15 जुलाई 2026
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सीबीएसई की डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली (OSM) पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्थायी समाधान का निर्देश

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सीबीएसई की डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली (OSM) पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्थायी समाधान का निर्देश

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय ने CBSE की OSM डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली में छात्रों की बढ़ती परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान का निर्देश दिया है। सरकार ने एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में समीक्षा समिति बनाई है और अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जुलाई 2025 को CBSE की OSM डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली में छात्रों की परेशानियों पर गहरी चिंता जताई।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सहयोग माँगा और स्थायी समाधान का निर्देश दिया।
राधा चौहान की अध्यक्षता में एकल-सदस्यीय समीक्षा समिति गठित की है।
राकेश बिंजोला की याचिका में पारदर्शी नियम, हाई-पावर निगरानी समिति और प्रवेश-परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को न्यूनतम अंक शर्त से छूट की माँग।
CBSE की तीन-भाषा नीति पर केंद्र, CBSE और NCERT को नोटिस; 29 जुलाई को विस्तृत सुनवाई।
OSM मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित।

सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जुलाई 2025 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑनलाइन स्कैन्ड मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर गहरी चिंता जताई, जिसके तहत डिजिटल कॉपी जांच में छात्रों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि छात्रों की निराशा और हताशा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ — जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन भी शामिल हैं — ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सहयोग का आग्रह किया। पीठ ने यह भी कहा कि सरकार को इस विषय को विरोध के रूप में नहीं, बल्कि छात्रहित की समस्या के रूप में देखना चाहिए।

सॉलिसिटर जनरल मेहता ने अदालत को बताया कि याचिका में उल्लिखित अधिकांश व्यक्तिगत मार्कशीट मामलों का समाधान पहले ही कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने सूचित किया कि सरकार ने कॉपी जांच की खामियों की समीक्षा के लिए एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एकल-सदस्यीय समिति गठित की है, जो पूरी व्यवस्था का परीक्षण कर सुधार के सुझाव देगी।

याचिका की मांगें

राकेश बिंजोला की ओर से दायर याचिका में CBSE की कॉपी जांच प्रक्रिया के लिए पारदर्शी एवं स्पष्ट नियम बनाने की मांग की गई है। याचिका में यह भी माँग है कि इन नियमों की निगरानी हेतु एक हाई-पावर कमेटी गठित की जाए। इसके अलावा, जिन छात्रों ने विश्वविद्यालय या कॉलेज की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है या प्रोविजनल प्रवेश ले लिया है, उन्हें बोर्ड के न्यूनतम अंकों की शर्त से छूट दिए जाने की माँग भी शामिल है।

सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार ने स्वीकार किया है कि OSM प्रणाली में खामियाँ हैं और उन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है। एस. राधा चौहान समिति की रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

तीन-भाषा नीति पर भी नोटिस

गौरतलब है कि इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने CBSE की संशोधित तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं पर केंद्र सरकार, CBSE और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को नोटिस जारी किया था। सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है और मामले को 29 जुलाई को विस्तृत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

आगे की सुनवाई

OSM प्रणाली से जुड़े मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित है। अदालत की यह सक्रियता ऐसे समय में आई है जब देशभर में लाखों CBSE छात्र अपनी मार्कशीट और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता में हैं। स्थायी सुधार की दिशा में समिति की रिपोर्ट और सरकार की स्टेटस रिपोर्ट निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि समिति की सिफारिशें कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता से लागू होंगी। लाखों छात्रों के प्रवेश और करियर दाँव पर हैं — ऐसे में 'अगले सप्ताह सुनवाई' और 'स्टेटस रिपोर्ट' जैसे कदम पर्याप्त नहीं, बल्कि एक समयबद्ध क्रियान्वयन ढाँचे की ज़रूरत है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBSE की OSM डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली क्या है और इसमें क्या समस्याएँ हैं?
OSM (ऑनलाइन स्कैन्ड मार्किंग) CBSE की वह प्रणाली है जिसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप से स्कैन कर ऑनलाइन जाँचा जाता है। छात्रों को इस प्रणाली में मार्कशीट संबंधी त्रुटियाँ और पुनर्मूल्यांकन में देरी जैसी लगातार परेशानियाँ हो रही हैं, जिन पर सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जुलाई 2025 को चिंता जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE OSM मामले में क्या निर्देश दिए?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और स्थायी समाधान निकालने पर ज़ोर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे को विरोध की तरह नहीं, बल्कि छात्रहित की समस्या के रूप में देखे।
एस. राधा चौहान समिति क्या करेगी?
एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में गठित एकल-सदस्यीय समिति CBSE की पूरी डिजिटल कॉपी जांच व्यवस्था की समीक्षा करेगी और सुधार के सुझाव देगी। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार सर्वोच्च न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
राकेश बिंजोला की याचिका में क्या माँगें हैं?
याचिका में CBSE की कॉपी जांच के लिए पारदर्शी नियम बनाने, एक हाई-पावर निगरानी समिति के गठन और उन छात्रों को न्यूनतम अंक शर्त से छूट देने की माँग है जो प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं या जिन्होंने प्रोविजनल प्रवेश ले लिया है।
CBSE की तीन-भाषा नीति मामले में अगली सुनवाई कब है?
सर्वोच्च न्यायालय ने CBSE की संशोधित तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र, CBSE और NCERT को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की विस्तृत सुनवाई 29 जुलाई को निर्धारित है।
राष्ट्र प्रेस
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