दिशा सालियान केस: सीबीआई एफआईआर के बाद पिता सतीश सालियान को न्याय की उम्मीद, आदित्य ठाकरे समेत कई नामों पर जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद उनके पिता सतीश सालियान ने 15 सितंबर 2026 को कहा कि उन्हें पहली बार सच्ची शांति मिली है और बेटी को इंसाफ मिलने की 100 प्रतिशत उम्मीद जगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक संतोष तब होगा जब जाँच पूरी हो और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्य घटनाक्रम
सतीश सालियान ने बताया कि सीबीआई की पूछताछ के दौरान उन्होंने कई लोगों के नाम और अपनी आशंकाएँ जाँच एजेंसी के साथ साझा कीं। उन्होंने आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया, परमबीर सिंह, सचिन वाजे और रिया चक्रवर्ती सहित कुछ अन्य लोगों का उल्लेख किया। उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने कथित तौर पर मामले से जुड़े व्यक्तियों को संरक्षण देने या सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की।
सतीश सालियान ने कहा कि यदि सीबीआई उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाती है तो वे पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं और जाँच एजेंसी को उपलब्ध सभी जानकारी देंगे।
मौत की परिस्थितियों पर सवाल
सतीश सालियान ने दिशा सालियान की मौत की शुरुआती कहानी और अपने मन में उठते सवालों के बीच कई विसंगतियाँ होने का दावा किया। उन्होंने कहा, 'मैंने सीबीआई को महत्वपूर्ण बिंदुओं और संभावित सबूतों के बारे में बताया है। जाँच एजेंसी को इन सभी पहलुओं की वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से पड़ताल करनी चाहिए, ताकि स्पष्ट हो सके कि घटना किस परिस्थिति में हुई थी।'
उन्होंने यह भी बताया कि जब मालवणी पुलिस स्टेशन से परिवार को सूचित किया गया था, तब दिशा की मौत का उल्लेख सीधे नहीं किया गया था — परिवार को रास्ते में दोस्तों से यह दुखद जानकारी मिली। पुलिस स्टेशन पहुँचने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आई।
पूर्व एसआईटी जाँच पर नाराज़गी
सतीश सालियान ने पहले हुई एसआईटी जाँच पर भी असंतोष व्यक्त किया। उनके अनुसार, लंबे समय तक जाँच में कोई स्पष्ट प्रगति नजर नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि जाँच प्रभावी तरीके से नहीं की गई और कुछ लोगों को बचाने की कोशिश हुई। गौरतलब है कि सतीश सालियान पहले पुलिस कार्यालयों का रुख करते रहे, जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, और अब सीबीआई एफआईआर के बाद उन्हें नई उम्मीद मिली है।
सूरज पंचोली के इनकार पर प्रतिक्रिया
सूरज पंचोली की ओर से दिशा सालियान को जानने से इनकार किए जाने के सवाल पर सतीश सालियान ने कहा कि किसी के बयान से ज्यादा महत्वपूर्ण जाँच में सामने आने वाले सबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी की भूमिका है, तो जाँच के दौरान उसे प्रमाणित किया जाना चाहिए — वे अपने आरोपों को जाँच के समक्ष रखेंगे और उम्मीद करते हैं कि सबूतों के आधार पर सच्चाई सामने आएगी।
आगे क्या होगा
सतीश सालियान ने अनुमान जताया कि आने वाले दो-तीन महीनों में जाँच में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। फिलहाल सीबीआई एफआईआर में किसी को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है और अभी तक किसी को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है। उन्होंने करीब छह वर्षों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि धैर्य बनाए रखा और न्याय के लिए अलग-अलग स्तरों पर प्रयास करते रहे। अब उन्हें मौजूदा सरकार और सीबीआई पर पूरा भरोसा है।