4 सितंबर 2026
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छत्तीसगढ़: मरे भालू के नाखून चुराने पर दो गिरफ्तार, मरवाही वन रेंज में डॉग स्क्वाड से हुई कार्रवाई

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छत्तीसगढ़: मरे भालू के नाखून चुराने पर दो गिरफ्तार, मरवाही वन रेंज में डॉग स्क्वाड से हुई कार्रवाई

सारांश

छत्तीसगढ़ के मरवाही वन रेंज में एक मृत भालू के चार नाखून चुराने के आरोप में वन विभाग ने डॉग स्क्वाड की मदद से दो स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत दोनों पर मामला दर्ज, भालू की मौत फेफड़ों के संक्रमण से हुई।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ वन विभाग ने 4 सितंबर 2026 को मरवाही वन रेंज में मृत भालू के नाखून चुराने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
आरोपी सुदर्शन यादव (54 वर्ष) और सूरज सहिस (20 वर्ष) दोनों बरौर गाँव के निवासी हैं।
भालू के दाहिने पिछले पंजे से गायब चार नाखून आरोपियों के पास से बरामद कर जब्त किए गए।
पोस्टमार्टम में भालू की मौत का प्रारंभिक कारण फेफड़ों में गंभीर संक्रमण बताया गया।
दोनों आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू, अदालत में पेशी जारी।

छत्तीसगढ़ वन विभाग ने 4 सितंबर 2026 को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन रेंज में एक मृत भालू के नाखून चुराने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से मृत भालू के चार नाखून बरामद कर जब्त किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

3 सितंबर को वन विभाग को मरवाही वन क्षेत्र में एक भालू की मौत की सूचना मिली। मौके पर पहुँची टीम ने पाया कि भालू के दाहिने पिछले पंजे से चार नाखून गायब थे। इसके बाद विभाग ने डॉग स्क्वाड की सहायता से गहन तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों आरोपी पकड़े गए।

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बरौर गाँव के निवासी हैं। पहले आरोपी सुदर्शन यादव (54 वर्ष) और दूसरे सूरज सहिस (20 वर्ष) के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दोनों को अदालत में पेश किया जा रहा है।

पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार

कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद पशु चिकित्सकों की एक टीम की उपस्थिति में मृत भालू का पोस्टमार्टम किया गया। पशु चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मृत्यु का कारण फेफड़ों में गंभीर संक्रमण बताया। इसके बाद विधिवत रूप से शव का अंतिम संस्कार किया गया। मरवाही के संभागीय वन अधिकारी कुमार निशांत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पूरी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहे।

सरकार की प्रतिक्रिया

वन विभाग ने जनता से अपील की है कि किसी भी मृत वन्यजीव के शव या शरीर के अंगों के साथ छेड़छाड़ न करें और ऐसे अवशेष मिलने पर तुरंत निकटतम वन विभाग कार्यालय को सूचित करें। विभाग ने वन अपराध, अवैध शिकार या वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने का आग्रह भी किया है।

आम जनता पर असर

वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी राज्य में संरक्षण प्रयासों को और मज़बूत करेगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विभाग पूरे छत्तीसगढ़ में वन्यजीव सुरक्षा और अवैध शिकार-रोधी अभियानों को तेज़ कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक अवैध वन्यजीव व्यापार श्रृंखला की ओर इशारा करता है जिसमें भालू के नाखून, पित्त और खाल की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में माँग है। छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र लंबे समय से इस तरह के अपराधों के लिए संवेदनशील रहे हैं, और डॉग स्क्वाड की त्वरित तैनाती विभाग की सतर्कता दर्शाती है। असली सवाल यह है कि क्या ये दोनों आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं — जिसकी जाँच सार्वजनिक रूप से अभी तक सामने नहीं आई है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ में मरे भालू के नाखून चुराने पर किन्हें गिरफ्तार किया गया?
बरौर गाँव के निवासी सुदर्शन यादव (54 वर्ष) और सूरज सहिस (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। दोनों पर मरवाही वन रेंज में एक मृत भालू के चार नाखून चुराने का आरोप है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मृत वन्यजीव के अंग चुराना अपराध क्यों है?
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीवों के शरीर के किसी भी अंग को रखना, बेचना या चुराना दंडनीय अपराध है। भालू इस अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित प्रजाति है, इसलिए मृत होने पर भी उसके अंगों से छेड़छाड़ गैरकानूनी है।
मरवाही वन रेंज में भालू की मौत कैसे हुई?
पशु चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद प्रारंभिक तौर पर मृत्यु का कारण फेफड़ों में गंभीर संक्रमण बताया। यह सूचना 3 सितंबर को वन विभाग को मिली थी।
छत्तीसगढ़ वन विभाग ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
वन विभाग ने डॉग स्क्वाड की मदद से गहन तलाशी अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से चारों नाखून बरामद किए गए।
वन विभाग ने आम नागरिकों से क्या अपील की है?
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मृत वन्यजीव के शव या अंगों के साथ छेड़छाड़ न करें और ऐसे अवशेष मिलने पर तुरंत निकटतम वन कार्यालय को सूचित करें। वन अपराध या अवैध शिकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने का भी आग्रह किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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