23 सितंबर 2026
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ओडिशा पाठ्यपुस्तक घोटाला: BJD ने भुवनेश्वर में किया बड़ा प्रदर्शन, मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा माँगा

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ओडिशा पाठ्यपुस्तक घोटाला: BJD ने भुवनेश्वर में किया बड़ा प्रदर्शन, मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा माँगा

सारांश

ओडिशा में पाठ्यपुस्तक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। BJD ने NEP-2020 के तहत छपी कक्षा 1-8 की किताबों में 1,678 से अधिक त्रुटियाँ और ₹380 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाते हुए भुवनेश्वर में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बारिश में प्रदर्शन किया और मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा माँगा।

मुख्य बातें

BJD के युवा व छात्र संगठनों ने 22 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में विशाल विरोध प्रदर्शन किया।
पार्टी का दावा है कि NEP-2020 के तहत कक्षा 1 से 8 की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 से अधिक त्रुटियाँ हैं।
पाठ्यपुस्तक प्रकाशन में ₹380 करोड़ के घोटाले का आरोप; मंत्री नित्यानंद गोंड पर कथित संलिप्तता का आरोप।
BJD के प्रदेश अध्यक्ष चिन्मय साहू व बीसीजेडी अध्यक्ष इप्सिता साहू ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
BJD विधायक विधानसभा से पैदल धरना स्थल पहुँचे; पाठ्यपुस्तक विवाद पर विधानसभा स्थगित हुई।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक सही पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलतीं और मंत्री इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा।

बीजू जनता दल (BJD) के युवा संगठन बीजू युवा जनता दल और छात्र संगठन बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) ने 22 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में विशाल प्रदर्शन किया और ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में कथित 1,678 से अधिक त्रुटियों को लेकर स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के तत्काल इस्तीफे की माँग की। बारिश के बावजूद हजारों युवा और छात्र सदस्यों ने इस विरोध मार्च में हिस्सा लिया, जो राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ BJD के बढ़ते आंदोलन का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

BJD के प्रदेश अध्यक्ष चिन्मय साहू और बीसीजेडी की प्रदेश अध्यक्ष इप्सिता साहू ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। BJD विधायक भी विधानसभा से पैदल चलकर धरना स्थल तक पहुँचे और बारिश में प्रदर्शन में शामिल हुए। पार्टी के अनुसार, उसके युवा और छात्र संगठन ओडिशा विधानसभा के सामने चौबीसों घंटे धरना दे रहे हैं। पाठ्यपुस्तकों के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बाद विधानसभा स्थगित भी करनी पड़ी।

BJD के आरोप और दावे

BJD ने आरोप लगाया है कि BJP नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 से अधिक त्रुटियाँ जानते-बूझते छात्रों तक पहुँचाईं। पार्टी का दावा है कि इन पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में ₹380 करोड़ का घोटाला हुआ है और मंत्री नित्यानंद गोंड इस भ्रष्टाचार में कथित तौर पर संलिप्त हैं।

BJD नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को बरी किया जा रहा है — जो कथित तौर पर जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।

छात्रों पर असर

BJD ने चिंता जताई कि परीक्षाएँ नजदीक आने के साथ, त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकें छात्रों की तैयारी पर सीधा असर डाल रही हैं। पार्टी का कहना है कि अभी तक छात्रों को सुधरी हुई त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में NEP-2020 के क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

सरकार की स्थिति

मंत्री नित्यानंद गोंड ने इस्तीफे की माँगों के बावजूद अभी तक पद नहीं छोड़ा है। BJD के अनुसार, मंत्री के इनकार के बाद ही आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। इनपुट के अनुसार सरकार की ओर से इस विशिष्ट प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी उपलब्ध नहीं है।

क्या होगा आगे

BJD ने स्पष्ट किया है कि जब तक मंत्री गोंड का इस्तीफा नहीं होता और छात्रों को सही पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। गौरतलब है कि यह BJD के लिए विपक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, क्योंकि पार्टी पिछले चुनाव में सत्ता गँवाने के बाद राज्य राजनीति में अपना दबदबा पुनः स्थापित करने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

678 त्रुटियों और ₹380 करोड़ के आरोप गंभीर हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र जाँच अभी लंबित है — ये आँकड़े अभी BJD के अपने दावे हैं, जिनकी सरकारी पुष्टि नहीं हुई। असली सवाल यह है कि राज्य सरकार ने कथित रूप से त्रुटियाँ जानने के बावजूद पाठ्यपुस्तकें क्यों वितरित कीं, और इसके लिए जवाबदेही का तंत्र क्या है। यह विवाद यह भी उजागर करता है कि NEP-2020 के क्रियान्वयन में गुणवत्ता नियंत्रण राज्यों के लिए एक कमज़ोर कड़ी बनती जा रही है। BJD के लिए यह आंदोलन विपक्ष में अपनी प्रासंगिकता साबित करने का अवसर भी है, जो उसके राजनीतिक पुनरुत्थान की रणनीति का हिस्सा दिखता है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा पाठ्यपुस्तक विवाद क्या है?
BJD का आरोप है कि BJP नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार ने NEP-2020 के तहत कक्षा 1 से 8 की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 से अधिक त्रुटियाँ जानते-बूझते छात्रों को वितरित कीं। पार्टी ने इस प्रकाशन में ₹380 करोड़ के घोटाले का भी आरोप लगाया है।
BJD किसके इस्तीफे की माँग कर रही है और क्यों?
BJD स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की माँग कर रही है, क्योंकि पार्टी उन्हें पाठ्यपुस्तक प्रकाशन में कथित भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार मानती है। मंत्री ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है, जिसके बाद आंदोलन तेज हो गया।
इस विवाद का छात्रों पर क्या असर पड़ रहा है?
BJD के अनुसार परीक्षाएँ नजदीक होने के बावजूद छात्रों को अभी तक सही और त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं। पार्टी का कहना है कि त्रुटिपूर्ण किताबों से पढ़ रहे छात्र परीक्षा की ठीक से तैयारी नहीं कर पाएँगे।
22 सितंबर 2026 के प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल हुआ?
BJD के प्रदेश अध्यक्ष चिन्मय साहू, बीसीजेडी की प्रदेश अध्यक्ष इप्सिता साहू और हजारों युवा व छात्र कार्यकर्ता शामिल हुए। BJD विधायक भी विधानसभा से पैदल धरना स्थल तक पहुँचे और बारिश में प्रदर्शन में शामिल हुए।
क्या BJD का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?
हाँ, BJD ने स्पष्ट किया है कि उसके युवा और छात्र संगठन ओडिशा विधानसभा के सामने चौबीसों घंटे धरना दे रहे हैं और जब तक मंत्री का इस्तीफा नहीं होता और छात्रों को सही पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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