16 जुलाई 2026
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CAFE-III मसौदा जारी: 2027 से कारों पर सख्त ईंधन दक्षता मानदंड, 6 अगस्त तक मांगे सुझाव

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CAFE-III मसौदा जारी: 2027 से कारों पर सख्त ईंधन दक्षता मानदंड, 6 अगस्त तक मांगे सुझाव

सारांश

विद्युत मंत्रालय ने CAFE-III का मसौदा जारी कर 2027 से कारों पर सख्त ईंधन दक्षता लक्ष्य तय किए हैं। दो-चरणीय अनुपालन ढाँचा, ₹2,500 प्रति क्रेडिट की दर और बढ़ते वार्षिक लक्ष्य — यह भारत के ऑटो क्षेत्र के लिए अगला बड़ा नियामक मोड़ है।

मुख्य बातें

विद्युत मंत्रालय ने 16 जुलाई 2026 को CAFE-III का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया।
मानदंड 2027-28 से 2031-32 तक M1 श्रेणी के यात्री वाहनों (हैचबैक, सेडान, SUV) पर लागू होंगे।
अनुपालन दो चरणों में — पहला 3 वर्ष , दूसरा 2 वर्ष ; हर साल लक्ष्य और कड़े होंगे।
कम्प्लायंस क्रेडिट की दर ₹2,500 प्रति क्रेडिट , हर वर्ष ₹500 की वृद्धि।
सालाना 1,000 से कम वाहन बेचने वाले निर्माताओं को छूट; जुर्माने की विस्तृत राशि अभी घोषित नहीं।
सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 6 अगस्त 2026 ।

विद्युत मंत्रालय ने 16 जुलाई 2026 को कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता मानदंड-III (CAFE-III) का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया। ये मानदंड 2027-28 से 2031-32 के बीच भारत में निर्मित या आयातित M1 श्रेणी के यात्री वाहनों पर लागू होंगे। 6 अगस्त 2026 तक हितधारक और आम जनता अपने सुझाव मंत्रालय को भेज सकते हैं।

CAFE-III क्या है और किन वाहनों पर लागू होगा

M1 श्रेणी में वे यात्री वाहन आते हैं जिनमें चालक के अतिरिक्त अधिकतम आठ यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है — यानी हैचबैक, सेडान और एसयूवी। वाणिज्यिक मालवाहक वाहन और बसें इस दायरे से बाहर हैं। मौजूदा CAFE-II मानदंडों की अवधि 31 मार्च 2027 को समाप्त होने की संभावना है, जिसके बाद CAFE-III लागू होने का प्रस्ताव है।

अनुपालन का ढाँचा: दो चरणों में होगा मूल्यांकन

CAFE-III के तहत अनुपालन का आकलन दो चरणों में किया जाएगा — पहला चरण तीन वर्षों का और दूसरा दो वर्षों का। प्रत्येक वर्ष के साथ ईंधन दक्षता के लक्ष्य और अधिक कड़े होते जाएंगे। बिजली मंत्रालय के अधीन ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) की निगरानी में तैयार इस ढाँचे का लक्ष्य वित्त वर्ष 2032 तक वाहन बेड़े का औसत उत्सर्जन मौजूदा स्तर से काफी कम करना है।

क्रेडिट प्रणाली और जुर्माने का प्रावधान

नए ढाँचे के अनुसार, कम्प्लायंस क्रेडिट की कीमत ₹2,500 प्रति क्रेडिट तय की गई है, जो हर वर्ष ₹500 बढ़ेगी। अनुपालन अवधि समाप्त होने के बाद उपयोग न किए गए क्रेडिट स्वतः समाप्त हो जाएंगे। जो वाहन निर्माता निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर पाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है, हालाँकि जुर्माने की विस्तृत राशि का अभी उल्लेख नहीं किया गया है। गौरतलब है कि सालाना 1,000 से कम वाहन बेचने वाले निर्माताओं को इन नियमों से छूट मिलेगी।

