जीडीपी के आँकड़े आम आदमी की थाली नहीं भरते — चीनी, पेट्रोल, एलपीजी महंगे: राजेश राम
सारांश
मुख्य बातें
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 1 सितंबर को केंद्र और राज्य सरकार पर दोहरे मोर्चे पर हमला बोला — एक तरफ बिहार के वित्त रहित शिक्षकों के वेतन और अनुदान के मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी, तो दूसरी तरफ जीडीपी वृद्धि के आँकड़ों को आम जनता की आर्थिक बदहाली का पर्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब चीनी, एलपीजी, पेट्रोल-डीजल जैसी बुनियादी ज़रूरतें आम आदमी की पहुँच से बाहर हों, तो विकास दर के दावे खोखले लगते हैं।
वित्त रहित शिक्षकों पर आंदोलन की तैयारी
राजेश राम ने कहा कि 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के नेतृत्व में वित्त रहित शिक्षकों की व्यवस्था इसलिए लाई गई थी क्योंकि उस दौर में कॉलेजों और विद्यालयों की भारी कमी थी और शिक्षा को दूरदराज तक पहुँचाना ज़रूरी था। उन्होंने कहा, 'आज सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है, लेकिन वित्त रहित शिक्षकों के वेतन और अनुदान पर चर्चा नहीं होती।' कांग्रेस ने माँग की है कि इन शिक्षकों का बकाया वेतन और अनुदान तत्काल जारी किया जाए, अन्यथा पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी।
महंगाई पर केंद्र सरकार को घेरा
राजेश राम ने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन तो मिले, लेकिन एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के चलते अब उन्हीं परिवारों के लिए सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि गैस, चीनी और प्याज जैसी नित्य-उपयोगी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी की रसोई पर सीधा असर डाला है। बिहार से रोज़गार की तलाश में बाहर जाने वाले प्रवासी मज़दूरों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में आय और रोज़गार के पर्याप्त अवसर न होने से आर्थिक दबाव और गहरा हो रहा है।
जीडीपी आँकड़ों पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जीडीपी वृद्धि संबंधी बयानों पर राजेश राम ने कहा कि केवल आँकड़ों के बढ़ने से आम जनता की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं मानी जा सकती। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी के फ़ैसलों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि इन नीतियों के बाद छोटे कारोबारियों और असंगठित क्षेत्र पर बोझ बढ़ा। उनके अनुसार, 'उत्पादन और निवेश बढ़ाने के बजाय कीमतों और करों के बढ़ने से आर्थिक वृद्धि के आँकड़े मज़बूत दिखाई देना वास्तविक आर्थिक मज़बूती का प्रमाण नहीं है।'
विपक्ष की भूमिका और राहुल गांधी के मुद्दे
राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जिन मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं, उनमें से कई बाद में गंभीर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बने। उन्होंने कहा कि विपक्ष का संवैधानिक दायित्व सरकार से जवाब माँगना है और सरकार को बयानबाज़ी के बजाय संसद में इन सवालों का ठोस उत्तर देना चाहिए।
आर्थिक विकास का असली पैमाना
राजेश राम ने कहा कि आर्थिक विकास का वास्तविक मापदंड यह होना चाहिए कि आम नागरिक की आय बढ़े, रोज़गार के अवसर सुलभ हों और ज़रूरी वस्तुएँ उसकी क्रय-शक्ति के भीतर रहें। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा आर्थिक नीतियाँ इन बुनियादी प्राथमिकताओं पर खरी नहीं उतरतीं। यह देखना होगा कि सरकार इन आरोपों का जवाब नीतिगत बदलाव से देती है या केवल आँकड़ों से।