ड्रेसडेन में द्वितीय विश्व युद्ध का सक्रिय बम, 18,000 लोगों को निकाला गया
सारांश
Key Takeaways
- ड्रेसडेन में द्वितीय विश्व युद्ध का सक्रिय बम मिला।
- 18,000 लोगों को निकाला गया।
- बम का वजन 250 किलोग्राम है।
- निष्क्रिय करने के लिए वॉटर जेट कटर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है।
- यह शहर का सबसे बड़ा निकासी अभियान है।
बर्लिन, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जर्मनी के ड्रेसडेन में द्वितीय विश्व युद्ध के समय का एक 'सक्रिय बम' मिलने के कारण लगभग 18,000 लोगों को शहर से बाहर जाना पड़ा। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा निकासी अभियान है जो शहर के इतिहास में हुआ है। स्थानीय मीडिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।
डॉयचे प्रेसे एजेंसी (डीपीए) के अनुसार, लगभग 250 किलोग्राम (550 पाउंड) वजन का यह ब्रिटिश बम उस समय मिला जब एल्बे नदी पर बने पुल के पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा था। यह पुल 2024 में आंशिक रूप से ढह गया था और मरम्मत का कार्य जारी था।
पुलिस ने बताया कि बम के चारों ओर एक किलोमीटर का प्रतिबंधित क्षेत्र पूरी तरह खाली कर दिया गया। इस अभियान में 400 से अधिक पुलिसकर्मी, आपातकालीन सेवाएं, एक हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्धारित क्षेत्र के सभी घर, दुकानें, स्कूल, देखभाल केंद्र और कार्यालय पूरी तरह खाली हों।
यह बम 2024 में आंशिक रूप से ढहे कैरोला ब्रिज के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान मिला था। निकासी अभियान के चलते शहर के कई ऐतिहासिक स्थलों को भी खाली कराया गया, जिनमें प्रसिद्ध त्स्विंगर पैलेस और फ्राउनइनकिर्चे ड्रेसडेन चर्च शामिल हैं। इसके अलावा, आसपास के आवासीय इलाके, होटल और सरकारी कार्यालय भी इस दायरे में आए।
पुलिस प्रवक्ता मार्को लास्के के अनुसार, बम के डेटोनेटर को नुकसान पहुंचा हुआ है, इसलिए उसे निष्क्रिय करने के लिए वॉटर जेट कटर तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है। यदि यह तरीका सफल नहीं होता, तो विशेषज्ञों को बम को नियंत्रित तरीके से विस्फोट करने पर विचार करना पड़ सकता है।
वास्तव में, ड्रेसडेन पर बमबारी के दौरान 13 और 14 फरवरी 1945 को मित्र देशों की बमबारी में शहर का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया था और लगभग 25,000 लोगों की मौत हुई थी। इसीलिए आज भी निर्माण कार्यों के दौरान कई बार उस समय के बम मिल जाते हैं।
इससे पहले, जनवरी और अगस्त 2025 में भी इस स्थान पर ऐसे बम मिले थे, जिन्हें निष्क्रिय करने के लिए हजारों लोगों को अस्थायी रूप से हटाना पड़ा था।