पंचकूला नगर निगम घोटाला: सीबीआई ने आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को किया गिरफ्तार, ₹79.46 करोड़ की हेराफेरी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 18 जून 2026 को पंचकूला नगर निगम फंड घोटाले में आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को गिरफ्तार किया, जो घटनाक्रम के समय पंचकूला नगर निगम (एमसी) के कमिश्नर के पद पर तैनात थे। यह गिरफ्तारी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर-32 शाखा में एमसी पंचकूला के खाते से सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग के मामले में की गई है।
घोटाले का तरीका
जांच में सामने आया है कि विचाराधीन बैंक खाता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के प्रचलित नियमों का उल्लंघन कर खोला गया था। खाता खोलने के फॉर्म में जानकारी इस प्रकार दर्ज की गई थी कि बाद के कपटपूर्ण लेन-देन को छिपाया जा सके।
जांच के अनुसार, राम कुमार सिंह ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के आरोपी अधिकारियों से मिलीभगत कर बिचौलियों के माध्यम से कई हस्ताक्षरित चेक सौंपे। ये चेक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) खोलने के नाम पर दिए गए थे, परंतु वास्तव में कोई एफडी नहीं बनाई गई। निकाली गई धनराशि को आरोपी बैंक अधिकारियों द्वारा संचालित शेल कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
सीबीआई के अनुसार यह धोखाधड़ी तत्कालीन कमिश्नर और एमसी पंचकूला के सीनियर अकाउंटेंट की जानकारी एवं सक्रिय भागीदारी से अंजाम दी गई। उक्त सीनियर अकाउंटेंट को सीबीआई इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सिंह की गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ और करनाल में उनके आवासों पर तलाशी ली गई, जिसमें कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।
घोटाले का दायरा
एमसी पंचकूला में हुई इस धोखाधड़ी में कथित तौर पर ₹79.46 करोड़ का दुरुपयोग शामिल है। यह आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा से जुड़े एक बड़े घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों के ₹504 करोड़ फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए।
राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी।
चार्जशीट और अन्य मामले
अब तक सीबीआई ने हरियाणा से जुड़े इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है — जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 कर्मचारी, 2 कंपनियाँ और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त सीबीआई ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से दो और मामले अपने हाथ में लिए हैं — एक चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) और चंडीगढ़ नगर निगम से संबंधित, दूसरा क्रेस्ट चंडीगढ़ से। दोनों मामलों में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और सीएससीएल मामले में एक वरिष्ठ आईएफओएस अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
आगे क्या होगा
सीबीआई की जांच अभी जारी है और अधिकारियों के अनुसार और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता। बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में नए आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है।