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चतरा में ₹60 लाख के जेवर चोरी का पर्दाफाश, ओडिशा के 'गुलगुलिया' गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

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चतरा में ₹60 लाख के जेवर चोरी का पर्दाफाश, ओडिशा के 'गुलगुलिया' गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

सारांश

झारखंड के चतरा में ₹60 लाख के जेवर चोरी का पर्दाफाश — ओडिशा से संचालित 'गुलगुलिया' गिरोह का सदस्य दीपक प्रधान गिरफ्तार। हैदराबाद में प्रशिक्षित इस गिरोह का सरगना आकाश प्रधान अब भी फरार है।

मुख्य बातें

12 जुलाई को इटखोरी बाजार, चतरा में ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की बाइक की डिक्की से ₹60 लाख मूल्य के जेवर चोरी हुए।
ओडिशा के जाजपुर जिले के दशमनिया गाँव निवासी दीपक प्रधान को गिरफ्तार किया गया, जो अंतरराज्यीय 'गुलगुलिया' गिरोह का सदस्य है।
गिरोह का सरगना आकाश प्रधान है, जो ओडिशा से गिरोह का संचालन करता था और सदस्यों को मासिक भुगतान करता था।
गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में डिक्की खोलने, रेकी करने और भागने के विशेष तरीके सिखाए जाते थे।
आरोपी पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्रों की वारदातों में भी कथित तौर पर शामिल रहा है; अन्य आरोपियों की तलाश जारी।

झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी बाजार में एक ज्वेलरी व्यवसायी की बाइक की डिक्की से ₹60 लाख मूल्य के जेवर चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 19 जुलाई को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि ओडिशा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो अंतरराज्यीय 'गुलगुलिया' गिरोह का सक्रिय सदस्य है।

मुख्य घटनाक्रम

यह वारदात 12 जुलाई को इटखोरी बाजार में हुई थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओडिशा के जाजपुर जिले के जाखापुर थाना क्षेत्र स्थित दशमनिया गाँव निवासी दीपक प्रधान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना से कई दिन पहले ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की गतिविधियों की रेकी की थी।

आरोपी ने ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश किया और आधा किलो सोना सस्ते दाम पर बेचने का झाँसा दिया। इसी दौरान उसने व्यवसायी की दिनचर्या, आवाजाही और जेवर ले जाने के तरीके की जानकारी जुटाई। मौका मिलते ही उसने बाइक की डिक्की से ₹60 लाख मूल्य के जेवर चुराकर फरार हो गया।

गिरोह की कार्यप्रणाली

पुलिस अधीक्षक नैथानी ने बताया कि 'गुलगुलिया' गिरोह का संचालन ओडिशा से किया जाता था। गिरोह का सरगना आकाश प्रधान है, जो सदस्यों को विभिन्न राज्यों में वारदात अंजाम देने के लिए भेजता था और बदले में उन्हें मासिक भुगतान करता था।

गौरतलब है कि गिरोह में ओडिशा के दशमनिया और आसपास के गाँवों के कई युवक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था — जिसमें वाहन की डिक्की बिना क्षति पहुँचाए खोलना, भीड़ में पहचान छिपाना, रेकी करना और वारदात के बाद तेज़ी से फरार होना शामिल था।

अन्य वारदातों से संबंध

प्रारंभिक जाँच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दीपक प्रधान चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्रों में ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाने की घटनाओं में भी कथित तौर पर शामिल रहा है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और सरगना आकाश प्रधान की तलाश में छापेमारी कर रही है। आरोपी से पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली और कई अहम जानकारियाँ मिली हैं, जिनके आधार पर जाँच आगे बढ़ाई जा रही है। यह मामला अंतरराज्यीय संगठित अपराध के बढ़ते नेटवर्क की ओर ध्यान दिलाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ओडिशा से संचालन, झारखंड में वारदात — यह दर्शाता है कि संगठित अपराध अब राज्य की सीमाओं से परे एक व्यावसायिक ढाँचे में काम कर रहा है। चतरा, पत्थलगड़ा और जोरी में एक ही गिरोह की कथित संलिप्तता बताती है कि यह छिटपुट घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित श्रृंखला है। असली सवाल यह है कि सरगना आकाश प्रधान अब तक फरार क्यों है — और अंतरराज्यीय समन्वय के बिना ऐसे गिरोहों को तोड़ना संभव नहीं होगा।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चतरा में ₹60 लाख के जेवर चोरी की वारदात कब और कहाँ हुई?
यह वारदात 12 जुलाई को झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी बाजार में हुई, जब ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की बाइक की डिक्की से ₹60 लाख मूल्य के जेवर चोरी कर लिए गए।
'गुलगुलिया' गिरोह क्या है और यह कैसे काम करता है?
'गुलगुलिया' एक अंतरराज्यीय संगठित चोरी गिरोह है, जिसका संचालन ओडिशा से किया जाता है। इसके सदस्यों को हैदराबाद में वाहन की डिक्की खोलने, रेकी करने और भीड़ में पहचान छिपाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था, और उन्हें विभिन्न राज्यों में वारदात के लिए भेजा जाता था।
गिरफ्तार आरोपी दीपक प्रधान कौन है?
दीपक प्रधान ओडिशा के जाजपुर जिले के जाखापुर थाना क्षेत्र के दशमनिया गाँव का निवासी है। वह 'गुलगुलिया' गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है और चतरा की अन्य वारदातों में भी कथित तौर पर शामिल रहा है।
गिरोह का सरगना कौन है और क्या वह पकड़ा गया?
पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना आकाश प्रधान है, जो ओडिशा से गिरोह का संचालन करता था और सदस्यों को मासिक भुगतान करता था। वह अभी तक फरार है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
इस मामले में पुलिस आगे क्या कदम उठा रही है?
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। आरोपी दीपक प्रधान के आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है और पूछताछ से मिली जानकारियों के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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