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जीएचएडीसी फंड घोटाला: ईडी ने पूर्व एमडीसी इस्माइल मारक की ₹40 लाख की संपत्ति जब्त की

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जीएचएडीसी फंड घोटाला: ईडी ने पूर्व एमडीसी इस्माइल मारक की ₹40 लाख की संपत्ति जब्त की

सारांश

मेघालय के जीएचएडीसी डेवलपमेंट फंड घोटाले में ईडी ने पूर्व एमडीसी इस्माइल मारक की ₹40 लाख की संपत्ति जब्त की है। जांच में ₹52.60 लाख की अपराध-जनित आय सामने आई — जाली हस्ताक्षर, अधूरे प्रोजेक्ट और नियमों के उल्लंघन का यह मामला जनजातीय निधियों के दुरुपयोग की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत पूर्व एमडीसी इस्माइल आर.
मारक की ₹40 लाख मूल्य की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की।
जांच में कुल ₹52.60 लाख की अपराध-जनित आय का पता चला — ₹19.60 लाख मारक को नकद और ₹33 लाख पत्नी प्रतिभा मारक को बैंक ट्रांसफर से मिले।
जीएचएडीसी को मिले ₹28.66 करोड़ के ग्रांट में से ₹1 करोड़ के 49 प्रोजेक्ट्स पर कभी काम नहीं हुआ; कथित तौर पर जाली हस्ताक्षरों से वर्क ऑर्डर लिए गए।
मेघालय फाइनेंशियल रूल्स 1981 का उल्लंघन करते हुए ठेकेदारों को कार्य लागत का 60% एडवांस दिया गया।
इससे पहले 4 दिसंबर 2025 को तलाशी और ₹16.38 लाख के बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं; आगे की जांच जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिलांग सब-जोनल ऑफिस ने मेघालय में गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) के डेवलपमेंट फंड के दुरुपयोग मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत ₹40 लाख मूल्य की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह संपत्ति जीएचएडीसी के 16-आसानंग निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व डिस्ट्रिक्ट काउंसिल सदस्य (एमडीसी) इस्माइल आर. मारक के नाम पर दर्ज है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह जांच 18 अप्रैल 2023 को वेस्ट गारो हिल्स, तुरा की स्पेशल जज की अदालत में दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी। यह चार्जशीट प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 7ए, 12 और 13 के तहत दर्ज अपराधों से संबंधित थी और मेघालय लोकायुक्त की शिकायत से जुड़ी थी।

जांच में सामने आया कि जीएचएडीसी को 'एक्सक्लूडेड एरियाज के लिए ग्रांट' के रूप में मिले लगभग ₹28.66 करोड़ में से ₹1 करोड़ की राशि 16-आसानंग निर्वाचन क्षेत्र में 49 डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए आवंटित की गई थी।

कथित अनियमितताएँ और गबन

मेघालय फाइनेंशियल रूल्स 1981 का उल्लंघन करते हुए दो ठेकेदारों — कुबोन संगमा और निकसेंग संगमा — को कार्य की लागत का 60 प्रतिशत एडवांस के रूप में जारी किया गया। जांच के अनुसार ये वर्क ऑर्डर कथित तौर पर जाली हस्ताक्षरों के आधार पर हासिल किए गए थे और संबंधित परियोजनाओं पर कभी कार्य ही नहीं हुआ। जारी धनराशि का बाद में गबन कर लिया गया।

अपराध से हुई कमाई का ब्यौरा

पीएमएलए के तहत ईडी की जांच में ₹52.60 लाख की अपराध-जनित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता चला है। इसमें से ₹19.60 लाख नकद के रूप में इस्माइल आर. मारक को और ₹33 लाख बैंक ट्रांसफर के माध्यम से उनकी पत्नी प्रतिभा मारक को ठेकेदारों के खातों के ज़रिए भेजे गए।

पूर्व में की गई कार्रवाई

इस मामले में 4 दिसंबर 2025 को तलाशी ली गई थी। इससे पहले पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत ₹16.38 लाख के बैंक खाता शेष को फ्रीज किया गया था, जिसकी पुष्टि एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भी कर दी थी। अब जब्त की गई अचल संपत्ति को अपराध-जनित आय के समतुल्य मूल्य के रूप में रखा जा रहा है, जो पता लगाई गई कुल अपराध-जनित आय से अधिक नहीं है।

आगे की जांच जारी

ईडी के अनुसार इस मामले से संबंधित जांच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला मेघालय में जनजातीय स्वायत्त परिषद निधियों के कथित दुरुपयोग की व्यापक समस्या की ओर भी ध्यान दिलाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत मिलीभगत का संकेत है। असली सवाल यह है कि शेष ₹27 करोड़ से अधिक की राशि का क्या हुआ, और क्या जांच उन तक भी पहुँचेगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएचएडीसी फंड घोटाला क्या है?
यह मेघालय की गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) के डेवलपमेंट फंड के कथित दुरुपयोग का मामला है, जिसमें 'एक्सक्लूडेड एरियाज के लिए ग्रांट' से आवंटित धनराशि का गबन किया गया। जांच में सामने आया कि 49 विकास परियोजनाओं पर कभी काम नहीं हुआ और जाली हस्ताक्षरों से वर्क ऑर्डर हासिल किए गए।
ईडी ने किसकी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने जीएचएडीसी के 16-आसानंग निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व डिस्ट्रिक्ट काउंसिल सदस्य इस्माइल आर. मारक के नाम पर दर्ज ₹40 लाख मूल्य की अचल संपत्ति को पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से जब्त किया है।
इस मामले में अपराध से कितनी कमाई हुई?
पीएमएलए जांच में ₹52.60 लाख की अपराध-जनित आय का पता चला है। इसमें ₹19.60 लाख इस्माइल आर. मारक को नकद और ₹33 लाख उनकी पत्नी प्रतिभा मारक को बैंक ट्रांसफर के ज़रिए मिले।
ईडी ने यह जांच कब और किस आधार पर शुरू की?
ईडी ने यह जांच 18 अप्रैल 2023 को तुरा की स्पेशल जज की अदालत में दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की, जो मेघालय लोकायुक्त की शिकायत से जुड़ी थी। चार्जशीट प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 7ए, 12 और 13 के तहत दर्ज अपराधों पर आधारित थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी के अनुसार इस मामले में आगे की जांच जारी है। इससे पहले 4 दिसंबर 2025 को तलाशी ली जा चुकी है और ₹16.38 लाख के बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं, जिनकी पुष्टि एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भी की है।
राष्ट्र प्रेस
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