10 अगस्त 2026
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सीबीआई ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को किया गिरफ्तार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से ₹60.54 करोड़ गबन का मामला

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सीबीआई ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को किया गिरफ्तार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से ₹60.54 करोड़ गबन का मामला

सारांश

सीबीआई की जाँच का दायरा अब वरिष्ठ नौकरशाही तक पहुँच गया है। आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी उस बड़े घोटाले की कड़ी है जिसमें हरियाणा के 8 विभागों की ₹504 करोड़ की राशि शेल कंपनियों में भेजी गई। ₹60.54 करोड़ के सीधे नुकसान के साथ यह मामला सरकारी तंत्र में वित्तीय अनुशासन की गंभीर खामियाँ उजागर करता है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 23 जून 2026 को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, चंडीगढ़ सेक्टर 32 शाखा में एचएसएसपीपी और एचएसएएमबी के खातों से ₹60.54 करोड़ का गबन हुआ।
यह मामला हरियाणा के 8 विभागों की ₹504 करोड़ की राशि से जुड़े बड़े घोटाले का हिस्सा है।
अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
आईएएस अधिकारी आरके सिंह को पंचकूला नगर निगम मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
सीबीआई ने सीएससीएल और सीआरईएसटी चंडीगढ़ से जुड़े दो अतिरिक्त मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की है।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार, 23 जून 2026 को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर 32 शाखा में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के सरकारी खातों से ₹60.54 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में हुई है। अग्रवाल को मंगलवार, 24 जून को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा।

मामले की पृष्ठभूमि

जाँच में सामने आया कि विचाराधीन खाते हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के प्रचलित नियमों का उल्लंघन करके खोले गए थे। इन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी धनराशि स्थानांतरित की गई। ये खाते उस कार्यकाल के दौरान खोले गए जब पंकज अग्रवाल संबंधित विभागों में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे। जाँच एजेंसी के अनुसार, इन खातों से धोखाधड़ी वाले लेन-देन के माध्यम से सरकारी कोष को ₹60.54 करोड़ का नुकसान पहुँचाया गया और अग्रवाल के विरुद्ध ठोस साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

व्यापक घोटाले का हिस्सा

यह मामला चंडीगढ़ सेक्टर 32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का अंग है, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों की ₹504 करोड़ की राशि को कथित तौर पर शेल कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह जाँच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक/एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 सरकारी कर्मचारी, 2 कंपनियाँ और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

आरके सिंह मामले में न्यायिक हिरासत

इसी श्रृंखला में, पंचकूला नगर निगम में फंड के दुरुपयोग के मामले में पहले गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरके सिंह की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि सीबीआई इस पूरे मामले में एक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँच रही है।

चंडीगढ़ के दो अतिरिक्त मामले

सीबीआई ने केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ से दो और मामले अपने हाथ में लिए हैं — एक चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल)/चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ा और दूसरा सीआरईएसटी चंडीगढ़ से संबंधित। सीएससीएल मामले में 5 बैंकरों, 1 अधिकारी और 1 निजी व्यक्ति के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है। सीआरईएसटी मामले में 5 बैंकरों, 2 अधिकारियों, 4 निजी व्यक्तियों और 2 कंपनियों के विरुद्ध चार्जशीट दायर है तथा एक वरिष्ठ अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने पंकज अग्रवाल को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर 32 शाखा में एचएसएसपीपी और एचएसएएमबी के सरकारी खातों से ₹60.54 करोड़ के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार किया। ये खाते उनके प्रधान सचिव कार्यकाल के दौरान वित्त विभाग के नियमों का उल्लंघन करके खोले गए थे।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक चंडीगढ़ घोटाला कितना बड़ा है?
यह घोटाला हरियाणा सरकार के 8 विभागों की ₹504 करोड़ की राशि से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर शेल कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
इस मामले में अब तक कितने लोगों पर चार्जशीट दाखिल हुई है?
सीबीआई ने हरियाणा मामले में 17 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की है — इनमें 6 बैंक अधिकारी (आईडीएफसी फर्स्ट बैंक/एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक), 3 सरकारी कर्मचारी, 2 कंपनियाँ और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।
आईएएस अधिकारी आरके सिंह का इस मामले से क्या संबंध है?
आरके सिंह एक अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं जिन्हें पंचकूला नगर निगम में फंड के दुरुपयोग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सीबीआई ने चंडीगढ़ में और कौन-से मामले अपने हाथ में लिए हैं?
सीबीआई ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल)/चंडीगढ़ नगर निगम और सीआरईएसटी चंडीगढ़ से जुड़े दो अतिरिक्त मामले अपने हाथ में लिए हैं। दोनों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और एक वरिष्ठ अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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