डीएमके नेता इलांगोवन बोले — सोनिया गांधी के संस्मरणों में BJP-RSS का जिक्र स्वाभाविक
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता टी. के. एस. इलांगोवन ने 29 अगस्त को चेन्नई में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संभावित संस्मरणों, महिला आरक्षण विधेयक और विधायकों के इस्तीफे के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विपक्षी नेता के संस्मरणों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का उल्लेख होना राजनीतिक रूप से स्वाभाविक है।
सोनिया गांधी के संस्मरणों पर इलांगोवन का बयान
इलांगोवन ने कहा, 'सोनिया गांधी एक राजनीतिक नेता हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनकी यादों या संस्मरणों में निश्चित रूप से BJP और RSS का जिक्र होगा — यही वह मुख्य मुद्दा है जिसका सामना कांग्रेस कर रही है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यदि कोई DMK नेताओं के बारे में संस्मरण लिखे, या कम्युनिस्ट नेता अपनी आत्मकथा लिखें, तो वे भी RSS और BJP की आलोचना अवश्य करेंगे।
गौरतलब है कि यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जब सोनिया गांधी के संभावित संस्मरणों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और सत्तारूढ़ दल की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।
विधायकों के इस्तीफे पर DMK की स्थिति
इलांगोवन ने MDMK के दो विधायकों के मामले का हवाला देते हुए कहा कि जब विधायक इस्तीफा देते हैं, तो मतदाता सीधे प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि जिन दो MDMK विधायकों ने DMK के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था, उन्हें इस्तीफे के लिए कहा गया था, किंतु उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि उनके क्षेत्र के मतदाता उनका इस्तीफा नहीं चाहते।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने उन्हें चुना था और वे चाहते थे कि वे अपने प्रतिनिधि के रूप में काम करते रहें। उनके अनुसार, अब मतदाता उन सात या आठ विधायकों से नाराज हैं जिन्होंने इस्तीफा दे दिया।
ओबीसी आरक्षण और सामाजिक न्याय
सामाजिक न्याय के प्रश्न पर इलांगोवन ने कहा कि उनकी राय में केवल राज्य सरकारें ही यह तय कर सकती हैं कि कौन पिछड़े वर्गों में आता है, क्योंकि हर राज्य की सामाजिक बनावट भिन्न होती है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि पंजाब में OBC के लिए आरक्षण मात्र 4 प्रतिशत है, क्योंकि वहाँ की सामाजिक संरचना अलग है और आरक्षण का लाभ मुख्यतः उस हिंदू आबादी को मिलता है जो पंजाब की कुल आबादी का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा है।
महिला आरक्षण और परिसीमन विवाद
महिला आरक्षण के मुद्दे पर इलांगोवन ने BJP पर आरोप लगाया कि वह परिसीमन को महिला आरक्षण के साथ जानबूझकर जोड़ रही है ताकि परिसीमन का विरोध करने वालों को महिला आरक्षण विरोधी दिखाया जा सके। उन्होंने कहा, 'यह BJP की एक चाल है।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि DMK और कांग्रेस दोनों महिला आरक्षण के समर्थक रहे हैं। जब पहली बार महिला आरक्षण विधेयक पास हुआ था, तब DMK ने उसका समर्थन किया था और यह विधेयक मूल रूप से कांग्रेस ने पेश किया था। उन्होंने कहा कि उनका विरोध महिला आरक्षण से नहीं, बल्कि प्रस्तावित परिसीमन और सीटों की उस संख्या से है जिसका सुझाव दिया जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन को लेकर विपक्षी दलों और केंद्र सरकार के बीच तनाव बना हुआ है। आगे संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर नई बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।