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दरोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' विकल्प पर एनएचआरसी का कड़ा रुख: प्रियांक कानूनगो ने उठाई आवाज

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दरोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' विकल्प पर एनएचआरसी का कड़ा रुख: प्रियांक कानूनगो ने उठाई आवाज

सारांश

उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' विकल्प पर एनएचआरसी के प्रियांक कानूनगो ने आपत्ति जताई है। उनके अनुसार, जातिगत पहचान के आधार पर अपमानित करना मानव अधिकारों का उल्लंघन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे पर सख्त निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

एनएचआरसी ने 'पंडित' विकल्प पर आपत्ति जताई।
मुख्यमंत्री योगी का सख्त रुख।
मानव अधिकारों का उल्लंघन गंभीर मुद्दा है।
दरोगा भर्ती परीक्षा में 15,75,760 आवेदन।
जातिगत पहचान के आधार पर अपमानित करना गलत है।

नई दिल्ली, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में 'अवसरवादी' के विकल्प के तौर पर 'पंडित' का उल्लेख करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि किसी भी समूह को उनके जातिगत पहचान के आधार पर अपमानित करना, उनकी भावनाओं को आहत करना और उनके मानव अधिकारों का उल्लंघन है।

प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रश्नपत्र की छवि साझा करते हुए लिखा, "उत्तर प्रदेश सरकार के पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द का अवसरवादी के रूप में प्रयोग करना निंदनीय है। किसी भी समूह को जातिगत पहचान के आधार पर अपमानित करना उनकी भावनाओं को आहत करना और उनके मानव अधिकारों का उल्लंघन है।"

उन्होंने आगे कहा, "हम इस मामले में शिकायत के आधार पर जांच कर रहे हैं।"

प्रियांक कानूनगो द्वारा साझा किए गए प्रश्नपत्र में पूछा गया, "'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला' इस वाक्यांश का एक शब्द चुनें।" इसके लिए चार विकल्प थे: 'पंडित', 'अवसरवादी', 'निष्कपट' और 'सदाचारी'।

इस विवाद के बीच, रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने भर्ती बोर्ड के सभी अध्यक्षों को निर्देश दिए कि किसी भी जाति, पंथ या सम्प्रदाय के बारे में अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां किसी भी स्थिति में अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि सभी पेपर सेटर्स को इस विषय में निर्देशित करें और हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तुरंत प्रतिबंधित किया जाए। यह विषय पेपर सेटर्स के एमओयू का हिस्सा बनाएं।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा १४ और १५ मार्च को आयोजित की गई। प्रदेशभर में १०९० परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहाँ दो-दो पालियों में परीक्षाएँ हुईं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ने सीधी भर्ती-२०२५ के तहत ४५४३ पदों के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए थे। कुल १५,७५,७६० अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, जिनमें ११,६६,३८६ पुरुष और ४,०९,३७४ महिला अभ्यर्थी थीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे बिना जांच के नहीं छोड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख इस बात का संकेत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दरोगा भर्ती परीक्षा कब आयोजित की गई?
दरोगा भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को आयोजित की गई।
एनएचआरसी के प्रियांक कानूनगो ने किस विषय पर आपत्ति जताई?
उन्होंने भर्ती परीक्षा में 'पंडित' विकल्प पर आपत्ति जताई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में क्या निर्देश दिए?
उन्होंने सभी भर्ती बोर्ड के अध्यक्षों को अमर्यादित टिप्पणियों से बचने के निर्देश दिए।
इस परीक्षा में कुल कितने अभ्यर्थियों ने आवेदन किया?
इस परीक्षा में कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया।
क्या यह मामला मानव अधिकारों का उल्लंघन है?
हां, जातिगत पहचान के आधार पर अपमानित करना मानव अधिकारों का उल्लंघन है।
राष्ट्र प्रेस
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