गौतमबुद्धनगर: फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ की ठगी का वांछित आरोपी शशिरंजन प्रसून गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना जारचा पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से ₹3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक प्रमुख वांछित सदस्य को गिरफ्तार किया है। लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग के समन्वित प्रयास से शशिरंजन प्रसून (उम्र करीब 54 वर्ष) को गाजियाबाद के लालकुआं क्षेत्र से दबोचा गया, जो लंबे समय से फरार था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, सोमवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। शशिरंजन प्रसून मूल रूप से करमनटोला, जिला भोजपुर (बिहार) का निवासी है। उस पर अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने और पीड़ित से ₹3 करोड़ से अधिक की ठगी करने का आरोप है। थाना जारचा में इस गिरोह के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं और सभी में आरोपी वांछित चल रहा था।
गिरोह पर कार्रवाई का दायरा
जाँच में सामने आया है कि इस गिरोह ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को धोखे में रखा और संपत्ति लेनदेन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे गिरोह के खिलाफ पहले से ही अभियान जारी है और अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शशिरंजन प्रसून इस क्रम में नवीनतम गिरफ्तारी है।
पूछताछ और आगे की जाँच
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ कर गिरोह के शेष सदस्यों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क और ठगी से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब गौतमबुद्धनगर और आसपास के क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
पुलिस की नागरिकों से अपील
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले सभी दस्तावेजों की विधिवत जाँच कराएँ और केवल अधिकृत माध्यमों से ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करें। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है।