ओडिशा पाठ्यपुस्तक घोटाला: BJD ने भुवनेश्वर में किया बड़ा प्रदर्शन, मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (BJD) के युवा संगठन बीजू युवा जनता दल और छात्र संगठन बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) ने 22 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में विशाल प्रदर्शन किया और ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में कथित 1,678 से अधिक त्रुटियों को लेकर स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के तत्काल इस्तीफे की माँग की। बारिश के बावजूद हजारों युवा और छात्र सदस्यों ने इस विरोध मार्च में हिस्सा लिया, जो राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ BJD के बढ़ते आंदोलन का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
BJD के प्रदेश अध्यक्ष चिन्मय साहू और बीसीजेडी की प्रदेश अध्यक्ष इप्सिता साहू ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। BJD विधायक भी विधानसभा से पैदल चलकर धरना स्थल तक पहुँचे और बारिश में प्रदर्शन में शामिल हुए। पार्टी के अनुसार, उसके युवा और छात्र संगठन ओडिशा विधानसभा के सामने चौबीसों घंटे धरना दे रहे हैं। पाठ्यपुस्तकों के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बाद विधानसभा स्थगित भी करनी पड़ी।
BJD के आरोप और दावे
BJD ने आरोप लगाया है कि BJP नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 से अधिक त्रुटियाँ जानते-बूझते छात्रों तक पहुँचाईं। पार्टी का दावा है कि इन पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में ₹380 करोड़ का घोटाला हुआ है और मंत्री नित्यानंद गोंड इस भ्रष्टाचार में कथित तौर पर संलिप्त हैं।
BJD नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को बरी किया जा रहा है — जो कथित तौर पर जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।
छात्रों पर असर
BJD ने चिंता जताई कि परीक्षाएँ नजदीक आने के साथ, त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकें छात्रों की तैयारी पर सीधा असर डाल रही हैं। पार्टी का कहना है कि अभी तक छात्रों को सुधरी हुई त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में NEP-2020 के क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
सरकार की स्थिति
मंत्री नित्यानंद गोंड ने इस्तीफे की माँगों के बावजूद अभी तक पद नहीं छोड़ा है। BJD के अनुसार, मंत्री के इनकार के बाद ही आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। इनपुट के अनुसार सरकार की ओर से इस विशिष्ट प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी उपलब्ध नहीं है।
क्या होगा आगे
BJD ने स्पष्ट किया है कि जब तक मंत्री गोंड का इस्तीफा नहीं होता और छात्रों को सही पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। गौरतलब है कि यह BJD के लिए विपक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, क्योंकि पार्टी पिछले चुनाव में सत्ता गँवाने के बाद राज्य राजनीति में अपना दबदबा पुनः स्थापित करने की कोशिश में है।