट्रैप मामला है; अब तक ₹28 लाख 5 हजार 300 रिश्वत बरामद।
वर्ष 2025 में ब्यूरो ने 101 ट्रैप मामले दर्ज कर ₹37 लाख 80 हजार 300 रिश्वत जब्त की थी।

बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने 2 जुलाई 2026 को शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन कोषांग में तैनात अवर सचिव अमोद मिश्रा को ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। यह गिरफ्तारी पटना के गर्दनीबाग स्थित मिनिस्टर एन्क्लेव मोड़ के निकट की गई। वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ब्यूरो की यह 74वीं ट्रैप कार्रवाई है।

शिकायत और जाँच की शुरुआत

नालंदा जिले के नई सराय निवासी उमा शंकर उमरेबी ने निगरानी ब्यूरो से शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके एरियर भुगतान से जुड़े कार्य के बदले अवर सचिव अमोद मिश्रा ₹20,000 की रिश्वत माँग रहे हैं। शिकायत प्राप्त होने के बाद ब्यूरो ने मामले का स्वतंत्र सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत माँगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इस आधार पर 1 जुलाई 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 079/26 दर्ज किया गया।

जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी

पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को ₹20,000 रिश्वत स्वीकार करते ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके पूरा होने पर उसे विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना में पेश किया जाएगा।

2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के आँकड़े

ब्यूरो के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 79वीं प्राथमिकी है, जिनमें ट्रैप से जुड़े 74 मामले शामिल हैं। इस वर्ष अब तक 74 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है और कुल ₹28 लाख 5 हजार 300 रिश्वत राशि बरामद की गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज हुए थे और ₹37 लाख 80 हजार 300 रिश्वत राशि जब्त की गई थी।

ब्यूरो का रुख और आगे की कार्रवाई

अधिकारियों का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी ब्यूरो का अभियान इसी तरह जारी रहेगा और रिश्वतखोरी में लिप्त अधिकारियों तथा कर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएँगे। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता को लेकर जन-दबाव लगातार बढ़ रहा है। मामले में आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ प्रणालीगत सुधार की ओर ले जा रही हैं या केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित हैं। शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन जैसे संवेदनशील कोषांग में रिश्वत की माँग यह दर्शाती है कि भ्रष्टाचार उन सेवाओं में भी गहरा है जो सीधे कर्मचारियों के वैध हकों से जुड़ी हैं। 2025 की तुलना में 2026 में ट्रैप मामलों की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है — यह देखना होगा कि ब्यूरो वरिष्ठ स्तर तक जाँच का दायरा बढ़ाता है या नहीं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार शिक्षा विभाग के अवर सचिव अमोद मिश्रा को क्यों गिरफ्तार किया गया?
अवर सचिव अमोद मिश्रा को नालंदा निवासी उमा शंकर उमरेबी के एरियर भुगतान से जुड़े कार्य के बदले ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी 2 जुलाई 2026 को पटना के गर्दनीबाग में निगरानी ब्यूरो की विशेष टीम ने की।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह कार्रवाई कैसे की?
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावादल गठित किया। टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को ₹20,000 स्वीकार करते ही गिरफ्तार कर लिया।
वर्ष 2026 में बिहार निगरानी ब्यूरो ने कितनी कार्रवाइयाँ की हैं?
ब्यूरो के आँकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक 79 प्राथमिकियाँ दर्ज हुई हैं, जिनमें 74 ट्रैप मामले शामिल हैं। इस दौरान 74 आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया और कुल ₹28 लाख 5 हजार 300 रिश्वत बरामद की गई।
आरोपी अधिकारी के विरुद्ध आगे क्या कार्रवाई होगी?
पूछताछ पूरी होने के बाद अमोद मिश्रा को विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जाँच जारी है।
2025 की तुलना में 2026 में बिहार में भ्रष्टाचार के मामलों की स्थिति कैसी है?
वर्ष 2025 में निगरानी ब्यूरो ने 101 ट्रैप मामले दर्ज किए थे और ₹37 लाख 80 हजार 300 रिश्वत बरामद की थी। 2026 में जुलाई तक 74 ट्रैप मामले दर्ज हो चुके हैं और ₹28 लाख 5 हजार 300 की बरामदगी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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