हैदराबाद कॉलेज में रोहिंग्या एडमिशन विवाद: भाजपा नेता के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के ओल्ड सिटी स्थित नूरिया कोऑपरेटिव जूनियर कॉलेज के प्रबंधन ने 2 जुलाई को संतोष नगर पुलिस स्टेशन में एक भाजपा नेता और उनके 30-40 समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि महेश्वरम से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अंडेला श्रीरामुलु यादव की अगुवाई में यह भीड़ कॉलेज परिसर में घुसी, स्टाफ को धमकाया और रोहिंग्या मुसलमानों के बच्चों के दाखिले का शक जताते हुए छात्रों के रिकॉर्ड माँगे।
घटनाक्रम: कॉलेज में क्या हुआ
कॉलेज के प्रिंसिपल मोहम्मद गजियुद्दीन की तरफ से दर्ज शिकायत के अनुसार, बुधवार को एड़ी बाज़ार इलाके में स्थित इस कॉलेज में भाजपा नेता और उनके समर्थक अचानक पहुँचे। उन्होंने स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की और छात्रों का दाखिला रिकॉर्ड दिखाने की जबरन माँग की। प्रिंसिपल के मुताबिक इस घटना से स्टाफ और छात्रों में भय का माहौल बन गया।
कॉलेज के लेक्चरर हुजैफा ने स्पष्ट किया कि संस्थान में दाखिले बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट के नियमों के तहत दिए जाते हैं और जो छात्र रिफ्यूजी हैं, उन्हें वैध रिफ्यूजी कार्ड के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। प्रिंसिपल ने यह भी खारिज किया कि कॉलेज ने किसी अवैध प्रवासी के बच्चे को दाखिला दिया है।
भाजपा नेता का पक्ष
श्रीरामुलु यादव ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कॉलेज में रोहिंग्या समुदाय का कम से कम एक छात्र पढ़ रहा है, और जाँच करने पर उन्हें कई विदेशियों के बच्चे मिले। उन्होंने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन ने स्वयं उन्हें संबंधित छात्रों के दाखिला रिकॉर्ड, 10वीं कक्षा के बोनाफाइड सर्टिफिकेट और अन्य पहचान दस्तावेज दिखाए।
भाजपा नेता ने माँग की कि राज्य सरकार कॉलेज की मान्यता रद्द करे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) इस मामले में कॉलेज का समर्थन कर रही है।
ओवैसी और एसआईआर विवाद से जोड़ा
श्रीरामुलु यादव ने सवाल उठाया कि क्या AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी म्यांमार और बांग्लादेश के कथित अवैध प्रवासियों को बचाने के लिए मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का विरोध कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में रोहिंग्या प्रवासियों की पहचान और उनके दस्तावेज़ों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
पुलिस और प्रशासन की स्थिति
संतोष नगर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जाँच जारी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रबंधन ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। यह मामला हैदराबाद में शैक्षणिक संस्थानों और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े राजनीतिक विवादों की श्रृंखला में एक नया अध्याय जोड़ता है।