उद्योग जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया

मसौदे के पहले के संस्करणों पर उद्योग की राय एकमत नहीं रही है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने इस प्रस्ताव को संतुलित बताया है। वहीं, कुछ वाहन निर्माताओं ने छोटी पेट्रोल कारों के लिए राहत की माँग की है, जबकि कुछ ने इस श्रेणी के लिए अलग नियम बनाने का विरोध किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर धीमी लेकिन निरंतर पारी कर रहा है।

सुझाव कैसे और कहाँ भेजें

मंत्रालय ने हितधारकों और आम जनता से 6 अगस्त 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। सुझाव ऊर्जा संरक्षण प्रभाग के अवर सचिव को नई दिल्ली स्थित मंत्रालय कार्यालय में या ई-मेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। मसौदा मानदंड शीघ्र ही विद्युत मंत्रालय और BEE की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन घटाने की दिशा में यह कदम भारत की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं से सीधे जुड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जुर्माने की राशि अभी तक अघोषित रहना एक बड़ी खामी है — बिना स्पष्ट दंड-प्रावधान के, अनुपालन की बाध्यता कमज़ोर पड़ सकती है। क्रेडिट प्रणाली की शुरुआत सकारात्मक है, पर 'अनुपालन अवधि के बाद क्रेडिट स्वतः समाप्त' जैसा प्रावधान निर्माताओं को दीर्घकालिक निवेश से हतोत्साहित कर सकता है। SIAM की 'संतुलित' प्रतिक्रिया और छोटे निर्माताओं की राहत-माँग यह संकेत देती है कि अंतिम मानदंड लॉबिंग के दबाव में नरम पड़ सकते हैं — जो भारत की 2070 नेट-जीरो प्रतिबद्धता के लिहाज़ से चिंताजनक होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CAFE-III मानदंड क्या हैं और ये कब लागू होंगे?
CAFE-III यानी कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता मानदंड-III, विद्युत मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नए वाहन ईंधन दक्षता नियम हैं जो 2027-28 से 2031-32 के बीच लागू होने का प्रस्ताव है। ये मौजूदा CAFE-II मानदंडों की जगह लेंगे, जिनकी अवधि 31 मार्च 2027 को समाप्त होने की संभावना है।
CAFE-III किन वाहनों पर लागू होगा?
ये मानदंड M1 श्रेणी के यात्री वाहनों पर लागू होंगे — जिनमें चालक के अलावा अधिकतम आठ यात्री बैठ सकते हैं, जैसे हैचबैक, सेडान और SUV। वाणिज्यिक मालवाहक वाहन, बसें और सालाना 1,000 से कम वाहन बेचने वाले निर्माता इस दायरे से बाहर हैं।
CAFE-III के तहत क्रेडिट और जुर्माने की व्यवस्था क्या है?
कम्प्लायंस क्रेडिट की प्रारंभिक कीमत ₹2,500 प्रति क्रेडिट है, जो हर साल ₹500 बढ़ेगी। अनुपालन अवधि समाप्त होने के बाद उपयोग न किए गए क्रेडिट स्वतः समाप्त हो जाएंगे। मानदंड पूरे न करने वाले निर्माताओं पर जुर्माना लगाया जा सकता है, हालाँकि जुर्माने की विस्तृत राशि अभी घोषित नहीं की गई है।
CAFE-III मसौदे पर सुझाव कैसे और कब तक भेजे जा सकते हैं?
हितधारक और आम जनता 6 अगस्त 2026 तक अपने सुझाव ऊर्जा संरक्षण प्रभाग के अवर सचिव को नई दिल्ली स्थित विद्युत मंत्रालय कार्यालय में या ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। मसौदा शीघ्र ही विद्युत मंत्रालय और BEE की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध होगा।
ऑटोमोबाइल उद्योग ने CAFE-III पर क्या रुख अपनाया है?
SIAM ने मसौदे को संतुलित बताया है, जबकि कुछ वाहन निर्माताओं ने छोटी पेट्रोल कारों के लिए राहत माँगी है और कुछ ने इस श्रेणी के लिए अलग नियम बनाने का विरोध किया है। उद्योग की यह मिली-जुली प्रतिक्रिया अंतिम मानदंडों के स्वरूप को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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