बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट, 70 महिला अधिकारी भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा की बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से 336 सब-इंस्पेक्टर (एसआई) ने 4 सितंबर 2026 को पास आउट किया, जिनमें 70 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। इस दीक्षांत समारोह के साथ ओडिशा पुलिस बल को प्रशिक्षित कर्मियों की एक नई पीढ़ी मिली है, जो आने वाले त्योहारी सीजन और बड़े आयोजनों में तैनात होगी।
नए अधिकारियों की भर्ती का महत्व
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने पास आउट समारोह में कहा कि ये नए अधिकारी बल की परिचालन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, 'हमें युवा कर्मियों की जरूरत है। त्योहारों का मौसम आने वाला है, ऐसे में लंबी ड्यूटी और युवा कार्यबल की आवश्यकता है। वे वास्तव में हमारी ताकत बढ़ाएंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में दुर्गा पूजा सहित कई प्रमुख त्योहारों के लिए व्यापक कानून-व्यवस्था प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
तकनीकी दक्षता और आधुनिक प्रशिक्षण
डीजीपी मिश्रा ने बताया कि इस बैच में पास आउट हुए कई एसआई इंजीनियरिंग स्नातक हैं, जबकि गैर-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों ने भी प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। भारतीय न्याय संहिता सहित नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फोरेंसिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया है। मिश्रा के अनुसार, बेहतर प्रशिक्षण और वैज्ञानिक साधनों के समन्वय से जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा।
एआई और तकनीक की भूमिका
पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका पर डीजीपी ने स्पष्ट किया कि तकनीक को जमीनी कर्मियों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि 'फोर्स मल्टीप्लायर' यानी बल की क्षमता बढ़ाने वाले साधन के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एआई चाहे कितना भी आ जाए, यह बल की क्षमता बढ़ाने वाला साधन ही है। यह पुलिस कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां तेजी से निभाने, प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने और गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगा, लेकिन बुनियादी बातें वही रहेंगी।' उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सीसीटीवी और एआई-आधारित निगरानी प्रणालियों की मदद से जो काम पहले 10 कर्मियों को करना पड़ता था, वह अब 8 कर्मी कर सकते हैं — इससे कवरेज से समझौता किए बिना परिचालन दक्षता बढ़ती है।
ओडिशा पुलिस की आधुनिकीकरण दिशा
मिश्रा ने रेखांकित किया कि पुलिस की मूल प्राथमिकताएं — सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों को न्याय व सेवाएं प्रदान करना — अपरिवर्तित रहेंगी। उन्होंने कहा, 'अगर लोगों को सुरक्षा देनी है, तो जमीन पर पुलिस की मौजूदगी जरूरी है।' फोरेंसिक तकनीक, निरंतर कौशल विकास और आधुनिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने की बात करते हुए डीजीपी ने भरोसा जताया कि यह नई पीढ़ी ओडिशा पुलिस की नागरिक-केंद्रित और तकनीक-संचालित पुलिसिंग की कोशिशों को नई गति देगी।