21 जुलाई 2026
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गौतमबुद्धनगर: फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ की ठगी का वांछित आरोपी शशिरंजन प्रसून गिरफ्तार

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गौतमबुद्धनगर: फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ की ठगी का वांछित आरोपी शशिरंजन प्रसून गिरफ्तार

सारांश

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के वांछित सदस्य शशिरंजन प्रसून को गाजियाबाद के लालकुआं से दबोचा। इस गिरोह के खिलाफ अब तक 9 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और जाँच जारी है।

मुख्य बातें

थाना जारचा पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को वांछित आरोपी शशिरंजन प्रसून को गाजियाबाद के लालकुआं से गिरफ्तार किया।
आरोपी पर फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने और पीड़ित से ₹3 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप है।
इस गिरोह के खिलाफ अभियान में अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
आरोपी मूल रूप से करमनटोला, जिला भोजपुर (बिहार) का निवासी है और उम्र करीब 54 वर्ष है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के शेष सदस्यों और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना जारचा पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से ₹3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक प्रमुख वांछित सदस्य को गिरफ्तार किया है। लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग के समन्वित प्रयास से शशिरंजन प्रसून (उम्र करीब 54 वर्ष) को गाजियाबाद के लालकुआं क्षेत्र से दबोचा गया, जो लंबे समय से फरार था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, सोमवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। शशिरंजन प्रसून मूल रूप से करमनटोला, जिला भोजपुर (बिहार) का निवासी है। उस पर अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने और पीड़ित से ₹3 करोड़ से अधिक की ठगी करने का आरोप है। थाना जारचा में इस गिरोह के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं और सभी में आरोपी वांछित चल रहा था।

गिरोह पर कार्रवाई का दायरा

जाँच में सामने आया है कि इस गिरोह ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को धोखे में रखा और संपत्ति लेनदेन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे गिरोह के खिलाफ पहले से ही अभियान जारी है और अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शशिरंजन प्रसून इस क्रम में नवीनतम गिरफ्तारी है।

पूछताछ और आगे की जाँच

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ कर गिरोह के शेष सदस्यों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क और ठगी से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब गौतमबुद्धनगर और आसपास के क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

पुलिस की नागरिकों से अपील

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले सभी दस्तावेजों की विधिवत जाँच कराएँ और केवल अधिकृत माध्यमों से ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करें। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशिरंजन प्रसून को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
शशिरंजन प्रसून को गाजियाबाद के लालकुआं क्षेत्र से लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से 20 जुलाई 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया। वह लंबे समय से फरार था और थाना जारचा में दर्ज कई मुकदमों में वांछित था।
फर्जी रजिस्ट्री गिरोह ने क्या तरीका अपनाया?
आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराई और पीड़ित से ₹3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की। संपत्ति खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों को ठगने का यह संगठित नेटवर्क था।
इस गिरोह के खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी है?
पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ पहले से ही अभियान जारी है और शशिरंजन प्रसून सहित अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। थाना जारचा में इस मामले में कई मुकदमे दर्ज हैं।
संपत्ति खरीदते समय फर्जीवाड़े से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले सभी दस्तावेजों की विधिवत जाँच कराएँ और केवल अधिकृत माध्यमों से ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करें। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
आगे जाँच में पुलिस क्या पता लगाने की कोशिश कर रही है?
पुलिस गिरफ्तार आरोपी शशिरंजन प्रसून से पूछताछ कर गिरोह के शेष सदस्यों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क और ठगी से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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