दिल्ली साइबर पुलिस ने सेक्सटॉर्शन रैकेट के मास्टरमाइंड अब्बास खान को किया गिरफ्तार, ₹2.52 लाख की ठगी का मामला

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दिल्ली साइबर पुलिस ने सेक्सटॉर्शन रैकेट के मास्टरमाइंड अब्बास खान को किया गिरफ्तार, ₹2.52 लाख की ठगी का मामला

सारांश

दिल्ली की साइबर थाना नॉर्थ-वेस्ट पुलिस ने सेक्सटॉर्शन रैकेट के मास्टरमाइंड अब्बास खान को मेवात क्षेत्र से गिरफ्तार किया। फर्जी फेसबुक प्रोफाइल, व्हाट्सएप वीडियो कॉल और स्क्रीन रिकॉर्डिंग के ज़रिए शालीमार बाग के एक पीड़ित से ₹2.52 लाख वसूले गए। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में है।

मुख्य बातें

दिल्ली साइबर थाना नॉर्थ-वेस्ट ने 6 मई 2026 को सेक्सटॉर्शन रैकेट के मुख्य आरोपी अब्बास खान को गिरफ्तार किया।
आरोपी राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ तहसील का निवासी है और मेवात क्षेत्र से नेटवर्क संचालित करता था।
शालीमार बाग के पीड़ित से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के ज़रिए ₹2.52 लाख की ठगी की गई।
आरोपी के पास से आईफोन 14 प्रो बरामद; बैंक खाते और सोशल मीडिया अकाउंट फर्जी (म्यूल) पहचान से संचालित थे।
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसके गाँव के कई युवक इसी तरह की साइबर ठगी में संलिप्त हैं।
पुलिस ने नागरिकों से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने की अपील की।

दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिले की साइबर थाना पुलिस ने 6 मई 2026 को एक बड़े सेक्सटॉर्शन रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगना अब्बास खान को गिरफ्तार किया। आरोपी राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ तहसील का निवासी है और कथित तौर पर मेवात क्षेत्र से संचालित एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। इस मामले में शालीमार बाग के एक पीड़ित से ₹2.52 लाख की ठगी की गई थी।

कैसे दिया जाता था ठगी को अंजाम

पुलिस के अनुसार, आरोपी अब्बास खान फर्जी महिला प्रोफाइल से फेसबुक पर पुरुषों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। जैसे ही कोई रिक्वेस्ट स्वीकार करता, उससे व्हाट्सएप नंबर हासिल किया जाता था। इसके बाद वीडियो कॉल के ज़रिए पहले से रिकॉर्ड की गई अश्लील सामग्री दिखाई जाती थी और साथ ही स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी।

इस रिकॉर्डिंग को वायरल करने की धमकी देकर पीड़ितों से अलग-अलग किस्तों में रकम वसूली जाती थी। शालीमार बाग निवासी शिकायतकर्ता से इसी तरीके से ₹2.52 लाख ऐंठे गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसके गाँव के कई अन्य युवक भी इस तरह की साइबर ठगी में संलिप्त हैं।

जांच और गिरफ्तारी

शिकायत दर्ज होने के बाद ई-एफआईआर दर्ज कर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल फुटप्रिंट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और बैंक खातों की गहन पड़ताल की। जांच में सामने आया कि व्हाट्सएप, फेसबुक अकाउंट और बैंक खाते फर्जी (म्यूल) पहचान के ज़रिए संचालित किए जा रहे थे।

तकनीकी सुरागों के आधार पर पूरे नेटवर्क का संबंध मेवात क्षेत्र से जुड़ा पाया गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से तड़के छापेमारी कर अब्बास खान को दबोचा गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक आईफोन 14 प्रो बरामद किया गया, जिसका उपयोग कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने में किया जाता था।

मेवात कनेक्शन और व्यापक नेटवर्क

गौरतलब है कि मेवात क्षेत्र पहले भी साइबर ठगी के मामलों में चर्चा में रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में सेक्सटॉर्शन और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। आरोपी के खुलासे के बाद पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है और जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुव्यवस्थित साइबर अपराध पारिस्थितिकी तंत्र की कहानी है जो मेवात जैसे क्षेत्रों में पनप रही है — जहाँ बेरोज़गारी और डिजिटल पहुँच का संयोजन ऐसे रैकेट को खाद-पानी देता है। असली सवाल यह है कि बार-बार गिरफ्तारियों के बावजूद यह नेटवर्क क्यों नहीं टूटता — क्योंकि जब तक केवल ऑपरेटर पकड़े जाते हैं और फंडिंग चेन व भर्ती तंत्र अछूते रहते हैं, नए ऑपरेटर उनकी जगह ले लेते हैं। म्यूल बैंक खातों और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल की आसान उपलब्धता इस अपराध की असली रीढ़ है, जिस पर नियामकीय कार्रवाई अभी भी अपर्याप्त है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में सेक्सटॉर्शन रैकेट क्या होता है?
सेक्सटॉर्शन रैकेट में आरोपी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर पीड़ितों को वीडियो कॉल पर अश्लील सामग्री दिखाते हैं और स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलते हैं। इस मामले में अब्बास खान फर्जी फेसबुक प्रोफाइल और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के ज़रिए पीड़ितों को फँसाता था।
अब्बास खान को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
अब्बास खान को राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ तहसील से तड़के छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। तकनीकी जांच में पूरे नेटवर्क का संबंध मेवात क्षेत्र से जुड़ा पाया गया था।
सेक्सटॉर्शन से बचने के लिए क्या करें?
दिल्ली पुलिस ने सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और किसी भी संदिग्ध वीडियो कॉल को तुरंत काट दें। किसी भी ऐसी घटना की सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
इस मामले में पुलिस ने क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपी अब्बास खान के पास से एक आईफोन 14 प्रो बरामद किया, जिसका उपयोग अपराध को अंजाम देने में किया जाता था। इसके अलावा फर्जी बैंक खाते और सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में हैं।
क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हैं?
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसके गाँव के कई युवक इसी तरह की साइबर ठगी में संलिप्त हैं। दिल्ली पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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