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डीएमके नेता इलांगोवन बोले — सोनिया गांधी के संस्मरणों में BJP-RSS का जिक्र स्वाभाविक

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डीएमके नेता इलांगोवन बोले — सोनिया गांधी के संस्मरणों में BJP-RSS का जिक्र स्वाभाविक

सारांश

DMK नेता इलांगोवन ने साफ कहा — सोनिया गांधी के संस्मरणों में BJP-RSS का जिक्र राजनीतिक रूप से अपरिहार्य है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने की BJP की रणनीति को 'चाल' करार दिया और ओबीसी वर्गीकरण पर राज्यों के अधिकार की पैरवी की।

मुख्य बातें

इलांगोवन ने 29 अगस्त को चेन्नई में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक की।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के संस्मरणों में BJP और RSS का उल्लेख स्वाभाविक है — यह किसी भी विपक्षी नेता की राजनीतिक यात्रा का हिस्सा होता है।
MDMK के सात-आठ विधायकों के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि मतदाता इन इस्तीफों से नाराज हैं।
महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को उन्होंने BJP की 'राजनीतिक चाल' बताया; DMK और कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थक रहे हैं।
पंजाब में OBC आरक्षण मात्र 4% का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग तय करने का अधिकार राज्य सरकारों के पास होना चाहिए।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता टी. के. एस. इलांगोवन ने 29 अगस्त को चेन्नई में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संभावित संस्मरणों, महिला आरक्षण विधेयक और विधायकों के इस्तीफे के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विपक्षी नेता के संस्मरणों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का उल्लेख होना राजनीतिक रूप से स्वाभाविक है।

सोनिया गांधी के संस्मरणों पर इलांगोवन का बयान

इलांगोवन ने कहा, 'सोनिया गांधी एक राजनीतिक नेता हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनकी यादों या संस्मरणों में निश्चित रूप से BJP और RSS का जिक्र होगा — यही वह मुख्य मुद्दा है जिसका सामना कांग्रेस कर रही है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यदि कोई DMK नेताओं के बारे में संस्मरण लिखे, या कम्युनिस्ट नेता अपनी आत्मकथा लिखें, तो वे भी RSS और BJP की आलोचना अवश्य करेंगे।

गौरतलब है कि यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जब सोनिया गांधी के संभावित संस्मरणों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और सत्तारूढ़ दल की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।

विधायकों के इस्तीफे पर DMK की स्थिति

इलांगोवन ने MDMK के दो विधायकों के मामले का हवाला देते हुए कहा कि जब विधायक इस्तीफा देते हैं, तो मतदाता सीधे प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि जिन दो MDMK विधायकों ने DMK के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था, उन्हें इस्तीफे के लिए कहा गया था, किंतु उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि उनके क्षेत्र के मतदाता उनका इस्तीफा नहीं चाहते।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने उन्हें चुना था और वे चाहते थे कि वे अपने प्रतिनिधि के रूप में काम करते रहें। उनके अनुसार, अब मतदाता उन सात या आठ विधायकों से नाराज हैं जिन्होंने इस्तीफा दे दिया।

ओबीसी आरक्षण और सामाजिक न्याय

सामाजिक न्याय के प्रश्न पर इलांगोवन ने कहा कि उनकी राय में केवल राज्य सरकारें ही यह तय कर सकती हैं कि कौन पिछड़े वर्गों में आता है, क्योंकि हर राज्य की सामाजिक बनावट भिन्न होती है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि पंजाब में OBC के लिए आरक्षण मात्र 4 प्रतिशत है, क्योंकि वहाँ की सामाजिक संरचना अलग है और आरक्षण का लाभ मुख्यतः उस हिंदू आबादी को मिलता है जो पंजाब की कुल आबादी का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा है।

महिला आरक्षण और परिसीमन विवाद

महिला आरक्षण के मुद्दे पर इलांगोवन ने BJP पर आरोप लगाया कि वह परिसीमन को महिला आरक्षण के साथ जानबूझकर जोड़ रही है ताकि परिसीमन का विरोध करने वालों को महिला आरक्षण विरोधी दिखाया जा सके। उन्होंने कहा, 'यह BJP की एक चाल है।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि DMK और कांग्रेस दोनों महिला आरक्षण के समर्थक रहे हैं। जब पहली बार महिला आरक्षण विधेयक पास हुआ था, तब DMK ने उसका समर्थन किया था और यह विधेयक मूल रूप से कांग्रेस ने पेश किया था। उन्होंने कहा कि उनका विरोध महिला आरक्षण से नहीं, बल्कि प्रस्तावित परिसीमन और सीटों की उस संख्या से है जिसका सुझाव दिया जा रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन को लेकर विपक्षी दलों और केंद्र सरकार के बीच तनाव बना हुआ है। आगे संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर नई बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह विपक्षी एकजुटता की एक सुविचारित कोशिश है — ऐसे वक्त में जब 'INDIA' गठबंधन के भीतर तनाव की खबरें आती रहती हैं। महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग करने की उनकी माँग तर्कसंगत है, लेकिन DMK के अपने राज्य तमिलनाडु में महिला प्रतिनिधित्व के आँकड़े इस दावे को कितना बल देते हैं, यह सवाल अनुत्तरित रहता है। OBC वर्गीकरण पर राज्यों के अधिकार की वकालत दक्षिण भारतीय दलों की पुरानी माँग है, लेकिन इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति अभी भी दिखती नहीं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टी. के. एस. इलांगोवन ने सोनिया गांधी के संस्मरणों पर क्या कहा?
इलांगोवन ने कहा कि सोनिया गांधी एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता हैं, इसलिए उनके संस्मरणों में BJP और RSS का जिक्र होना स्वाभाविक है। उनके अनुसार, किसी भी विपक्षी नेता — चाहे DMK का हो या कम्युनिस्ट — के संस्मरणों में यही होगा।
DMK महिला आरक्षण विधेयक का विरोध क्यों कर रही है?
DMK महिला आरक्षण का विरोध नहीं करती — इलांगोवन ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने पहले महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया था। उनका विरोध महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने की BJP की रणनीति के खिलाफ है, जिसे उन्होंने राजनीतिक चाल बताया।
MDMK विधायकों के इस्तीफे पर DMK का क्या रुख है?
इलांगोवन ने कहा कि जो MDMK विधायक DMK के चुनाव चिह्न पर जीते थे, उन्होंने इस्तीफे से इनकार किया क्योंकि उनके मतदाता नहीं चाहते थे। उनके अनुसार, जिन सात-आठ विधायकों ने इस्तीफा दिया, उनसे अब मतदाता नाराज हैं।
OBC आरक्षण पर इलांगोवन का क्या मत है?
इलांगोवन का मानना है कि OBC की पहचान और आरक्षण का अधिकार राज्य सरकारों के पास होना चाहिए, क्योंकि हर राज्य की सामाजिक बनावट अलग है। उन्होंने पंजाब का उदाहरण दिया जहाँ OBC आरक्षण मात्र 4 प्रतिशत है।
महिला आरक्षण और परिसीमन को एक साथ क्यों जोड़ा जा रहा है?
इलांगोवन के अनुसार, BJP जानबूझकर परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़ रही है ताकि परिसीमन का विरोध करने वालों को महिला विरोधी दिखाया जा सके। DMK और कांग्रेस का विरोध परिसीमन की शर्तों और सीट संख्या के सुझाव को लेकर है, न कि महिला आरक्षण के सिद्धांत को लेकर।
राष्ट्र प्रेस
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