बालाघाट PWD कार्यपालन यंत्री पर EOW का छापा, ₹11 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति उजागर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में तैनात लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 3 सितंबर को बड़ी छापेमारी की, जिसमें अब तक ₹11 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति सामने आई है। EOW जबलपुर की तीन अलग-अलग टीमों ने छिंदवाड़ा, बालाघाट और भोपाल स्थित आवासों पर एक साथ सुबह 6 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
मामले की पृष्ठभूमि
अधिकारियों के अनुसार, कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ भ्रष्टाचार के ज़रिए करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने की शिकायत EOW को प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर EOW जबलपुर ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया और तत्काल छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।
छापेमारी में मिली संपत्तियाँ
छिंदवाड़ा स्थित आवास पर सर्च के दौरान ₹3 करोड़ की भूमि एवं मकान, ₹7.50 लाख नकद, ₹1 करोड़ का घरेलू सामान, 350 ग्राम सोने के आभूषण (अनुमानित मूल्य ₹52 लाख), ₹1.20 लाख के चाँदी के आभूषण, ₹22 लाख की महिन्द्रा XUV 700, ₹27 लाख की नई महिन्द्रा स्कॉर्पियो, तीन मोटरसाइकिलें (₹4 लाख) और ₹1.50 करोड़ का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स मिला।
छिंदवाड़ा के फार्म हाउस पर ₹2 करोड़ की भूमि एवं निर्माण, ₹8 लाख का महिन्द्रा ट्रैक्टर, ₹1.50 लाख की ट्रॉली और ₹5 लाख के अन्य कृषि उपकरण पाए गए। बालाघाट के शासकीय आवास से ₹2.50 लाख नकद बरामद हुए, जबकि भोपाल स्थित आवास से ₹2 करोड़ की भूमि एवं मकान और ₹3.50 लाख का घरेलू सामान मिला।
बैंक खातों की जाँच जारी
जाँचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में 12 खाते संचालित पाए गए हैं। इन खातों में जमा राशि की जाँच अभी जारी है और अंतिम आँकड़ा अभी सामने आना बाकी है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों का कहना है कि फार्म हाउस और अन्य परिसरों पर सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। दस्तावेज़ों, आभूषणों, बैंक खातों और लॉकरों की विस्तृत जाँच के बाद संपत्ति का कुल आँकड़ा ₹11 करोड़ से अधिक हो सकता है। यह मामला मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ EOW की बढ़ती कार्रवाइयों की श्रृंखला में एक और कड़ी है।