दिल्ली-एनसीआर में GRAP-II लागू: नोएडा का AQI 600 पार, जानें चारों चरणों की पाबंदियाँ
सारांश
मुख्य बातें
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया, क्योंकि क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। बुधवार को नोएडा का AQI 600 से अधिक दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पैमाने पर सबसे गंभीर और सबसे खराब श्रेणी में आता है।
GRAP क्या है और यह कैसे काम करता है
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बनाई गई एक आपातकालीन कार्ययोजना है। इसे पहली बार 2017 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया था। सरल शब्दों में कहें तो यह प्रदूषण के स्तर के अनुसार लागू होने वाले नियमों का एक क्रमबद्ध सेट है — हवा जितनी ज़्यादा ज़हरीली होगी, पाबंदियाँ उतनी ही कठोर होती जाएंगी।
वर्तमान में GRAP को लागू करने की जिम्मेदारी CAQM की है। आयोग भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों और वायु गुणवत्ता के आँकड़ों की निरंतर निगरानी करता है। जब AQI किसी निर्धारित सीमा को पार करता है या मौसम विभाग अगले कुछ दिनों में हवा के और खराब होने का पूर्वानुमान देता है, तो CAQM संबंधित चरण लागू करने का आदेश जारी करता है।
GRAP के चारों चरण और उनकी पाबंदियाँ
चरण-I ('खराब' श्रेणी, AQI 201–300): निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त नियम लागू होते हैं। खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाता है और 10–15 साल पुराने वाहनों पर सख्ती बढ़ाई जाती है। नागरिकों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील की जाती है।
चरण-II ('बहुत खराब' श्रेणी, AQI 301–400): आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के उपयोग पर रोक लगती है। पार्किंग शुल्क बढ़ाकर निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित किया जाता है। CNG और इलेक्ट्रिक बसों तथा मेट्रो के फेरे बढ़ाए जाते हैं। तंदूर और कोयले पर चलने वाले होटलों और ढाबों पर प्रतिबंध लागू होता है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर इसी चरण में है।
चरण-III ('गंभीर' श्रेणी, AQI 401–450): राष्ट्रीय सुरक्षा और आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर सभी निर्माण व तोड़फोड़ कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाता है। BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों के परिचालन पर रोक रहती है। प्राथमिक विद्यालय बंद करने का निर्णय लिया जाता है।
चरण-IV ('बेहद गंभीर / आपातकाल', AQI 450+): यह सबसे चरम स्थिति है। आवश्यक सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को छोड़कर दिल्ली में सभी ट्रकों की एंट्री बंद हो जाती है। स्कूल-कॉलेज बंद रहते हैं और ऑनलाइन कक्षाएँ चलती हैं। सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया जा सकता है। ऑड-ईवन जैसी योजनाएँ भी लागू की जा सकती हैं।
वाहन प्रतिबंध: किसे अनुमति, किस पर रोक
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP चरण-II के तहत वाहन नियम जारी किए हैं। अनुमति प्राप्त वाहनों में दिल्ली में पंजीकृत BS-IV और उससे ऊपर के पेट्रोल-डीजल वाहन (वैध PUC सहित), EV और CNG वाहन, इंट्रा-स्टेट और इंटर-सिटी इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI डीजल बसें, तथा BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक LCV/MCV/HCV (वैध PUC सहित) शामिल हैं। एंबुलेंस, फायर और पुलिस वाहनों को स्वाभाविक रूप से छूट है।
प्रतिबंधित वाहनों में दिल्ली में पंजीकृत BS-III और उससे पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-IV और उससे पुराने वाहन, BS-IV और पुरानी इंट्रा-सिटी व इंटर-सिटी बसें, BS-IV और पुराने कमर्शियल वाहन, तथा बिना वैध PUC वाले सभी वाहन शामिल हैं। दिल्ली के लिए नहीं आने वाले भारी ट्रकों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी
CAQM ने नागरिकों से अपील की है कि वे GRAP चरण-I और चरण-II के नागरिक चार्टर में दिए गए निर्देशों का पालन करें। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन को सुचारू रखने, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) साथ रखने, अनावश्यक इंजन चालू रखने से बचने और जहाँ संभव हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कारपूल को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। कचरा या अन्य सामग्री जलाकर प्रदूषण फैलाने से भी परहेज करने की हिदायत दी गई है।
यात्रा शुरू करने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी में डायवर्जन और ट्रैफिक अपडेट की जाँच करने की भी सलाह दी गई है। यदि AQI में और गिरावट आती है, तो CAQM चरण-III या उससे ऊँचे स्तर पर जाने में देरी नहीं करेगा।