11 अगस्त 2026
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दिल्ली फायर अमेंडमेंट बिल: आशीष सूद बोले — एनओसी प्रक्रिया सरल बनाना जरूरी, AAP पर लगाए आरोप

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दिल्ली फायर अमेंडमेंट बिल: आशीष सूद बोले — एनओसी प्रक्रिया सरल बनाना जरूरी, AAP पर लगाए आरोप

सारांश

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने फायर अमेंडमेंट बिल को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जोड़ते हुए नेशनल बिल्डिंग कोड हटाने का तर्क दिया। साथ ही 2020 के दिल्ली दंगों में कथित 'टूलकिट' और अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव पर विधानसभा में चर्चा की माँग की और AAP पर राजनीतिक ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

आशीष सूद ने 11 अगस्त को दिल्ली फायर अमेंडमेंट बिल का बचाव करते हुए कहा कि नेशनल बिल्डिंग कोड को एनओसी प्रक्रिया से हटाया जाना जरूरी है।
प्रस्तावित बदलाव से फायर एनओसी केवल बिल्डिंग बायलॉज के आधार पर दी जाएगी, जिससे व्यावहारिक अड़चनें कम होंगी।
मंत्री ने 2020 के दिल्ली दंगों में कथित 'टूलकिट' और ताहिर हुसैन से जुड़े नैरेटिव पर विधानसभा में चर्चा की माँग की।
डीयूएसआईबी बिल को पिछले 19 वर्षों में बनी झुग्गियों के निवासियों के लिए बेहतर आवास से जोड़ा गया।
आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप लगाया कि वह गैर-महत्वपूर्ण मुद्दों से सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने 11 अगस्त 2026 को दिल्ली फायर अमेंडमेंट बिल के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि फायर एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम केंद्र सरकार के डी-रेगुलेशन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के एजेंडे के अनुरूप है। साथ ही, उन्होंने दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी) बिल और 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े राजनीतिक विवाद पर भी सरकार का पक्ष रखा।

फायर एनओसी प्रक्रिया में क्या बदलाव प्रस्तावित है

सूद ने बताया कि मौजूदा कानून में फायर एनओसी के लिए बिल्डिंग बायलॉज के साथ-साथ नेशनल बिल्डिंग कोड का भी उल्लेख है, जिससे व्यावहारिक अड़चनें पैदा होती हैं। प्रस्तावित संशोधन में नेशनल बिल्डिंग कोड को हटाकर केवल बिल्डिंग बायलॉज को आधार बनाने की बात है।

उनके अनुसार, दिल्ली में जब भी नया मास्टर प्लान या नए बिल्डिंग बायलॉज लागू होंगे, उन्हीं के आधार पर निर्मित इमारतों के लिए फायर एनओसी की प्रक्रिया संचालित होगी। इससे एनओसी हासिल करने में लगने वाला समय और जटिलता दोनों कम होंगे।

आम जनता और व्यापारियों पर असर

मंत्री ने कहा कि इस सरलीकरण से आम जनता को सीधी राहत मिलेगी और फायर विभाग की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी। व्यापार जगत के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि अनावश्यक नियामक बाधाएँ दूर होने से दिल्ली में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बल मिलेगा।

दिल्ली दंगे और कथित 'टूलकिट' पर बयान

2020 के दिल्ली दंगों के संदर्भ में सूद ने कहा कि कथित 'टूलकिट' के इस्तेमाल, विक्टिमहुड के नैरेटिव और भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित करने के प्रयासों पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए।

अंकित शर्मा की हत्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विषय को केवल सजा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए — कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, नैरेटिव और राजनीतिक गतिविधियों पर भी चर्चा जरूरी है। मंत्री ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन के समर्थन में कथित 'विक्टिमहुड' का नैरेटिव तैयार किया गया।

डीयूएसआईबी बिल और झुग्गीवासियों का सवाल

सूद ने कहा कि पिछले 19 वर्षों में बनी नई झुग्गियों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार झुग्गीवासियों के हित में काम कर रही है, तो आम आदमी पार्टी (AAP) इसका विरोध क्यों कर रही है।

मंत्री का दावा है कि AAP साइकिल, चावल और दवाइयों जैसे गैर-महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाकर सरकार का ध्यान भटकाने की कोशिश करती है, क्योंकि उसे अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है।

विपक्ष पर तीखा हमला

आशीष सूद ने तंज कसते हुए कहा कि यदि पाँच साल बाद विपक्ष राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बना रहा, तभी यह तय होगा कि उसके सवालों का जवाब देना है या नहीं। उनके अनुसार, कुछ मामलों में कथित तौर पर अपने लोगों या कंपनियों के माध्यम से शिकायतें करवाकर राजनीतिक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। इन बयानों पर AAP की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली नीतिगत बहस को राजनीतिक शोर में दबाने का जोखिम उठाता है। डीयूएसआईबी बिल पर भी विस्तृत संसदीय चर्चा की जरूरत थी जो कथित तौर पर नहीं हुई — यह सवाल खुला है कि झुग्गीवासियों को वास्तव में क्या और कब मिलेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली फायर अमेंडमेंट बिल में क्या बदलाव प्रस्तावित है?
इस बिल में फायर एनओसी की प्रक्रिया से नेशनल बिल्डिंग कोड को हटाकर केवल बिल्डिंग बायलॉज को आधार बनाने का प्रस्ताव है। इससे एनओसी हासिल करना आसान और तेज होगा तथा दिल्ली में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।
इस बिल से आम जनता को क्या फायदा होगा?
प्रक्रिया सरल होने से व्यापारियों और भवन मालिकों को फायर एनओसी लेने में कम अड़चनें आएंगी। फायर विभाग की कार्यप्रणाली भी तेज होगी और नए मास्टर प्लान या बायलॉज के अनुसार निर्मित इमारतों के लिए एनओसी की प्रक्रिया स्वतः अपडेट होती रहेगी।
डीयूएसआईबी बिल का झुग्गीवासियों से क्या संबंध है?
मंत्री आशीष सूद के अनुसार, पिछले 19 वर्षों में बनी नई झुग्गियों के निवासियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना इस बिल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने AAP पर आरोप लगाया कि वह इस जनहितकारी कदम का राजनीतिक कारणों से विरोध कर रही है।
आशीष सूद ने दिल्ली दंगों पर क्या कहा?
सूद ने कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों में कथित 'टूलकिट' के इस्तेमाल, विक्टिमहुड के नैरेटिव और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित करने के प्रयासों पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर भी बहस की माँग की।
AAP ने इन बिलों पर क्या रुख अपनाया?
मंत्री सूद के अनुसार, आम आदमी पार्टी इन बिलों का विरोध कर रही है और साइकिल, चावल व दवाइयों जैसे मुद्दों से सरकार का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। हालाँकि, AAP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल सामने नहीं आई।
राष्ट्र प्रेस
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