5 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट, 70 महिला अधिकारी भी शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट, 70 महिला अधिकारी भी शामिल

सारांश

ओडिशा की बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट हुए, जिनमें 70 महिलाएं शामिल हैं। डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने एआई को पुलिस का विकल्प नहीं, बल्कि 'फोर्स मल्टीप्लायर' बताते हुए तकनीक और जमीनी उपस्थिति के संतुलन पर जोर दिया।

मुख्य बातें

बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से 336 सब-इंस्पेक्टर ने 4 सितंबर 2026 को पास आउट किया।
पास आउट हुए अधिकारियों में 70 महिला सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं।
डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने कहा कि नए अधिकारी आगामी त्योहारी सीजन में बल की क्षमता बढ़ाएंगे।
इस बैच में कई इंजीनियरिंग स्नातक शामिल हैं; भारतीय न्याय संहिता के तहत फोरेंसिक और साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
डीजीपी ने एआई को जमीनी कर्मियों के विकल्प के बजाय 'फोर्स मल्टीप्लायर' बताया; सीसीटीवी और एआई टूल से 10 की जगह 8 कर्मी समान क्षेत्र कवर कर सकते हैं।

ओडिशा की बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से 336 सब-इंस्पेक्टर (एसआई) ने 4 सितंबर 2026 को पास आउट किया, जिनमें 70 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। इस दीक्षांत समारोह के साथ ओडिशा पुलिस बल को प्रशिक्षित कर्मियों की एक नई पीढ़ी मिली है, जो आने वाले त्योहारी सीजन और बड़े आयोजनों में तैनात होगी।

नए अधिकारियों की भर्ती का महत्व

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने पास आउट समारोह में कहा कि ये नए अधिकारी बल की परिचालन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, 'हमें युवा कर्मियों की जरूरत है। त्योहारों का मौसम आने वाला है, ऐसे में लंबी ड्यूटी और युवा कार्यबल की आवश्यकता है। वे वास्तव में हमारी ताकत बढ़ाएंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में दुर्गा पूजा सहित कई प्रमुख त्योहारों के लिए व्यापक कानून-व्यवस्था प्रबंधन की आवश्यकता होती है।

तकनीकी दक्षता और आधुनिक प्रशिक्षण

डीजीपी मिश्रा ने बताया कि इस बैच में पास आउट हुए कई एसआई इंजीनियरिंग स्नातक हैं, जबकि गैर-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों ने भी प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। भारतीय न्याय संहिता सहित नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फोरेंसिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया है। मिश्रा के अनुसार, बेहतर प्रशिक्षण और वैज्ञानिक साधनों के समन्वय से जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा।

एआई और तकनीक की भूमिका

पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका पर डीजीपी ने स्पष्ट किया कि तकनीक को जमीनी कर्मियों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि 'फोर्स मल्टीप्लायर' यानी बल की क्षमता बढ़ाने वाले साधन के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एआई चाहे कितना भी आ जाए, यह बल की क्षमता बढ़ाने वाला साधन ही है। यह पुलिस कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां तेजी से निभाने, प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने और गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगा, लेकिन बुनियादी बातें वही रहेंगी।' उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सीसीटीवी और एआई-आधारित निगरानी प्रणालियों की मदद से जो काम पहले 10 कर्मियों को करना पड़ता था, वह अब 8 कर्मी कर सकते हैं — इससे कवरेज से समझौता किए बिना परिचालन दक्षता बढ़ती है।

ओडिशा पुलिस की आधुनिकीकरण दिशा

मिश्रा ने रेखांकित किया कि पुलिस की मूल प्राथमिकताएं — सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों को न्याय व सेवाएं प्रदान करना — अपरिवर्तित रहेंगी। उन्होंने कहा, 'अगर लोगों को सुरक्षा देनी है, तो जमीन पर पुलिस की मौजूदगी जरूरी है।' फोरेंसिक तकनीक, निरंतर कौशल विकास और आधुनिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने की बात करते हुए डीजीपी ने भरोसा जताया कि यह नई पीढ़ी ओडिशा पुलिस की नागरिक-केंद्रित और तकनीक-संचालित पुलिसिंग की कोशिशों को नई गति देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि फोरेंसिक और एआई उपकरण ज़िला और ग्रामीण स्तर तक कितनी तेज़ी से पहुँचते हैं, जहाँ संसाधनों की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती है। 70 महिला अधिकारियों की भागीदारी उत्साहजनक है, लेकिन यह देखना होगा कि इन्हें संवेदनशील पोस्टिंग और नेतृत्व की भूमिकाएं मिलती हैं या नहीं।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से कितने सब-इंस्पेक्टर पास आउट हुए?
बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से कुल 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट हुए, जिनमें 70 महिला अधिकारी शामिल हैं। यह समारोह 4 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित हुआ।
ओडिशा के डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने एआई के बारे में क्या कहा?
डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने कहा कि एआई पुलिस कर्मियों का विकल्प नहीं, बल्कि 'फोर्स मल्टीप्लायर' है। उन्होंने उदाहरण दिया कि सीसीटीवी और एआई निगरानी प्रणालियों से 10 की जगह 8 कर्मी समान क्षेत्र को कवर कर सकते हैं, जिससे जमीनी उपस्थिति की अनिवार्यता कम नहीं होती।
नए सब-इंस्पेक्टरों को किस तरह का प्रशिक्षण दिया गया है?
नए एसआई को भारतीय न्याय संहिता सहित नए आपराधिक कानूनों, फोरेंसिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। बैच में कई इंजीनियरिंग स्नातक हैं और गैर-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वालों ने भी उत्कृष्ट तकनीकी कौशल दिखाया।
ये नए अधिकारी ओडिशा पुलिस के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
डीजीपी के अनुसार, ये अधिकारी आगामी त्योहारी सीजन में लंबी ड्यूटी और अधिक जमीनी तैनाती की जरूरत को पूरा करेंगे। साथ ही, आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त यह बैच ओडिशा पुलिस की तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा को मजबूत करेगा।
बीजू पटनायक पुलिस अकादमी कहाँ स्थित है?
बीजू पटनायक पुलिस अकादमी ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है। यह ओडिशा पुलिस बल के अधिकारियों के प्रशिक्षण की प्रमुख संस्था है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले