CAFE-III मसौदा जारी: 2027 से कारों पर सख्त ईंधन दक्षता मानदंड, 6 अगस्त तक मांगे सुझाव
सारांश
मुख्य बातें
विद्युत मंत्रालय ने 16 जुलाई 2026 को कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता मानदंड-III (CAFE-III) का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया। ये मानदंड 2027-28 से 2031-32 के बीच भारत में निर्मित या आयातित M1 श्रेणी के यात्री वाहनों पर लागू होंगे। 6 अगस्त 2026 तक हितधारक और आम जनता अपने सुझाव मंत्रालय को भेज सकते हैं।
CAFE-III क्या है और किन वाहनों पर लागू होगा
M1 श्रेणी में वे यात्री वाहन आते हैं जिनमें चालक के अतिरिक्त अधिकतम आठ यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है — यानी हैचबैक, सेडान और एसयूवी। वाणिज्यिक मालवाहक वाहन और बसें इस दायरे से बाहर हैं। मौजूदा CAFE-II मानदंडों की अवधि 31 मार्च 2027 को समाप्त होने की संभावना है, जिसके बाद CAFE-III लागू होने का प्रस्ताव है।
अनुपालन का ढाँचा: दो चरणों में होगा मूल्यांकन
CAFE-III के तहत अनुपालन का आकलन दो चरणों में किया जाएगा — पहला चरण तीन वर्षों का और दूसरा दो वर्षों का। प्रत्येक वर्ष के साथ ईंधन दक्षता के लक्ष्य और अधिक कड़े होते जाएंगे। बिजली मंत्रालय के अधीन ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) की निगरानी में तैयार इस ढाँचे का लक्ष्य वित्त वर्ष 2032 तक वाहन बेड़े का औसत उत्सर्जन मौजूदा स्तर से काफी कम करना है।
क्रेडिट प्रणाली और जुर्माने का प्रावधान
नए ढाँचे के अनुसार, कम्प्लायंस क्रेडिट की कीमत ₹2,500 प्रति क्रेडिट तय की गई है, जो हर वर्ष ₹500 बढ़ेगी। अनुपालन अवधि समाप्त होने के बाद उपयोग न किए गए क्रेडिट स्वतः समाप्त हो जाएंगे। जो वाहन निर्माता निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर पाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है, हालाँकि जुर्माने की विस्तृत राशि का अभी उल्लेख नहीं किया गया है। गौरतलब है कि सालाना 1,000 से कम वाहन बेचने वाले निर्माताओं को इन नियमों से छूट मिलेगी।
उद्योग जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया
मसौदे के पहले के संस्करणों पर उद्योग की राय एकमत नहीं रही है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने इस प्रस्ताव को संतुलित बताया है। वहीं, कुछ वाहन निर्माताओं ने छोटी पेट्रोल कारों के लिए राहत की माँग की है, जबकि कुछ ने इस श्रेणी के लिए अलग नियम बनाने का विरोध किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर धीमी लेकिन निरंतर पारी कर रहा है।
सुझाव कैसे और कहाँ भेजें
मंत्रालय ने हितधारकों और आम जनता से 6 अगस्त 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। सुझाव ऊर्जा संरक्षण प्रभाग के अवर सचिव को नई दिल्ली स्थित मंत्रालय कार्यालय में या ई-मेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। मसौदा मानदंड शीघ्र ही विद्युत मंत्रालय और BEE की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन घटाने की दिशा में यह कदम भारत की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं से सीधे जुड़ा है।