'एक पेड़ मां के नाम 3.0': उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में जुलाई में पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने जुलाई 2026 में राज्य के विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण की सक्रिय प्रयोगशाला में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 'ईको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' कार्यक्रम के अंतर्गत जुलाई माह का विशेष गतिविधि कैलेंडर जारी किया गया है, जिसका केंद्रबिंदु 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान है। यह पहल विद्यार्थियों में हरित संस्कृति और सतत जीवनशैली के व्यावहारिक संस्कार विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
जुलाई कैलेंडर की मुख्य थीम
इस माह की समस्त गतिविधियाँ 'स्वस्थ जीवनशैली अपनाना' विषय पर केंद्रित रहेंगी। कैलेंडर में विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान विद्यालय की चारदीवारी से निकलकर व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सके। योगी सरकार का लक्ष्य है कि बच्चे प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनें।
'एक पेड़ मां के नाम 3.0' — अभियान का स्वरूप
जुलाई की सबसे प्रमुख गतिविधि 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान है। इसके अंतर्गत विद्यालय परिसरों, सार्वजनिक स्थलों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल चयनित स्थानों पर पौधरोपण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को पौधों के वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराया जाएगा — केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि उनके दीर्घकालिक संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जाएगा।
गौरतलब है कि यह इस अभियान का तीसरा चरण है, जो पिछले दो चरणों में मिली सफलता के आधार पर और अधिक विस्तृत रूप में लागू किया जा रहा है।
विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और निगरानी
कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक लगाए गए पौधे की देखभाल, सिंचाई, संरक्षण और नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सीधे विद्यार्थियों को सौंपी जाएगी। ईको क्लब्स के माध्यम से पौधों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सामुदायिक पर्यावरण प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि पौधरोपण एक औपचारिक आयोजन न बनकर दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रतिबद्धता बने।
रचनात्मक प्रतियोगिताएँ और विशेष कार्यक्रम
जुलाई के दौरान विद्यालयों में पोस्टर, स्लोगन, कोलाज, स्वतंत्र लेखन और वाद-विवाद जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। प्रकृति भ्रमण के जरिए विद्यार्थियों को स्थानीय जैव विविधता, पौधों और प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया जाएगा। दूसरे शनिवार को विशेष पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम होंगे और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
आगे की राह
यह कैलेंडर उत्तर प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पर्यावरण शिक्षा को पाठ्यक्रम से जोड़कर व्यावहारिक धरातल पर उतारा जा रहा है। आने वाले महीनों में इस अभियान का विस्तार और अधिक विद्यालयों तक किए जाने की संभावना है, जो राज्य की हरित प्रतिबद्धता को नई ऊँचाई देगा।