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गोंडा में एफएसडीए की छापेमारी: तीन अवैध गोदामों से ₹1.13 करोड़ की नशीली दवाएं जब्त, एक गिरफ्तार

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गोंडा में एफएसडीए की छापेमारी: तीन अवैध गोदामों से ₹1.13 करोड़ की नशीली दवाएं जब्त, एक गिरफ्तार

सारांश

गोंडा में एफएसडीए की तीन दिवसीय छापेमारी ने अवैध दवा नेटवर्क की परतें उघाड़ीं — ₹1.13 करोड़ की नशीली दवाएं, तीन बिना लाइसेंस के गोदाम, और एक फर्म जो अपने पंजीकृत पते पर थी ही नहीं। एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी फरार।

मुख्य बातें

एफएसडीए ने 16 से 18 जुलाई 2025 के बीच गोंडा के बरियारपुरवा और बड़गांव क्षेत्र में तीन अवैध गोदामों पर छापा मारा।
जब्त दवाओं का अनुमानित मूल्य ₹1.13 करोड़ ; इनमें 1.96 लाख ट्रामाडोल इंजेक्शन , 60 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट और 63 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप शामिल।
शिवम कसौधन गिरफ्तार; मुख्य आरोपी अमन कसौधन फरार, पुलिस तलाश में।
दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत थाना कोतवाली नगर, गोंडा में एफआईआर दर्ज।
19 दवाओं के नमूने गुणवत्ता जाँच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए; लैब रिपोर्ट के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत अतिरिक्त कार्रवाई होगी।
अभियान में नौ जिलों के औषधि निरीक्षक और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने 16 से 18 जुलाई 2025 के बीच चलाए गए तीन दिवसीय अभियान में बिना लाइसेंस संचालित तीन अवैध गोदामों पर छापा मारकर ₹1.13 करोड़ मूल्य की नारकोटिक्स और अन्य एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं। इस कार्रवाई में शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अमन कसौधन फरार है और उसकी तलाश जारी है।

अभियान की पृष्ठभूमि और कार्रवाई का विवरण

एफएसडीए मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर एकत्र अभिसूचना के आधार पर गोंडा के बरियारपुरवा सोनार गली और बड़गांव क्षेत्र में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। इस संयुक्त अभियान में नौ जिलों के औषधि निरीक्षक और स्थानीय पुलिस शामिल रहे। जाँच के दौरान गोंडा-बलरामपुर रोड स्थित जयनगरा, बड़गांव में पंजीकृत अमन फार्मास्युटिकल्स अपने लाइसेंस वाले पते पर संचालित नहीं मिली।

पूछताछ के बाद टीम संचालक अमन कसौधन के घर पहुँची, जहाँ उसके भाई शिवम कसौधन ने स्वीकार किया कि वे बिना किसी वैध औषधि लाइसेंस के बरियारपुरवा स्थित गोदाम से दवा कारोबार कर रहे हैं। जाँच के दौरान दो अन्य अवैध गोदामों का भी पता चला, जहाँ भारी मात्रा में दवाएं भंडारित थीं। छापेमारी के दौरान संचालक दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई वैध अभिलेख, बिल या स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सके।

जब्त दवाओं का विवरण

कार्रवाई में कोडीन फॉस्फेट सिरप, ट्रामाडोल इंजेक्शन और अल्प्राजोलम टैबलेट समेत बड़ी मात्रा में मनःप्रभावी और नशीली दवाएं बरामद की गईं। जब्त सामग्री में करीब 1.96 लाख ट्रामाडोल इंजेक्शन, 60 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट, 63 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप के अलावा लाखों की संख्या में विभिन्न कैप्सूल और टैबलेट शामिल हैं। जब्त दवाओं का अनुमानित मूल्य ₹1.13 करोड़ आँका गया है। एफएसडीए ने 19 दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे हैं।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने शिवम कसौधन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अमन कसौधन फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एफएसडीए ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर, गोंडा में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आगे क्या होगा

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध और नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ इसी तरह के सख्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रवर्तन एजेंसियों को सक्रिय कर रही है। एफएसडीए की इस बहु-जिला संयुक्त कार्रवाई को अवैध फार्मा नेटवर्क के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नौ जिलों की संयुक्त टीम और ₹1.13 करोड़ की जब्ती — यह कार्रवाई संगठित अवैध फार्मा नेटवर्क की गहराई को उजागर करती है, जहाँ एक पंजीकृत फर्म अपने लाइसेंस पते पर थी ही नहीं। असली सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं का भंडारण बिना किसी सूचना के कितने समय तक चलता रहा। मुख्य आरोपी का फरार होना यह भी संकेत देता है कि नेटवर्क में पूर्व सूचना मिलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जब तक लैब रिपोर्ट और आपूर्ति श्रृंखला की जाँच पूरी नहीं होती, यह स्पष्ट नहीं होगा कि ये दवाएं किन बाजारों तक पहुँच रही थीं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोंडा में एफएसडीए की छापेमारी में क्या मिला?
एफएसडीए ने गोंडा के बरियारपुरवा और बड़गांव क्षेत्र में तीन अवैध गोदामों से ₹1.13 करोड़ मूल्य की नशीली और मनःप्रभावी दवाएं जब्त कीं। इनमें 1.96 लाख ट्रामाडोल इंजेक्शन, 60 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट और 63 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप शामिल हैं।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और मुख्य आरोपी कौन है?
इस मामले में शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी और अमन फार्मास्युटिकल्स के संचालक अमन कसौधन फरार हैं और पुलिस टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?
दोनों आरोपियों — अमन कसौधन और शिवम कसौधन — के खिलाफ थाना कोतवाली नगर, गोंडा में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। लैब रिपोर्ट आने के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत भी अतिरिक्त कार्रवाई होगी।
अमन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ क्या अनियमितताएं पाई गईं?
अमन फार्मास्युटिकल्स अपने पंजीकृत लाइसेंस पते — जयनगरा, बड़गांव, गोंडा-बलरामपुर रोड — पर संचालित नहीं मिली। इसके अलावा संचालक दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े कोई वैध बिल, अभिलेख या स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सके।
जब्त दवाओं की जाँच आगे कैसे होगी?
एफएसडीए ने 19 दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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