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CBSE की OSM प्रणाली की जांच: राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित, एक महीने में रिपोर्ट

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CBSE की OSM प्रणाली की जांच: राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित, एक महीने में रिपोर्ट

सारांश

CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर उठे सवालों के बीच केंद्र ने राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति बनाई है, जो एक महीने में रिपोर्ट देगी। साथ ही IIS अधिकारी वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया गया है — दोहरा कदम जो मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बहाल करने की कोशिश है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने CBSE की OSM प्रणाली की खरीद जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की।
समिति की अध्यक्षता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन राधा चौहान करेंगी।
रिपोर्ट एक महीने में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपी जाएगी।
IIS अधिकारी वरुण भारद्वाज ( 2008 बैच ) CBSE के नए सचिव; हिमांशु गुप्ता की जगह नियुक्त।
भारद्वाज का कार्यकाल 19 सितंबर 2027 तक रहेगा।

केंद्र सरकार ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़ी सेवाओं की खरीद में उठे विवाद की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति की कमान कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन राधा चौहान को सौंपी गई है, जिन्हें एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपनी होगी।

मुख्य घटनाक्रम

कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यह समिति CBSE द्वारा OSM सिस्टम के लिए की गई सेवाओं की खरीद (प्रोक्योरमेंट) से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी। चौहान को आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न विभागों और कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता लेने का अधिकार दिया गया है।

समिति को प्रशासनिक और सचिवीय सहायता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन उपलब्ध कराएगा। निर्धारित समय-सीमा को देखते हुए इस मामले में जल्द ही महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

इसी बीच केंद्र सरकार ने CBSE में एक और अहम प्रशासनिक बदलाव किया है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत भारतीय सूचना सेवा (IIS) अधिकारी वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति व्यवस्था के तहत लेटरल शिफ्ट आधार पर यह जिम्मेदारी दी गई है।

भारद्वाज 2008 बैच के अधिकारी हैं और CBSE में सचिव (डायरेक्टर स्तर) के रूप में कार्य करेंगे। उनकी नियुक्ति हिमांशु गुप्ता के स्थान पर की गई है। आदेश के अनुसार उनका कार्यकाल 19 सितंबर 2027 तक रहेगा, जो केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत पांच वर्ष की संयुक्त अवधि का हिस्सा होगा।

विवाद की पृष्ठभूमि

ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। आलोचकों का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी जवाबदेही पर स्पष्टता ज़रूरी है, खासकर तब जब लाखों छात्रों के परीक्षा परिणाम इसी डिजिटल प्रणाली पर निर्भर हैं।

आगे क्या

सरकार का यह दोहरा कदम — जांच समिति का गठन और सचिव स्तर पर बदलाव — संकेत देता है कि केंद्र मूल्यांकन प्रक्रिया में भरोसा बहाल करने को प्राथमिकता दे रहा है। चौहान समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीद प्रक्रिया में कोई अनियमितता थी या नहीं, और आगे क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसके साथ जवाबदेही ढाँचा वैसा नहीं बना। असली परीक्षा यह है कि क्या चौहान समिति केवल प्रोक्योरमेंट दस्तावेज़ों तक सीमित रहेगी, या वेंडर-चयन, मूल्यांकन गुणवत्ता और छात्रों की शिकायतों के बीच की कड़ी को भी देखेगी। एक महीने की समय-सीमा महत्वाकांक्षी है; साथ-साथ हुआ सचिव-स्तर का बदलाव यह संकेत भी देता है कि सरकार सिर्फ रिपोर्ट का इंतज़ार नहीं कर रही। पारदर्शिता का असली प्रमाण रिपोर्ट के सार्वजनिक होने में होगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBSE की OSM प्रणाली की जांच के लिए बनी समिति का प्रमुख कौन है?
कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन राधा चौहान को इस एक सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सौंपी गई है। उन्हें ज़रूरत पड़ने पर अन्य विभागों और कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता लेने का अधिकार भी दिया गया है।
समिति को अपनी रिपोर्ट कब तक देनी है?
समिति को कैबिनेट सचिवालय के निर्देशानुसार एक महीने के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपनी होगी।
CBSE का नया सचिव कौन बना है?
भारतीय सूचना सेवा (IIS) के 2008 बैच के अधिकारी वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत लेटरल शिफ्ट के आधार पर हिमांशु गुप्ता के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है।
वरुण भारद्वाज का कार्यकाल कब तक रहेगा?
आदेश के अनुसार उनका कार्यकाल 19 सितंबर 2027 तक रहेगा, जो केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत पांच वर्ष की संयुक्त अवधि का हिस्सा है।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर विवाद क्यों खड़ा हुआ?
छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने CBSE की OSM प्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए थे, खासकर मूल्यांकन में पारदर्शिता और सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को लेकर। इन्हीं सवालों की पृष्ठभूमि में सरकार ने जांच समिति के गठन और प्रशासनिक बदलाव का फैसला लिया।
राष्ट्र प्रेस
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